घाटमपुर में छत पर खेलते समय नीचे गिरे तीन मासूम बच्चे, हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर
रिपोर्ट- शुभम साहू
घाटमपुर (कानपुर नगर)। सजेती थाना क्षेत्र के धमना बुजुर्ग गांव में एक हादसे में तीन मासूम बच्चे छत से नीचे गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल कानपुर रेफर कर दिया गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद से परिजनों में चिंता का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, धमना बुजुर्ग गांव निवासी अमित कुमार का चार वर्षीय पुत्र युवान सिंह अपने घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान गांव के ही शिवबरन के तीन वर्षीय पुत्र प्रिंस गौतम और दो वर्षीय पुत्री रूही भी उसके साथ छत पर मौजूद थे। तीनों बच्चे आपस में खेल रहे थे। इसी बीच अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे छत से नीचे गिर पड़े।
बच्चों के गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे परिजन
बताया जा रहा है कि बच्चों के अचानक नीचे गिरने की आवाज सुनकर परिजन घबराकर मौके पर पहुंचे। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी एकत्र हो गए। परिजनों ने देखा कि तीनों बच्चे घायल अवस्था में पड़े थे। इसके बाद बिना देर किए उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घाटमपुर ले जाया गया।इस दौरान परिजन बच्चों को जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता दिलाने के प्रयास में जुटे रहे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तीनों बच्चों का प्राथमिक परीक्षण किया और आवश्यक उपचार शुरू किया।
प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल कानपुर रेफर
सीएचसी घाटमपुर में चिकित्सकों ने बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए तीनों को जिला अस्पताल कानपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन बच्चों को लेकर कानपुर रवाना हो गए।
हादसे के बाद से तीनों बच्चों के परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है। परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं, गांव के लोग भी घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।
छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
यह घटना एक बार फिर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है। अक्सर घरों में छोटे बच्चे खेलते समय छत, बालकनी या सीढ़ियों के आसपास पहुंच जाते हैं। ऐसे स्थानों पर थोड़ी सी असावधानी भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों को छत पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। इसके साथ ही छत की मुंडेर और रेलिंग की ऊंचाई पर्याप्त होनी चाहिए। दरवाजों पर सुरक्षा व्यवस्था रखने के साथ बच्चों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखना जरूरी है।
फिलहाल इस घटना में घायल तीनों बच्चों को बेहतर उपचार के लिए कानपुर जिला अस्पताल भेजा गया है। उनके स्वास्थ्य को लेकर परिजन और ग्रामीण चिंतित हैं। बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य की आगे की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

