तूफान से बर्बाद फसलों का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दे सरकार: संदीप मिश्रा

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रिपोर्टर- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। अर्नब तूफान के चलते सोनभद्र जनपद में किसानों की फसलों को हुए नुकसान ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। ऐसे में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराने तथा किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।

मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को बिना देरी किए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। केवल आश्वासन देने से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीन पर कार्रवाई करके उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।

किसानों की समस्याओं को लेकर सक्रिय हुआ किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा

किसानों की परेशानी को देखते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहा है। इस दौरान मोर्चा के पदाधिकारी किसानों से सीधे मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं के साथ-साथ फसलों को हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहे हैं।

मोर्चा को क्षेत्र के किसानों की ओर से लगातार संदेश और सूचनाएं मिल रही हैं। इन सूचनाओं के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को समझने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन का ध्यान किसानों की मौजूदा परिस्थितियों की ओर आकर्षित कराया जा रहा है।

संदीप मिश्रा का कहना है कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। खेती-किसानी पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहती है। ऐसे में जब प्राकृतिक आपदा के कारण फसल प्रभावित होती है, तो किसानों की आर्थिक स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ता है। इसलिए सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि संकट की इस घड़ी में किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराएं।

तत्काल सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने की मांग

मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि तूफान ने जनपद के किसानों की मेहनत को प्रभावित किया है। किसान पहले से ही खाद, बीज, सिंचाई और खेती की बढ़ती लागत जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद वे दिन-रात मेहनत करके अपनी फसल तैयार करते हैं। लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण फसल को नुकसान पहुंचने से उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाती हैं।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि प्रभावित गांवों और खेतों में तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। सर्वे के दौरान प्रत्येक प्रभावित किसान की फसल का वास्तविक नुकसान दर्ज किया जाए, ताकि मुआवजे के निर्धारण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

संदीप मिश्रा ने कहा कि सरकार को केवल भाषणों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। किसानों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई होगी। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का निष्पक्ष आकलन कराया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि सर्वे की प्रक्रिया पारदर्शी हो और कोई भी प्रभावित किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहने पाए। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

गेहूं की बुवाई से पहले नहरें बंद कराने की मांग

फसल नुकसान के साथ-साथ किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने आगामी गेहूं की बुवाई को लेकर भी चिंता जताई है। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा ने संबंधित विभाग और प्रशासन से नहरों को तत्काल बंद कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि तूफान के कारण खेतों में पहले से ही नमी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यदि नहरों में लगातार पानी छोड़ा जाता रहा, तो खेतों में जरूरत से ज्यादा नमी हो सकती है। इसका सीधा असर गेहूं की आगामी बुवाई पर पड़ने की आशंका है।

दरअसल, गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए खेतों में उचित नमी और समय पर बुवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि खेतों में अत्यधिक पानी या नमी बनी रहती है, तो किसानों को खेत तैयार करने में परेशानी हो सकती है। इससे बुवाई का समय प्रभावित होने के साथ ही अगली फसल की उत्पादकता पर भी असर पड़ सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए मोर्चा ने सिंचाई विभाग से मांग की है कि मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करके नहरों के संचालन को लेकर तत्काल आवश्यक निर्णय लिया जाए, ताकि किसानों को अगली फसल की तैयारी में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की अपील

किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। तूफान से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सर्वे, नुकसान का आकलन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

मोर्चा का कहना है कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा के समय उनकी मदद करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

संदीप मिश्रा ने कहा कि किसानों की मेहनत और उनके हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मोर्चा किसानों की समस्याओं को लगातार उठाता रहेगा और जरूरत पड़ने पर प्रशासन के समक्ष उनकी मांगों को मजबूती से रखेगा।

अब किसानों की निगाहें प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे को लेकर प्रशासन कितनी जल्दी कदम उठाता है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

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