घाटमपुर में किसान की लाही की फसल जोतकर नष्ट करने का आरोप, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
रिपोर्ट- शुभम साहू
घाटमपुर (कानपुर नगर)। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब खेत में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने के आरोप तक पहुंच गया है। गुच्चूपुर गांव में एक किसान ने दो लोगों पर ट्रैक्टर से खेत में खड़ी लाही की फसल जोतकर नष्ट करने का आरोप लगाया है। किसान के मुताबिक, इस घटना में उसे करीब 50 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। मामले को लेकर पीड़ित ने उप जिलाधिकारी घाटमपुर से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, शिकायत का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
एक माह पहले की थी लाही की फसल की बुवाई
मिली जानकारी के अनुसार, वीरपुर गांव निवासी संजय सिंह पुत्र मोहन सिंह की जमीन घाटमपुर तहसील क्षेत्र के गुच्चूपुर गांव में स्थित है। संजय सिंह का कहना है कि उन्होंने लगभग एक माह पहले अपने खेत में लाही की फसल की बुवाई की थी। फसल धीरे-धीरे तैयार हो रही थी और उन्हें इससे अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। किसान के अनुसार, फसल की देखभाल और खेती में काफी मेहनत करने के बाद जब फसल तैयार होने की ओर बढ़ रही थी, तभी कथित तौर पर उसे नष्ट कर दिया गया।
ट्रैक्टर से फसल जोतने का लगाया आरोप
पीड़ित किसान द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, 2 नवंबर 2026 को दोपहर करीब एक बजे योगेश मानवानी पुत्र चंद्रपाल मानवानी निवासी दबौली, कानपुर तथा नफीस पुत्र शमशाद निवासी आशानगर, घाटमपुर कथित तौर पर खेत पर पहुंचे।
आरोप है कि दोनों लोगों ने ट्रैक्टर की मदद से खेत में खड़ी लाही की फसल को जोतकर नष्ट कर दिया। किसान का कहना है कि इस कार्रवाई से उसकी पूरी फसल बर्बाद हो गई। इसके चलते उसे लगभग 50 हजार रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
घटना के बाद पीड़ित किसान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। उसका कहना है कि खेती उसकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है और फसल नष्ट होने से उसे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जमीन को लेकर पहले से चल रहा है विवाद
शिकायतकर्ता संजय सिंह ने जमीन के पुराने विवाद का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर उनके पिता और विपक्षी पक्ष के बीच न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। अभी तक इस मामले में अदालत की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया है।
किसान का दावा है कि न्यायालय में मामला पहुंचने से पहले से ही संबंधित जमीन पर उसका कब्जा रहा है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष की ओर से कथित तौर पर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी विवाद के चलते खेत में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई है।
हालांकि, जमीन के स्वामित्व, कब्जे और फसल नष्ट किए जाने से जुड़े सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
एसडीएम ने दिए जांच कर कार्रवाई के निर्देश
पीड़ित संजय सिंह ने उप जिलाधिकारी घाटमपुर अविचल प्रताप सिंह को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने संबंधित मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर जांच के निर्देश मिलने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान जमीन से संबंधित दस्तावेजों, कब्जे की स्थिति और फसल को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की पड़ताल की जा सकती है। इसके साथ ही घटना के समय मौजूद परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के बयान भी मामले की वास्तविकता सामने लाने में महत्वपूर्ण होंगे।
अब देखना होगा कि जांच में किसान के आरोप कितने सही पाए जाते हैं और प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है। पीड़ित किसान ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर उसे हुए नुकसान के मामले में न्याय दिलाने की मांग की है।

