जालौन में गुलाबजल फैक्ट्री की आड़ में बन रही थी MD ड्रग्स, DRI-ATS की छापेमारी में 200 करोड़ की सामग्री बरामद

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रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। डकोर थाना क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव में गुलाबजल बनाने की फैक्टरी की आड़ में कथित तौर पर एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स तैयार की जा रही थी। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की संयुक्त टीम ने गुरुवार तड़के छापेमारी कर इस गतिविधि का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान तैयार ड्रग्स, अर्धनिर्मित मादक पदार्थ और कच्चे रसायनों सहित कुल 1,102.88 किलोग्राम सामग्री बरामद की गई।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, बरामद सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसके अलावा मौके से करीब 12.5 किलोग्राम तैयार एमडी ड्रग्स मिलने की जानकारी भी सामने आई है। छापेमारी के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

गुलाबजल बनाने की फैक्टरी के पीछे चल रहा था अवैध कारोबार

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डकोर थाना क्षेत्र के ऐरी रमपुरा गांव के बाहर खेत में टिनशेड डालकर गुलाबजल बनाने की फैक्टरी संचालित की जा रही थी। बताया जा रहा है कि इसी कारोबार की आड़ में एमडी ड्रग्स बनाने की गतिविधियां भी चल रही थीं।

फैक्टरी में गुलाब के फूलों की खरीद और गुलाबजल तैयार करने का काम दिखाया जाता था। हालांकि, जांच एजेंसियों को यहां मादक पदार्थों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिले। इसके बाद संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान परिसर में रखी सामग्री और उपकरणों की जांच की गई।

1,102.88 किलोग्राम सामग्री बरामद

छापेमारी के दौरान एजेंसियों ने कुल 1,102.88 किलोग्राम सामग्री जब्त की। इसमें तैयार ड्रग्स, अर्धनिर्मित मादक पदार्थ और कच्चे रसायन शामिल बताए गए हैं। इसके साथ ही करीब 12.5 किलोग्राम तैयार एमडी ड्रग्स भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

इसके अतिरिक्त, फैक्टरी परिसर से मादक पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, तकनीकी उपकरण, रसायनों से भरे ड्रम और अन्य सामान भी जब्त किया गया। जांच एजेंसियां बरामद सामग्री के नमूनों और दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।

बरामदगी का कुल अनुमानित मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में 200 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। हालांकि, अंतिम मूल्यांकन और सामग्री की प्रकृति से संबंधित विस्तृत जानकारी जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

दो लोग गिरफ्तार, फैक्टरी संचालक फरार

कार्रवाई के दौरान मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। वहीं, फैक्टरी संचालक के फरार होने की बात सामने आई है। एजेंसियां गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फैक्टरी कब से संचालित हो रही थी और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी।

इसके अलावा, जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि तैयार एमडी ड्रग्स की सप्लाई कहां और किन माध्यमों से की जा रही थी। एजेंसियां इस कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों, वित्तीय लेन-देन और आपूर्ति के संभावित रास्तों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां

इस मामले में DRI और यूपी ATS की जांच का दायरा फैक्टरी परिसर तक सीमित नहीं है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मादक पदार्थ बनाने के लिए कच्चे रसायन कहां से लाए जाते थे। साथ ही, तैयार सामग्री को किन स्थानों पर भेजने की योजना थी और इस गतिविधि में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, एमडी ड्रग्स एक सिंथेटिक मादक पदार्थ है, जिसका अवैध निर्माण और कारोबार कानून के तहत गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में निर्माण स्थल के साथ-साथ कच्चे माल की आपूर्ति, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच भी महत्वपूर्ण होती है।

जांच के बाद सामने आएंगी कई अहम जानकारियां

जालौन में हुई इस संयुक्त कार्रवाई ने ग्रामीण क्षेत्र में संचालित कथित अवैध ड्रग्स निर्माण गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गुलाबजल फैक्टरी के रूप में दिखाई जा रही इकाई में मादक पदार्थ तैयार किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं।

फिलहाल दो लोगों की गिरफ्तारी और फैक्टरी संचालक के फरार होने की जानकारी है। वहीं, बरामद सामग्री की जांच, आरोपियों से पूछताछ और संभावित सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों और कथित कारोबार के पूरे दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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