बनारस से दिल्ली के लिए शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, CM योगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी

WhatsApp Image 2026-10-31 at 5.54.23 PM

रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय

वाराणसी। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी को रेलवे कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन का शुभारंभ करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री ने बनारस से दिल्ली के लिए पहली बार शुरू हो रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही दो मेमू ट्रेनों को भी रवाना किया गया।

इस पहल को पूर्वांचल और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बीच रेल संपर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा।

काशी को मिली आधुनिक रेल कनेक्टिविटी की सौगात

वाराणसी देश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से आते-जाते हैं। ऐसे में राजधानी दिल्ली के साथ बेहतर रेल संपर्क की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जाती रही है।

इसी क्रम में बनारस रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू होना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक स्लीपर श्रेणी की ट्रेन में सफर करने का अवसर मिलेगा। इससे विशेष रूप से उन लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें रात के समय लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ती है।

इसके अलावा, वाराणसी से दिल्ली के बीच बेहतर रेल संपर्क बनने से पर्यटन, व्यापार और अन्य गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रहे मौजूद

बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी ने इस आयोजन को विशेष महत्व दिया। दोनों नेताओं ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान रेलवे के अधिकारी और अन्य संबंधित लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य काशी को आधुनिक रेल सुविधाओं से जोड़ने के साथ यात्रियों को बेहतर परिवहन विकल्प उपलब्ध कराना रहा। वहीं, दो मेमू ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन ट्रेनों के संचालन से क्षेत्रीय यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

मेमू ट्रेनें विशेष रूप से कम और मध्यम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी मानी जाती हैं। इनके माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में नियमित आवागमन करने वाले लोगों को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलेगा आरामदायक सफर

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सामान्य वंदे भारत ट्रेन की तुलना में स्लीपर संस्करण में यात्रियों के रात्रिकालीन सफर को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

इस ट्रेन में स्लीपर श्रेणी की सीटों के स्थान पर सोने की सुविधा, आधुनिक इंटीरियर और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं प्रमुख आकर्षण हैं। आधुनिक रेल तकनीक और बेहतर यात्री सुविधाओं के कारण यह ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक नया विकल्प प्रस्तुत करती है।

बनारस से दिल्ली के बीच इस ट्रेन का संचालन शुरू होने से काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन के समय, ठहराव, किराये और टिकट की उपलब्धता से संबंधित आधिकारिक जानकारी रेलवे के माध्यम से प्राप्त करनी होगी।

बच्चों से मिले मुख्यमंत्री योगी, ट्रेन के अंदर पहुंचकर जाना हालचाल

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला। ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ट्रेन के अंदर पहुंचे और वहां मौजूद बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनके साथ कुछ समय बिताया।

मुख्यमंत्री और बच्चों के बीच हुआ यह संवाद कार्यक्रम का खास आकर्षण रहा। इस दौरान बच्चों में भी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।

पूर्वांचल के विकास को मिलेगी नई गति

बनारस रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू होना केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि पूर्वांचल में आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

बेहतर रेल कनेक्टिविटी से वाराणसी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सकती है। साथ ही, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय आवागमन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, दो मेमू ट्रेनों की शुरुआत से स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, बनारस रेलवे स्टेशन से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन काशी के रेल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूर्वांचल में आधुनिक रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदों को और मजबूत किया है। आने वाले समय में इन नई रेल सेवाओं का लाभ यात्रियों को किस स्तर तक मिलता है, यह उनके नियमित संचालन और सुविधाओं पर निर्भर करेगा।

You may have missed