कानपुर का रामपुर भीमसेन बनेगा सोलर मॉडल ग्राम, एक करोड़ से अधिक की लागत से लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर:उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के कल्याणपुर विकासखंड स्थित रामपुर भीमसेन गांव जल्द ही सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमगाता नजर आएगा। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत इस गांव को सोलर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कुल 110.48 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। शुक्रवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी गई।
इस परियोजना के स्वीकृत होने के बाद रामपुर भीमसेन गांव में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
मई 2025 में हुआ था सोलर मॉडल ग्राम के लिए चयन
रामपुर भीमसेन गांव को मई 2025 में सोलर मॉडल ग्राम के रूप में चयनित किया गया था। इसके बाद गांव को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विकसित करने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू की गईं। परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए नई दिल्ली की बसुधा फाउंडेशन को सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई।
फाउंडेशन की ओर से गांव का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई। सर्वेक्षण के आधार पर गांव में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की संभावनाओं का आकलन किया गया और इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई।
दरअसल, किसी भी सोलर मॉडल ग्राम के विकास में तकनीकी सर्वेक्षण और निर्धारित मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से रामपुर भीमसेन की डीपीआर तैयार करते समय संबंधित दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखा गया।
110.48 किलोवाट क्षमता के लगेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र
रामपुर भीमसेन को सोलर मॉडल ग्राम बनाने के लिए कुल 110.48 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। इस पूरी परियोजना पर एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च होने का अनुमान है।
परियोजना के तहत सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे गांव में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। हालांकि, संयंत्रों की स्थापना का स्थान, कार्य शुरू होने की तिथि और परियोजना पूरी होने की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इसके बावजूद डीपीआर को मंजूरी मिलना परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के रूप में देखा जा रहा है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक
शुक्रवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में शिविर कार्यालय में परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रामपुर भीमसेन को सोलर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी ने प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की तकनीकी रूपरेखा, प्रस्तावित क्षमता और डीपीआर से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
इसके बाद जिलाधिकारी ने प्रस्तुत दस्तावेजों और परियोजना के प्रस्ताव की समीक्षा की। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अनुमोदित कर दिया।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़ी आगामी प्रक्रियाओं को नियमानुसार पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना वर्तमान समय में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, रामपुर भीमसेन को सोलर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार का उदाहरण बन सकती है।
इसके अलावा, गांव में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे ग्रामीणों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता विकसित करने और भविष्य में इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
अब आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर
रामपुर भीमसेन गांव के सोलर मॉडल ग्राम बनने की दिशा में डीपीआर को मिली मंजूरी एक अहम पड़ाव है। अब संबंधित विभागों को परियोजना के अगले चरण की प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और अन्य आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
कुल मिलाकर, एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत और 110.48 किलोवाट क्षमता वाली यह परियोजना कानपुर नगर के ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यदि योजना निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी होती है, तो रामपुर भीमसेन आने वाले समय में सौर ऊर्जा आधारित ग्रामीण विकास का एक उदाहरण बन सकता है।

