बांदा में मजदूर दंपती से मारपीट का आरोप, महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा
बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र में एक मजदूर महिला ने गांव के कुछ लोगों पर अपने और पति के साथ मारपीट, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। ग्राम कछार पुरवा की रहने वाली गौरी पत्नी रामप्रताप ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की मांग की है। महिला का आरोप है कि पहले भी कई बार उनके परिवार के साथ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, लगातार हो रही घटनाओं के कारण वह और उनका परिवार भय और चिंता के माहौल में रह रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
27 अक्टूबर की रात घर में घुसकर मारपीट का आरोप
महिला की ओर से दिए गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार, पहली घटना 27 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे हुई। गौरी का कहना है कि वह घर का काम पूरा करने के बाद सोने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान गांव के राजबली और कामता पुत्रगण रामफल, रामफल पुत्र मैकू तथा प्रेमा पत्नी रामफल कथित तौर पर धारदार फरसा, कुल्हाड़ी और लाठी लेकर उनके घर पहुंचे।
आरोप है कि इन लोगों ने घर के दरवाजे पर गाली-गलौज करते हुए लात मारकर दरवाजा खोलने का प्रयास किया। महिला के मुताबिक, दरवाजा खुलने के बाद आरोपी घर के अंदर घुस आए और उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की।
महिला का कहना है कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। घटना के बाद पीड़िता ने आपातकालीन पुलिस सेवा 112 पर सूचना दी।
पुलिस से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप
गौरी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि 112 पर सूचना देने के बाद पुलिस की ओर से उन्हें अगले दिन थाने आने के लिए कहा गया था। इसके बाद वह अगले दिन थाने पहुंचीं और घटना की जानकारी देते हुए शिकायत की। हालांकि, महिला का आरोप है कि उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई किए बिना उन्हें वापस भेज दिया गया।
पीड़िता का कहना है कि यदि पहली घटना के बाद ही उचित कार्रवाई की जाती तो दोबारा ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की जांच कराने की मांग की है।
29 अक्टूबर को पति के साथ मारपीट का आरोप
शिकायत पत्र में दूसरी घटना का भी उल्लेख किया गया है। महिला के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8 बजे उनके पति रामप्रताप घर के पास स्थित दुकान से सामान लेकर बाहर निकले थे। इसी दौरान कामता पुत्र रामफल ने कथित तौर पर उन्हें रास्ते में रोक लिया।
आरोप है कि कामता ने उनके पति के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब रामप्रताप ने इसका विरोध किया तो उनके साथ लात-घूंसों और डंडे से मारपीट की गई। शोर सुनकर घर और पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी कथित तौर पर पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देकर वहां से चला गया।
महिला का कहना है कि इस घटना के बाद परिवार के लोग और अधिक परेशान हो गए हैं। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
कई बार घटनाएं होने का दावा, पुलिस में पकड़ होने की बात कहने का आरोप
गौरी ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना-पत्र में दावा किया है कि आरोपित लोग पहले भी तीन से चार बार उनके परिवार के साथ ऐसी घटनाएं कर चुके हैं। महिला के अनुसार, स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों का मनोबल बढ़ा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग गांव में कथित तौर पर यह कहते हैं कि थाने में उनकी अच्छी पकड़ है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक पक्ष या जांच की स्थिति की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
एसपी से रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग
पीड़िता गौरी ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने, कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की है।
महिला का कहना है कि वह और उनके पति मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में बार-बार विवाद और कथित मारपीट की घटनाओं से उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लेकर संबंधित थाना पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
जांच और पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर
फिलहाल यह मामला पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती प्रार्थना-पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। शिकायतकर्ता की ओर से बताई गई दोनों घटनाओं और पूर्व में हुई कथित वारदातों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है। पीड़ित महिला और उनके पति को न्याय मिलने के साथ-साथ गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

