औरैया में खाकी वर्दी का दिखा मानवीय चेहरा, घायल बेजुबानों का सहारा बने मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: खाकी वर्दी को आमतौर पर कानून, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। लेकिन कभी-कभी इसी वर्दी में ऐसे मानवीय चेहरे भी देखने को मिलते हैं, जो समाज को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश देते हैं। उत्तर प्रदेश के औरैया में मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश कर रहे हैं। वह अपनी सरकारी जिम्मेदारियों के साथ-साथ सड़क पर रहने वाले बेजुबान जानवरों की देखभाल भी कर रहे हैं।
तेजवीर सिंह का यह प्रयास केवल किसी एक दिन की पहल नहीं है, बल्कि उनकी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। वह सड़क पर घायल अवस्था में मिले कुत्तों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार उनके प्राथमिक उपचार, भोजन और पानी की व्यवस्था भी करते हैं। उनके इस काम की चर्चा स्थानीय स्तर पर हो रही है।
घायल स्ट्रीट डॉग्स की मदद के लिए आगे आते हैं अधिकारी
दरअसल, औरैया के जेसी चौराहे के पास अग्निशमन केंद्र स्थित है। इस क्षेत्र से दिनभर भारी वाहन और डंपर गुजरते रहते हैं। सड़क पर घूमने वाले कुत्तों के लिए तेज रफ्तार वाहनों के बीच सुरक्षित रहना चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार वाहन की चपेट में आने से ये बेजुबान जानवर घायल हो जाते हैं।
ऐसी स्थिति में मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह उनकी मदद के लिए आगे आते हैं। जहां कई लोग घायल जानवर को देखकर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं तेजवीर सिंह उसे नजरअंदाज नहीं करते। वह घायल कुत्तों को सड़क से उठाकर फायर स्टेशन परिसर में ले आते हैं, ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके।
इसके बाद जरूरत पड़ने पर मेडिकल स्टोर से दवाइयां और पट्टी मंगवाई जाती हैं। वह अपने स्तर से उनका प्राथमिक उपचार करते हैं। साथ ही, उनके खाने-पीने का भी ध्यान रखते हैं। दूध और भोजन उपलब्ध कराने के अलावा उनकी नियमित देखभाल करने का प्रयास करते हैं।
फायर स्टेशन पहुंचते ही कुत्तों के बीच घिर जाते हैं तेजवीर सिंह
तेजवीर सिंह बताते हैं कि लगातार देखभाल और अपनापन मिलने के कारण इन बेजुबान जानवरों के साथ उनका एक खास जुड़ाव बन गया है। अब जब भी वह फायर स्टेशन परिसर में पहुंचते हैं, वहां मौजूद कुत्ते उन्हें पहचानकर उनके पास दौड़े चले आते हैं।
उनके अनुसार, इन जानवरों का यह अपनापन उन्हें अलग तरह का सुकून देता है। वह उनके व्यवहार और जरूरतों को समझने लगे हैं। यही वजह है कि अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उनके लिए समय निकालते हैं।
तेजवीर सिंह का कहना है कि सड़क पर रहने वाले स्ट्रीट डॉग्स का कोई निश्चित देखभाल करने वाला नहीं होता। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार उनकी मदद कर दे, तो उन्हें राहत मिल सकती है। इसी सोच के साथ वह घायल और जरूरतमंद कुत्तों की देखभाल करते हैं।
केवल ड्यूटी नहीं, संवेदनशीलता भी है सेवा का हिस्सा
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के रूप में तेजवीर सिंह की प्राथमिक जिम्मेदारी अग्निकांड और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा से जुड़ी है। हालांकि, उनके इस प्रयास से यह भी सामने आता है कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल निर्धारित सरकारी कार्यों तक सीमित नहीं होती।
किसी घायल जानवर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना, उसे भोजन देना और जरूरत के समय उपचार की व्यवस्था करना भी मानवीय संवेदनशीलता का हिस्सा है। खासकर सड़क पर रहने वाले जानवरों के लिए थोड़ी सी मदद भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
तेजवीर सिंह का यह व्यवहार लोगों को यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि पशु-पक्षियों के प्रति दया और करुणा दिखाने के लिए किसी बड़े संसाधन की जरूरत नहीं होती। कई बार समय पर उठाया गया छोटा कदम भी किसी बेजुबान के लिए मददगार बन सकता है।
लोगों से की घायल जानवरों की मदद करने की अपील
तेजवीर सिंह ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें सड़क पर कोई कुत्ता या अन्य जानवर घायल अवस्था में दिखाई दे, तो उसे अनदेखा करके आगे न बढ़ें। अपनी क्षमता के अनुसार उसकी मदद करें और जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक या संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करें।
इसके साथ ही उन्होंने यह संदेश दिया कि बेजुबान जानवर भी दर्द और तकलीफ महसूस करते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि वे अपनी परेशानी इंसानों की तरह शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। इसलिए उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार करना जरूरी है।
खाकी वर्दी में दिखी इंसानियत की मिसाल
औरैया के मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह का यह प्रयास बताता है कि इंसानियत किसी पद, वर्दी या जिम्मेदारी की मोहताज नहीं होती। जरूरत सिर्फ इतनी है कि हम अपने आसपास मौजूद किसी जरूरतमंद के दर्द को समझें और मदद के लिए आगे आएं।
फायर स्टेशन परिसर में घायल कुत्तों को भोजन देना, उनकी देखभाल करना और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना उनके इसी मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। उनकी पहल से यह संदेश मिलता है कि समाज में संवेदनशीलता और दया का भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
वास्तव में, खाकी वर्दी में तेजवीर सिंह का यह मानवीय चेहरा लोगों को प्रेरित करता है कि इंसानियत केवल इंसानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बेजुबान जानवरों के प्रति थोड़ी सी करुणा और मदद भी समाज को अधिक संवेदनशील और बेहतर बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

