राष्ट्रीय एकता दिवस पर हलधरमऊ ब्लॉक में कर्मचारियों ने ली एकता और अखंडता की शपथ
रिपोर्ट – आशीष कुमार
हलधरमऊ (गोंडा)। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विकासखंड हलधरमऊ में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विकासखंड के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एकजुट होकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से देश की एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया।
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया। उन्हें देश की एकता और अखंडता का मजबूत आधार तैयार करने वाले महान राष्ट्रनायक के रूप में स्मरण किया गया। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके दृढ़ संकल्प, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के कारण ही उन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है।
इसी क्रम में विकासखंड हलधरमऊ में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि देश की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, अखंडता और विविधता में निहित है।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान विकासखंड के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। साथ ही देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों के बीच आपसी विश्वास एवं सद्भाव बनाए रखने में अपना योगदान देंगे।शपथ ग्रहण के दौरान कर्मचारियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे देशवासियों के बीच एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देंगे। इसके अलावा समाज में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे।
राष्ट्रीय एकता के लिए आपसी सद्भाव जरूरी
इस अवसर पर उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्रीय दायित्वों की याद दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। भारत जैसे विविधताओं वाले देश में एकता और आपसी सद्भाव बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और धर्म होने के बावजूद भारतीयता की भावना सभी को एक सूत्र में बांधती है। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक नागरिक आपसी मतभेदों को भुलाकर देश की प्रगति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करे।
सरदार पटेल के आदर्श आज भी प्रासंगिक
सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शिता से स्वतंत्र भारत को एकजुट करने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनका मानना था कि राष्ट्र की मजबूती के लिए नागरिकों के बीच एकता, अनुशासन और सहयोग की भावना आवश्यक है।इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय एकता दिवस हमें यह संदेश देता है कि देश की अखंडता केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकारी कर्मचारी भी अपने कार्यों के माध्यम से जनता के बीच विश्वास, सहयोग और सामाजिक समरसता को मजबूत कर सकते हैं।
सामूहिक सहभागिता से दिया एकता का संदेश
विकासखंड हलधरमऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता रही। सभी ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र की मजबूती के लिए सभी नागरिकों को मिल-जुलकर कार्य करना चाहिए।कुल मिलाकर, राष्ट्रीय एकता दिवस पर विकासखंड हलधरमऊ में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम ने सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और उनके राष्ट्रनिर्माण के योगदान को याद करने के साथ ही एकता, भाईचारे और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

