कानपुर का रामपुर भीमसेन बनेगा सोलर मॉडल ग्राम, 1 करोड़ रुपये से लगेंगे 110.48 किलोवाट के सौर संयंत्र

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Digital UP News

कानपुर: उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में कानपुर नगर के रामपुर भीमसेन गांव को सोलर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत कल्याणपुर विकासखंड के इस गांव में 110.48 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना पर एक करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत आएगी। शुक्रवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही गांव को सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।

इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना है। इसके तहत पंचायत भवन, पात्र सरकारी भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाने का प्रस्ताव है। इससे गांव की सार्वजनिक सुविधाओं में सौर ऊर्जा की भागीदारी बढ़ेगी।

मई 2025 में हुआ था सोलर मॉडल ग्राम के लिए चयन

कल्याणपुर विकासखंड के रामपुर भीमसेन गांव का चयन मई 2025 में सोलर मॉडल ग्राम के रूप में किया गया था। इसके बाद परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक सर्वेक्षण और तकनीकी अध्ययन की प्रक्रिया शुरू हुई।

नई दिल्ली स्थित वसुधा फाउंडेशन ने गांव का सर्वेक्षण कर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के निर्धारित मानकों के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में गांव की आवश्यकताओं, प्रस्तावित सौर ऊर्जा क्षमता और परियोजना की लागत सहित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया।

शुक्रवार को जिलाधिकारी के शिविर कार्यालय में आयोजित बैठक में यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी ने डीपीआर का प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। समीक्षा के बाद जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने डीपीआर को अनुमोदित कर दिया और संबंधित अधिकारियों को आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए।

110.48 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र होंगे स्थापित

परियोजना के तहत रामपुर भीमसेन गांव में कुल 110.48 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इन संयंत्रों के माध्यम से गांव की सार्वजनिक सुविधाओं में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया जाएगा।

परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1 करोड़ 28 हजार 13 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 96 लाख 62 हजार 945 रुपये की वित्तीय सहायता प्रस्तावित है। वहीं, स्वयं सहायता समूहों की ओर से 3 लाख 65 हजार 68 रुपये का अंशदान किया जाएगा।

इस वित्तीय व्यवस्था के माध्यम से गांव में सौर ऊर्जा से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। हालांकि, संयंत्रों की स्थापना और अन्य कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाए जाएंगे।

पंचायत भवन और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को मिलेगा लाभ

सोलर मॉडल ग्राम परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य सरकारी भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। इसके तहत रामपुर भीमसेन के पंचायत भवन और अन्य पात्र सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा, गांव की सार्वजनिक परिसंपत्तियों में भी सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, ग्रामीण स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से बिजली उत्पादन होने से सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन में स्वच्छ ऊर्जा की भागीदारी बढ़ेगी। इस प्रकार यह परियोजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव में ऊर्जा के बेहतर और टिकाऊ उपयोग को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बनेगी।

प्रत्येक जिले में एक सोलर मॉडल ग्राम विकसित करने की पहल

योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक गांव को सोलर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। इसके लिए भारत सरकार की ओर से प्रति गांव एक करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और सार्वजनिक भवनों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ना है। इसके साथ ही ग्रामीण समुदायों को नवीकरणीय ऊर्जा के लाभों से परिचित कराना भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

रामपुर भीमसेन का चयन इसी योजना के तहत किया गया है। अब डीपीआर के अनुमोदन के बाद परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इससे गांव में सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हुआ है।

बैठक में मौजूद रहे अधिकारी

परियोजना की समीक्षा और डीपीआर के अनुमोदन के लिए आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी राकेश, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित आगामी कार्यवाही निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप पूरी की जाए। साथ ही, योजना के उद्देश्य के अनुसार गांव में सौर ऊर्जा सुविधाओं के विकास को आगे बढ़ाया जाए।

कुल मिलाकर, रामपुर भीमसेन को सोलर मॉडल ग्राम बनाने की परियोजना कानपुर नगर में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 110.48 किलोवाट क्षमता के प्रस्तावित सौर संयंत्र स्थापित होने के बाद गांव की सार्वजनिक परिसंपत्तियों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा। इससे ग्रामीण स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलने के साथ टिकाऊ विकास की दिशा में भी कदम आगे बढ़ेगा।

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