सरदार पटेल जयंती पर लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन, युवाओं के लिए ₹1,725 करोड़ की कौशल विकास योजना शुरू

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रिपोर्ट –  शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती शनिवार को लखीमपुर खीरी जिले में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सहित जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। साथ ही देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।

इस विशेष अवसर पर जहां एक ओर सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ₹1,725 करोड़ की योजना का शुभारंभ कर जयंती को विकासपरक पहल से भी जोड़ा।

कलेक्ट्रेट में डीएम ने दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बृजेश कुमार त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) बृजपाल सिंह सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।

इस दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का व्यक्तित्व दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में ऐतिहासिक योगदान दिया।

रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की रही अहम भूमिका

डीएम ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक देशी रियासतों का एकीकरण था। उस समय सरदार पटेल ने अपने कुशल नेतृत्व, राजनीतिक दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के माध्यम से इस चुनौती का सामना किया। हैदराबाद और जूनागढ़ सहित विभिन्न रियासतों के भारत में विलय में उनकी निर्णायक भूमिका रही।

उन्होंने बिखरी हुई रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एकीकृत भारत के निर्माण का ऐतिहासिक कार्य किया। यही कारण है कि राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान भारतीय इतिहास में सदैव याद किया जाता रहेगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस केवल स्मरण नहीं, संकल्प का अवसर

जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल किसी महापुरुष को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का दिन भी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से सरदार पटेल के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का अध्ययन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर ही एक सशक्त, समरस और एकजुट भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाई जा सकती है।

वहीं, एडीएम वित्त एवं राजस्व बृजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति ने देश को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया। दूसरी ओर, एडीएम न्यायिक बृजपाल सिंह ने सरदार पटेल के जीवन संघर्षों और राष्ट्र के एकीकरण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में प्रशिक्षु एसडीएम श्वेता द्विवेदी, एआईजी स्टाम्प अमिताभ कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मो. सलीम, प्रशासनिक अधिकारी सुरेश वर्मा सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

युवाओं के कौशल विकास के लिए ₹1,725 करोड़ की योजना का शुभारंभ

सरदार पटेल की जयंती पर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में ₹1,725 करोड़ की लागत वाली सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता और वर्तमान रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाने, उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम का सजीव प्रसारण लखीमपुर खीरी जिले के सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं, प्रशिक्षकों और संबंधित लोगों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना तथा योजना के शुभारंभ की जानकारी प्राप्त की।

शिक्षा के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण पर जोर

योजना के माध्यम से युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वे केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक और तकनीकी दक्षता हासिल कर सकें। वर्तमान समय में रोजगार के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक प्रशिक्षण की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इस तरह की पहल युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर लखीमपुर खीरी में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया। वहीं, ₹1,725 करोड़ की कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार की पहल के रूप में सामने आया।

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