सरदार पटेल जयंती पर मनीष मिश्रा ने प्रतिमा का किया दुग्धाभिषेक, बस्ती के हर विद्यालय में स्थापित होंगी लघु प्रतिमाएं
रिपोर्ट- राकेश गिरी
बस्ती। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर बस्ती में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस मौके पर मनीष मिश्रा ने सरदार पटेल की प्रतिमा का दूध से अभिषेक कर पुष्पमाला अर्पित की और स्वच्छता अभियान चलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने समाज में व्याप्त जाति-पाँति और भेदभाव की दीवारों को समाप्त कर सभी वर्गों को एकता के सूत्र में जोड़ने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मनीष मिश्रा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी और कुशल प्रशासक ही नहीं थे, बल्कि वह राष्ट्रीय एकता, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामाजिक समरसता के प्रतीक भी थे। उनके विचार आज भी देश और समाज को एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज जिस अखंड स्वरूप में दुनिया के सामने खड़ा है, उसके निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अविस्मरणीय है।
रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में निभाई ऐतिहासिक भूमिका
मनीष मिश्रा ने कहा कि आजादी के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों का एकीकरण था। उस समय सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी असाधारण इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार मिला।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि जब उद्देश्य राष्ट्रहित और जनकल्याण का हो, तो दृढ़ संकल्प के साथ बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। इसलिए उनकी जयंती केवल माल्यार्पण और श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने व्यवहार में भी उतारना चाहिए।
प्लेग महामारी के दौरान सेवा भावना का दिया उदाहरण
मनीष मिश्रा ने सरदार पटेल के सामाजिक और सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अहमदाबाद में प्लेग महामारी के दौरान उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर लोगों की सेवा की थी। उनका जीवन जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने हमेशा समाज को जोड़ने और लोगों के हित में कार्य करने को प्राथमिकता दी। इसी भावना से प्रेरित होकर वह बस्ती में सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। उनका मानना है कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में होती है। जब जाति, धर्म और वर्ग के आधार पर होने वाले भेदभाव समाप्त होंगे, तभी एक मजबूत और समरस समाज का निर्माण संभव होगा।
बस्ती के प्रत्येक विद्यालय में स्थापित कराई जाएंगी सरदार पटेल की लघु प्रतिमाएं
कार्यक्रम के दौरान मनीष मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करते हुए बताया कि बस्ती के प्रत्येक विद्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की लघु प्रतिमाएं स्थापित कराने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के महान नेताओं, उनके योगदान और राष्ट्रीय एकता के महत्व से परिचित कराना है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक मूल्यों के विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में यदि विद्यालयों में सरदार पटेल की प्रतिमाएं स्थापित होती हैं, तो विद्यार्थियों को प्रतिदिन उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके लिए बस्ती के प्रत्येक घर से एक-एक टुकड़ा लोहा एकत्रित किया जाएगा। मनीष मिश्रा के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल प्रतिमाओं की स्थापना करना नहीं है, बल्कि समाज के हर परिवार को इस अभियान का सहभागी बनाना भी है।
एक नवंबर से सांसद राम प्रसाद चौधरी के आवास से शुरू होगा लोहा संग्रह अभियान
मनीष मिश्रा ने बताया कि इस अभियान की औपचारिक शुरुआत एक नवंबर से की जाएगी। इसकी पहली कड़ी में वह अपने पितातुल्य सांसद राम प्रसाद चौधरी के आवास पर पहुंचकर पहली लोहा-भिक्षा मांगेंगे। इसके बाद अभियान को आगे बढ़ाते हुए बस्ती के अलग-अलग क्षेत्रों और घरों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभियान में प्रत्येक परिवार की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास रहेगा, ताकि लोग इसे केवल किसी व्यक्ति या संगठन की पहल न समझें, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करें। घर-घर से एकत्रित होने वाला एक-एक टुकड़ा लोहा सामाजिक सहभागिता और एकजुटता का प्रतीक बनेगा।
उनके मुताबिक, जब किसी बड़े सामाजिक उद्देश्य में आम लोगों की भागीदारी होती है, तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक और स्थायी होता है। इसलिए इस अभियान के माध्यम से बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने की योजना है।
सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर दिलों को जोड़ने का संकल्प
मनीष मिश्रा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से देश की रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया था। उसी तरह अब उनका प्रयास बस्ती के लोगों के दिलों को जोड़ना और समाज में आपसी विश्वास, सहयोग तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता केवल नारों से स्थापित नहीं होती, बल्कि इसके लिए व्यवहार में समानता, परस्पर सम्मान और सहयोग की भावना जरूरी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जाति-पाँति और भेदभाव से ऊपर उठकर सामूहिक विकास के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरदार पटेल की जयंती पर शुरू किया गया यह संकल्प बस्ती में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अंततः मनीष मिश्रा ने कहा कि सरदार पटेल के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और समाज को एकजुट करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनका लक्ष्य बस्ती में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति एक-दूसरे का सम्मान करे और सभी मिलकर एक संगठित, समरस एवं मजबूत समाज के निर्माण में योगदान दें।

