करवा चौथ पर ब्रजरज उत्सव में लखबीर सिंह लक्खा की आवाज का गूंजा जादू, भजनों पर जमकर झूमे श्रद्धालु
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: करवा चौथ के पावन पर्व पर जहां घरों में सुहागिन महिलाएं पूजा-अर्चना और चंद्रमा के दर्शन का इंतजार कर रही थीं, वहीं भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में आयोजित ब्रजरज उत्सव की सांस्कृतिक शाम भक्ति संगीत के नाम रही। प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा ने अपनी दमदार आवाज और जोशीले अंदाज से ऐसा समां बांधा कि उत्सव स्थल पर मौजूद श्रोता भक्तिरस में डूब गए। उनके लोकप्रिय भजनों पर लोग झूमते और तालियां बजाते नजर आए। वहीं, माता रानी के जयकारों से पूरा आयोजन स्थल भक्तिमय हो उठा।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित ब्रजरज उत्सव में बृहस्पतिवार को करवा चौथ के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों की मौजूदगी देखने को मिली। खास बात यह रही कि लखबीर सिंह लक्खा की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को देर शाम तक बांधे रखा।
लखबीर सिंह लक्खा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
माता रानी के भजनों के लिए विशेष पहचान रखने वाले लखबीर सिंह लक्खा ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत देवी भजनों से की। जैसे ही उनकी आवाज में भक्ति संगीत की स्वर लहरियां गूंजने लगीं, श्रोता तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाने लगे।
उन्होंने ‘सर को झुका लो शेरों वाली को मना लो’, ‘मुझे रंग दे ओ’ और ‘प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी’ जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। इन भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद ‘कीजो केसरी के लाल, मेरा छोटा-सा काम’ भजन ने भी श्रोताओं को खूब आकर्षित किया।
वहीं, भगवान श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम की भक्ति से जुड़े भजनों ने कार्यक्रम में आध्यात्मिकता के अलग-अलग रंग बिखेरे। ‘श्याम के बिना तुम आधे, तुम्हारे बिना श्याम आधे’ और ‘श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में’ जैसे भजनों पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं।
दमदार आवाज और जोशीले अंदाज ने बांधा समां
लखबीर सिंह लक्खा की गायकी में भक्ति भाव के साथ ऊर्जा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। उनकी आवाज के उतार-चढ़ाव और प्रस्तुति के खास अंदाज ने हर भजन को प्रभावशाली बना दिया। यही वजह रही कि श्रोता केवल बैठकर भजन सुनने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कई लोग संगीत की धुन पर झूमते और गायक के साथ सुर मिलाते नजर आए।
इसके अलावा, भजनों के बीच लगने वाले जयकारों और तालियों ने कार्यक्रम के उत्साह को और बढ़ा दिया। माता रानी के भजनों से शुरू हुई प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण और प्रभु श्रीराम की आराधना तक का भाव देखने को मिला।
करवा चौथ के दिन आयोजित इस कार्यक्रम में त्योहार की व्यस्तताओं के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों ने परिवार के साथ पहुंचकर भक्ति संगीत का आनंद लिया। इस प्रकार लखबीर सिंह लक्खा की प्रस्तुति ब्रजरज उत्सव की यादगार सांस्कृतिक शामों में शामिल रही।
सूफी, ध्रुपद और लोक गायन ने भी बिखेरे सुर
लखबीर सिंह लक्खा की प्रस्तुति से पहले भी ब्रजरज उत्सव के मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। निखिल शर्मा ने सूफी गायन के माध्यम से श्रोताओं को संगीत की अलग अनुभूति कराई। वहीं, कामोद शर्मा ने ध्रुपद गायन प्रस्तुत कर भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा से लोगों को परिचित कराया।
इसके बाद राजिता मिश्रा की टीम ने लोक गायन की प्रस्तुति दी। लोक संगीत के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक संगीत की झलक देखने को मिली।
इस दौरान स्वच्छता को लेकर नाटक का मंचन भी किया गया। नाटक के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली ब्रजभूमि को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। कलाकारों ने लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इस तरह ब्रजरज उत्सव में भक्ति संगीत के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत, सूफी गायन, लोक कला और सामाजिक जागरूकता को भी स्थान दिया गया।
शुक्रवार को भी होंगे सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम
ब्रजरज उत्सव के अंतर्गत धौली प्याऊ रेलवे मैदान में शुक्रवार को भी विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर से लेकर शाम तक संगीत की अलग-अलग विधाओं से जुड़े कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
शुक्रवार के कार्यक्रमों का निर्धारित समय इस प्रकार है:
- दोपहर 2:30 बजे: शालिनी शर्मा का लोक संगीत गायन।
- दोपहर 3:30 बजे: सुशील कुमार का भजन एवं लोकगीत गायन।
- शाम 4:30 बजे: कन्हैया लाल चतुर्वेदी की ओर से हवेली संगीत की प्रस्तुति।
- शाम 7:00 बजे: अतुल पंडित का म्यूजिकल कॉन्सर्ट।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को लोक संगीत, भक्ति संगीत और हवेली संगीत का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को मंच दे रहा ब्रजरज उत्सव
ब्रजरज उत्सव मथुरा की धार्मिक, सांस्कृतिक और लोक परंपराओं को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इसमें भक्ति संगीत के साथ-साथ लोक कला, शास्त्रीय गायन और सामाजिक संदेशों से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
करवा चौथ के अवसर पर लखबीर सिंह लक्खा की प्रस्तुति ने इस उत्सव को विशेष पहचान दी। उनके भजनों पर झूमते श्रद्धालुओं और गूंजते जयकारों ने यह दिखाया कि ब्रजभूमि में भक्ति संगीत के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। वहीं, शुक्रवार को होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी संगीत प्रेमियों में उत्साह बना हुआ है।

