PET परीक्षार्थियों के लिए मददगार बने विवेक मौर्य, 150 से अधिक अभ्यर्थियों को मिला निःशुल्क आवास और भोजन
रिपोर्ट – पितेश्वर कुमार
अंबेडकर नगर। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए युवा दिन-रात मेहनत करते हैं। हालांकि, जब परीक्षा केंद्र अपने गृह जनपद से दूर होता है, तो अभ्यर्थियों के सामने ठहरने, भोजन और आवागमन जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए दूसरे शहर में रहने और खाने की व्यवस्था करना अतिरिक्त परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में अंबेडकरनगर में नारायण फाउंडेशन ने एक बार फिर सराहनीय पहल करते हुए PET-2026 के परीक्षार्थियों को बड़ी राहत पहुंचाई है।
नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य के नेतृत्व में संस्था ने अंबेडकरनगर पहुंचे 150 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क आवास, भोजन और आवागमन की व्यवस्था कराई। इस पहल से दूसरे जिलों से आए परीक्षार्थियों को परीक्षा से पहले होने वाली परेशानियों से राहत मिली और उन्हें शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा की तैयारी करने का अवसर प्राप्त हुआ।
PET-2026 के अभ्यर्थियों के लिए की गई विशेष व्यवस्था
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों से अभ्यर्थी अंबेडकरनगर पहुंचे थे। इन परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नारायण फाउंडेशन ने 25 और 30 अक्टूबर तथा एक नवंबर 2026 को आयोजित परीक्षा के मद्देनजर विशेष इंतजाम किए।
इसके लिए मौर्य स्टेट एवं जगत पैलेस गेस्ट हाउस, मौर्य चौराहा, रामपुर कलां, टांडा में अभ्यर्थियों के ठहरने और विश्राम की व्यवस्था की गई। यहां परीक्षार्थियों को एसी कमरों में निःशुल्क रहने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा भोजन, सुबह का नाश्ता और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए वाहनों का भी इंतजाम किया गया।
दरअसल, दूसरे जनपदों से आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने परीक्षा केंद्र वाले शहर में पहुंचना पड़ता है। ऐसे में होटल की तलाश, भोजन और परिवहन की व्यवस्था करने में उनका काफी समय और पैसा खर्च होता है। वहीं, परीक्षा के दबाव के बीच इन समस्याओं के कारण मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। नारायण फाउंडेशन की पहल ने अभ्यर्थियों को इन चिंताओं से मुक्त रखने का प्रयास किया।
दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी से पहुंचे परीक्षार्थी
परीक्षा की पूर्व संध्या पर नारायण फाउंडेशन के पदाधिकारियों और मौर्य स्टेट के प्रबंधक दयानंद मौर्य ने बाहर से आए अभ्यर्थियों का स्वागत किया। इस दौरान दिल्ली, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से पहुंचे 150 से अधिक परीक्षार्थियों ने संस्था की निःशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाया।
संस्था की ओर से प्रयास किया गया कि अभ्यर्थियों को ठहरने, भोजन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही उन्हें ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया गया, जहां वे परीक्षा से पहले आराम कर सकें और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के जिलों से आने वाले युवाओं को आर्थिक और मानसिक रूप से सहयोग देना था, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त चिंता के अपनी परीक्षा में शामिल हो सकें।
चार वर्षों में 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों की मदद
नारायण फाउंडेशन की ओर से की गई यह पहल पहली बार नहीं है। संस्था पिछले चार वर्षों से अंबेडकरनगर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सहायता करती आ रही है। विवेक मौर्य के नेतृत्व में अब तक 10 हजार से अधिक परीक्षार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
खास बात यह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले कई युवा सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच अपनी तैयारी करते हैं। ऐसे में दूसरे जिले में परीक्षा केंद्र मिलने पर उनके सामने अतिरिक्त खर्च की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा, परीक्षा के समय ठहरने के स्थानों पर भीड़ होने से उचित व्यवस्था मिलना भी मुश्किल हो जाता है।
इसी समस्या को समझते हुए नारायण फाउंडेशन लगातार अभ्यर्थियों की मदद कर रहा है। संस्था की यह पहल युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
अभ्यर्थियों ने की विवेक मौर्य और संस्था के प्रयासों की सराहना
निःशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाने वाले अभ्यर्थियों ने नारायण फाउंडेशन की पहल की सराहना की। वाराणसी के नवीन गौतम तथा लखनऊ के सतीश यादव और निखिल वर्मा ने बताया कि दूसरे जिले में परीक्षा केंद्र होने पर सबसे बड़ी चिंता ठहरने की व्यवस्था को लेकर रहती है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिनों में होटल और अन्य ठहरने के स्थान अक्सर भर जाते हैं। ऐसे में समय पर उचित जगह मिलना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही भोजन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की व्यवस्था भी करनी पड़ती है।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, अंबेडकरनगर पहुंचने पर नारायण फाउंडेशन की ओर से निःशुल्क आवास, भोजन, पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल और आवागमन की सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही मानसिक रूप से भी मजबूती मिलती है।
उन्होंने संस्था के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसी सामाजिक पहल से अंबेडकरनगर की सकारात्मक पहचान दूसरे जिलों तक पहुंचती है।
युवा पूरे उत्तर प्रदेश का भविष्य हैं : विवेक मौर्य
नारायण फाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थी किसी एक जिले के नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का भविष्य हैं। इसलिए उनका प्रयास रहता है कि दूसरे जनपदों से अंबेडकरनगर आने वाले युवाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि सभी परीक्षार्थी बिना किसी तनाव के परीक्षा में शामिल हों और अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित कर सकें। यह कार्य केवल समाजसेवा नहीं, बल्कि युवाओं के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी है।
विवेक मौर्य ने कहा कि जब युवा परीक्षा केंद्र में बैठें तो उनके मन में घबराहट और परेशानियों के बजाय अंबेडकरनगर से मिले सहयोग और अपनत्व का भाव होना चाहिए। इसी सोच के साथ नारायण फाउंडेशन पिछले चार वर्षों से लगातार परीक्षार्थियों की सहायता कर रहा है।
सामाजिक सहयोग की मिसाल बनी नारायण फाउंडेशन की पहल
प्रतियोगी परीक्षाओं के इस दौर में युवाओं को सही समय पर सहयोग मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में नारायण फाउंडेशन की ओर से PET-2026 के अभ्यर्थियों के लिए की गई निःशुल्क व्यवस्था समाज के लिए सकारात्मक संदेश देती है।
निश्चित रूप से, शिक्षा और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे युवाओं को इस तरह का सहयोग उनके लक्ष्य तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकता है। विवेक मौर्य के नेतृत्व में संस्था की ओर से किए जा रहे प्रयास यह दर्शाते हैं कि सामाजिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों की राह आसान बनाई जा सकती है।

