कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 10 क्विंटल मिठाई और 270 किलो खोया नष्ट
रिपोर्ट- हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर, 31 अक्टूबर 2026। दीपावली और भाई दूज के त्योहार को देखते हुए बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। ऐसे में आम लोगों को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावट और असुरक्षित खाद्य सामग्री के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में कानपुर नगर में विभागीय टीम ने तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान करीब 10 क्विंटल खराब रंगीन मिठाई और 270 किलोग्राम खोया नष्ट कराया गया।
विभाग के अनुसार, नष्ट कराई गई खाद्य सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 95 हजार रुपये है। इसके अलावा एक मिष्ठान निर्माणशाला में अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाई तैयार किए जाने का मामला सामने आने पर निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया गया। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान का पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति भी की जा रही है।
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे इस अभियान से खाद्य कारोबारियों को भी निर्धारित मानकों का पालन करने का संदेश दिया गया है।
स्वर्ण जयंती विहार में 10 क्विंटल खराब मिठाई मिली
खाद्य सुरक्षा विभाग की पहली बड़ी कार्रवाई स्वर्ण जयंती विहार, कोयला नगर स्थित एक मिष्ठान निर्माणशाला में की गई। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के आदेश पर सहायक आयुक्त खाद्य संजय प्रताप सिंह ने विशेष टीम गठित की थी।
इसी टीम ने देहली सुजानपुर क्षेत्र के स्वर्ण जयंती विहार स्थित मिष्ठान निर्माणशाला का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां लगभग 10 क्विंटल खराब रंगीन मिठाई बरामद हुई। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर टीम ने पूरी मिठाई को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है।
वहीं, निरीक्षण के दौरान मिठाई निर्माण की प्रक्रिया में साफ-सफाई और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन नहीं होता पाया गया। इस पर अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से मिठाई निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान का पंजीकरण निर्धारित सुधार होने तक निलंबित करने की संस्तुति की जा रही है।
हालांकि, मामले की आगे की कार्रवाई के लिए विभाग ने मौके से खाद्य पदार्थों के दो नमूने भी एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घंटाघर पर वाहन से बरामद हुआ 240 किलो खोया
खाद्य सुरक्षा विभाग की दूसरी कार्रवाई घंटाघर क्षेत्र में की गई। यहां खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोमनाथ कुशवाहा और डॉ. देवेंद्र सिंह आजाद की टीम ने एक चारपहिया इको वाहन को रोककर जांच की।
वाहन की तलाशी के दौरान उसमें लगभग 240 किलोग्राम खोया रखा हुआ मिला। पूछताछ में बताया गया कि यह खोया औरैया से लाया गया था। जांच के दौरान खोया गंदे कपड़ों में अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा पाया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 84 हजार रुपये बताई गई।
त्योहारों के दौरान बाजार में इस तरह की खाद्य सामग्री की बिक्री से उपभोक्ताओं की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए टीम ने तत्काल कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उक्त खोये को बिक्री और मानव उपभोग से प्रतिबंधित करते हुए नगर निगम के डंपिंग यार्ड में नष्ट करा दिया।
इस कार्रवाई के माध्यम से विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों के परिवहन और भंडारण में भी स्वच्छता के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। केवल निर्माण के समय ही नहीं, बल्कि बाजार तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है।
पनकी में कैटरर्स प्रतिष्ठान पर भी हुई कार्रवाई
इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सूचना मिलने पर पनकी स्थित रामनरेश कैटरर्स के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य कारोबारकर्ता ने अधिकारियों को बताया कि त्योहारों के समय मांग के अनुसार मिठाइयां तैयार की जाती हैं और उन्हें छोटी दुकानों तक आपूर्ति किया जाता है।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में लगभग 30 किलोग्राम खोया अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित मिला। इसकी अनुमानित कीमत 11 हजार 400 रुपये बताई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर ही खोये का एक नमूना जांच के लिए संग्रहित किया।
इसके बाद शेष खोये को नष्ट करा दिया गया, ताकि असुरक्षित खाद्य सामग्री का इस्तेमाल मिठाई निर्माण अथवा अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करने में न हो सके। नमूने की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग द्वारा आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करीब तीन लाख रुपये की खाद्य सामग्री कराई गई नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की तीनों कार्रवाइयों में कुल 10 क्विंटल खराब रंगीन मिठाई और 270 किलोग्राम खोया नष्ट कराया गया। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नष्ट कराई गई खाद्य सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य करीब 2.95 लाख रुपये है।
इस कार्रवाई में सबसे बड़ी मात्रा में खराब मिठाई स्वर्ण जयंती विहार की निर्माणशाला से मिली, जबकि घंटाघर और पनकी में अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा खोया बरामद किया गया।
इसके अतिरिक्त, विभाग ने अलग-अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के कुल तीन नमूने संग्रहित किए हैं। इनमें मिष्ठान निर्माणशाला से दो और पनकी स्थित कैटरर्स प्रतिष्ठान से एक नमूना शामिल है। इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
त्योहारों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने का अभियान जारी
दीपावली और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहारों पर मिठाइयों, खोया और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि बाजार में असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। साथ ही मिठाई निर्माण करने वाले प्रतिष्ठानों, थोक विक्रेताओं और खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता के निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा सके।
विभागीय कार्रवाई के तहत आगे भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
कुल मिलाकर, त्योहारों से पहले कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता का अंतिम निर्धारण प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

