लखीमपुर में तेंदुए के सामने दीवार बनकर खड़ा हुआ लैब्राडोर, भौंकने पर जंगल की ओर भागा शिकारी जानवर
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
लखीमपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में एक पालतू लैब्राडोर कुत्ते की बहादुरी और वफादारी का अनोखा मामला सामने आया है। निघासन वन रेंज के मंझरा पूरब गांव में देर रात जंगल की ओर से भटककर आया एक तेंदुआ अचानक एक ग्रामीण के घर के खुले आंगन में पहुंच गया। उस समय घर में मौजूद पालतू लैब्राडोर कुत्ते ने जिस साहस और निडरता का परिचय दिया, उसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। तेंदुए को सामने देखकर जहां आमतौर पर कोई भी जानवर पीछे हट सकता था, वहीं इस लैब्राडोर ने बिना घबराए उसका सामना किया। कुत्ते के आक्रामक तेवर और लगातार भौंकने से तेंदुआ भी पीछे हटने को मजबूर हो गया और बिना किसी पर हमला किए वापस जंगल की ओर भाग निकला।
जंगल से भटककर घर के आंगन में पहुंचा तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, घटना निघासन वन रेंज के अंतर्गत आने वाले मंझरा पूरब गांव की है। बीती रात जंगल की ओर से एक तेंदुआ भटकता हुआ आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। इसी दौरान वह एक ग्रामीण के घर के खुले आंगन में दाखिल हो गया। अचानक घर के आंगन में तेंदुए की मौजूदगी से स्थिति असामान्य हो गई।
हालांकि, घर में मौजूद पालतू लैब्राडोर कुत्ते ने तेंदुए की आहट महसूस कर ली। इसके बाद उसने बिना देर किए तेंदुए के सामने मोर्चा संभाल लिया। कुत्ते की नजर जैसे ही तेंदुए पर पड़ी, उसने जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया। इसके साथ ही वह लगातार तेंदुए की ओर आक्रामक मुद्रा में खड़ा रहा।
डरने के बजाय तेंदुए के सामने डटा रहा लैब्राडोर
आमतौर पर तेंदुए जैसे जंगली जानवर के सामने छोटे-बड़े पालतू जानवरों का घबरा जाना स्वाभाविक है। हालांकि, इस घटना में लैब्राडोर ने बिल्कुल अलग व्यवहार किया। उसने तेंदुए को देखकर न तो पीछे हटने की कोशिश की और न ही अपनी जगह छोड़ी।
वह लगातार भौंकता रहा और तेंदुए को घर के आंगन में आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश करता रहा। कुत्ते की इस अप्रत्याशित प्रतिक्रिया से तेंदुआ भी कुछ देर के लिए असहज नजर आया। लगातार भौंकने और आक्रामक तेवरों के कारण तेंदुए ने वहां रुकना उचित नहीं समझा।
इसके बाद तेंदुआ बिना किसी हमले के वापस मुड़ा और जंगल की ओर चला गया। इस तरह पालतू लैब्राडोर की सतर्कता और साहस के चलते एक संभावित अप्रिय स्थिति टल गई।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
इस घटना की खास बात यह है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए और लैब्राडोर के आमने-सामने आने का दृश्य रिकॉर्ड हो गया। कैमरे में कैद इस घटना का वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वीडियो सामने आने के बाद लोग लैब्राडोर की बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग कह रहे हैं कि पालतू जानवरों की वफादारी और अपने परिवार के प्रति उनका लगाव कई बार अप्रत्याशित रूप से सामने आता है।
हालांकि, इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि तेंदुए ने कुत्ते या घर में मौजूद किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया और सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर चला गया।
वन विभाग से ग्रामीणों ने की गश्त बढ़ाने की मांग
मंझरा पूरब गांव जंगल के नजदीक होने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर सतर्कता जरूरी है। तेंदुए के आबादी वाले इलाके में पहुंचने की घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता भी देखी जा रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही पर नजर रखी जानी चाहिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
इसके अलावा ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग की टीम गांव के आसपास नियमित रूप से गश्त करे और लोगों को जंगली जानवरों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराए।
जंगल से सटे गांवों में सावधानी बरतना जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ध्यान आकर्षित किया है। जंगलों के आसपास बसे गांवों में तेंदुए जैसे वन्यजीव कभी-कभी भोजन, पानी या रास्ता भटकने के कारण आबादी की ओर आ सकते हैं।
ऐसी परिस्थितियों में ग्रामीणों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि किसी को तेंदुआ या अन्य जंगली जानवर दिखाई देता है, तो उसके पास जाने, उसे घेरने या भगाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय सुरक्षित स्थान पर रहकर तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।
साथ ही, घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी रखने और रात के समय बच्चों तथा पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने जैसे एहतियाती कदम भी उपयोगी हो सकते हैं।
फिलहाल मंझरा पूरब गांव में लैब्राडोर की बहादुरी की चर्चा हर तरफ हो रही है। एक ओर जहां इस पालतू कुत्ते ने अपनी सतर्कता से लोगों का ध्यान खींचा है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने वन विभाग के सामने जंगल से सटे गांवों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत भी उजागर की है।

