मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: कानपुर में 89 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, विधायक सरोज कुरील ने दिया आशीर्वाद
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कानपुर नगर में शनिवार को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। हमीरपुर रोड स्थित कठेरुआ, बिधनू के क्षत्रिय पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में 89 जोड़े वैवाहिक जीवन के बंधन में बंधे। समारोह में खुशियों और उत्साह का माहौल देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि से आए नवविवाहित जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर घाटमपुर विधायक सरोज कुरील मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की। साथ ही उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में समानता, सहयोग और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह योजना बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
89 जोड़ों का सामाजिक एवं धार्मिक रीति-रिवाजों से हुआ विवाह
समारोह में अलग-अलग सामाजिक वर्गों के कुल 89 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 72 जोड़े, अन्य पिछड़ा वर्ग के 12 जोड़े, सामान्य वर्ग के दो जोड़े तथा अल्पसंख्यक वर्ग के तीन जोड़े शामिल रहे।
इस प्रकार सभी वर्गों की भागीदारी के साथ आयोजित इस समारोह ने सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग का संदेश दिया। विवाह कार्यक्रम में सभी जोड़ों के विवाह संबंधित सामाजिक एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराए गए। वहीं, नवविवाहित जोड़ों के परिजनों और रिश्तेदारों ने भी समारोह में शामिल होकर इस विशेष अवसर को यादगार बनाया।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिल रहा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का प्रमुख उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, निराश्रित और जरूरतमंद परिवारों की विवाह योग्य बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से सरकार ऐसे परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ ही सामाजिक स्तर पर सामूहिक विवाह की परंपरा को प्रोत्साहित कर रही है।
दरअसल, कई परिवार आर्थिक परिस्थितियों के कारण बेटियों के विवाह को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उनके लिए काफी मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित आर्थिक सहायता के साथ गृहस्थी की शुरुआत के लिए आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।
प्रत्येक जोड़े के लिए एक लाख रुपये का प्रावधान
जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने योजना के वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए कुल एक लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसमें 64 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे वधू के बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से भेजी जाती है। इससे लाभार्थी परिवारों को पारदर्शी तरीके से आर्थिक मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी की शुरुआत करने के उद्देश्य से 21 हजार रुपये मूल्य की उपहार सामग्री भी प्रदान की जाती है।
वहीं, विवाह समारोह के आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए प्रति जोड़ा 15 हजार रुपये व्यय का प्रावधान है। इसमें भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल हैं।
इस प्रकार योजना के तहत एक जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। कानपुर में आयोजित इस समारोह में शामिल सभी 89 जोड़ों के लिए कुल 89 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान रहा।
राधा-कृष्ण की रासलीला ने बांधा समां
विवाह समारोह को यादगार बनाने के लिए आयोजकों की ओर से पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस दौरान स्थानीय कलाकारों ने राधा-कृष्ण की रासलीला पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुति ने समारोह में मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
इसके साथ ही विवाह में शामिल नवदंपतियों और उनके परिजनों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल पर भोजन, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और प्रकाश सहित आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम किया गया था। सभी जोड़ों के विवाह धार्मिक एवं सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए गए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर पतारा ब्लॉक प्रमुख कोमल सिंह सेंगर, खंड विकास अधिकारी शिवनरेश, कार्यक्रम के सह नोडल अधिकारी एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विनय कुमार उत्तम तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा समारोह में अन्य जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी सहभागिता की। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सामाजिक समरसता और आर्थिक सहयोग का माध्यम बनी योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित यह समारोह जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और खुशियों का अवसर बना। एक ही स्थान पर विभिन्न वर्गों के 89 जोड़ों का विवाह संपन्न होना सामाजिक एकता और सद्भाव का भी प्रतीक रहा।
कुल मिलाकर, कानपुर में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल 89 परिवारों के लिए खुशियों का अवसर बना, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी सहायता के माध्यम से सम्मानपूर्वक वैवाहिक आयोजन का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।

