मेरठ: दयालेश्वर महादेव मंदिर में चोरी, लड्डू गोपाल समेत पांच मूर्तियां और कीमती सामान ले उड़े चोर
रिपोर्ट- मनीष पराशर
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चोरों ने एक मंदिर को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। न्यू मोहनपुरी इलाके में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आवास के बराबर में स्थित दयालेश्वर महादेव मंदिर में घुसे चोर लड्डू गोपाल की मूर्ति समेत कई देवी-देवताओं की मूर्तियां और कीमती सामान चोरी कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। वहीं, मंदिर में हुई चोरी को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
चोरी की यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के न्यू मोहनपुरी इलाके की है। खास बात यह है कि जिस मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया, वह राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आवास के बिल्कुल बराबर में स्थित है। इसके बावजूद चोरों ने बेखौफ होकर मंदिर में प्रवेश किया और कुछ ही मिनटों में चोरी की वारदात को अंजाम देकर मौके से निकल गए।
सुबह मंदिर खुलने पर हुई चोरी की जानकारी
मंदिर के पुजारी वैभव नौटियाल के मुताबिक, वह पिछले करीब 30 वर्षों से दयालेश्वर महादेव मंदिर में सेवा कर रहे हैं। रोजाना की तरह शनिवार सुबह करीब 4:50 बजे जब मंदिर का दरवाजा खोला गया तो अंदर का सामान बिखरा हुआ मिला। देवी-देवताओं की मूर्तियां और अन्य कीमती वस्तुएं गायब थीं। यह देखकर पुजारी और मंदिर से जुड़े लोगों को चोरी की जानकारी हुई।
इसके बाद तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, जिसमें चोरी की पूरी घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं।
सीसीटीवी में दिखाई दिए तीन संदिग्ध, सात मिनट में वारदात
मंदिर के पुजारी वैभव नौटियाल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि रात करीब 1 बजकर 33 मिनट पर तीन संदिग्ध मंदिर में दाखिल हुए थे। तीनों ने अपने चेहरे और सिर को शॉल से ढक रखा था, ताकि उनकी पहचान आसानी से न हो सके।
फुटेज के अनुसार, तीनों संदिग्धों ने बेहद कम समय में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बताया गया कि करीब सात मिनट के भीतर मंदिर से मूर्तियां और अन्य कीमती सामान समेटकर आरोपी वहां से फरार हो गए। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
लड्डू गोपाल समेत पांच मूर्तियां चोरी
पुजारी के अनुसार, चोर मंदिर से कुल पांच प्रमुख मूर्तियां चोरी कर ले गए। इनमें दो राधा-कृष्ण की, दो बृहस्पति देव की और एक माता लक्ष्मी की मूर्ति शामिल बताई गई है। इसके अतिरिक्त दो चांदी की और तीन पीतल की मूर्तियां भी गायब हैं।
चोरी गए सामान में लड्डू गोपाल की मूर्ति भी शामिल है। पुजारी ने बताया कि लड्डू गोपाल की मूर्ति की अनुमानित कीमत करीब एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक है। इसके अलावा मंदिर में रखा अन्य कीमती सामान भी चोर अपने साथ ले गए।
हालांकि, चोरी गए सभी सामान का वास्तविक मूल्य मंदिर प्रबंधन की ओर से विस्तृत मिलान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मंदिर में वर्षों से स्थापित मूर्तियों और धार्मिक वस्तुओं के गायब होने से श्रद्धालुओं को गहरा दुख पहुंचा है।
पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई। थाना प्रभारी गौरव विश्नोई और एसपी ट्रैफिक सहित पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर के पुजारी और समिति से जुड़े लोगों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।
इसके साथ ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फुटेज में दिखाई दे रहे तीनों संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, ताकि आरोपियों के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
थाना प्रभारी ने जल्द खुलासे का दिया आश्वासन
सिविल लाइन थाना प्रभारी गौरव विश्नोई ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही चोरी की घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों पर केंद्रित है। वहीं, मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंचेगी और चोरी गई मूर्तियां वापस मंदिर में स्थापित कराई जा सकेंगी।
मंदिरों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
न्यू मोहनपुरी के दयालेश्वर महादेव मंदिर में हुई इस चोरी ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियां केवल कीमती धातु या सामान नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी होती हैं।
ऐसे में मंदिरों की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और सीसीटीवी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक तीनों संदिग्धों की पहचान कर इस चोरी की वारदात का पर्दाफाश करती है।

