बिजनौर: नौकर ही निकला चोर, 22 लाख रुपये से अधिक की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा
रिपोर्ट – तबिश मिर्ज़ा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें परिवार का वर्षों पुराना भरोसा ही टूट गया। जिस नौकर को घर और कारोबार से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, उसी पर रेस्टोरेंट कारोबारी के घर से लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी करने का आरोप लगा है। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में हुई इस घटना का पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और 76 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
अफजलगढ़ के कासमपुर गढ़ी गांव में हुई चोरी
यह पूरा मामला बिजनौर जिले के अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कासमपुर गढ़ी का है। यहां रेस्टोरेंट कारोबारी कृष्ण मोहन गुप्ता के घर में चोरी की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, ग्राम सीरवासुचंद निवासी मोहम्मद कैफ कारोबारी के यहां कई वर्षों से नौकरी कर रहा था। इस दौरान उसे घर और कारोबार से जुड़ी कई बातों की जानकारी हो गई थी।
आरोप है कि इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने घर में चोरी की योजना बनाई। 26 अक्टूबर की रात आरोपी कथित तौर पर पेड़ के सहारे चढ़कर घर में दाखिल हुआ। इसके बाद उसने घर की सेफ में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की गई संपत्ति की कुल कीमत 22 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
सेफ में रखे थे सोने के जेवर और नकदी
पुलिस के अनुसार, आरोपी घर की सेफ से 15 तोले से अधिक सोने के आभूषण, चांदी के जेवर और 76 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया। चोरी की इस घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल बन गया। शुरुआती तौर पर घर में आने-जाने वाले लोगों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। चूंकि घटना घर के भीतर हुई थी, इसलिए पुलिस ने आसपास के साक्ष्यों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का राज
चोरी की घटना का खुलासा करने में सीसीटीवी फुटेज ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने फुटेज की जांच की तो संदेह की दिशा कारोबारी के यहां काम करने वाले नौकर मोहम्मद कैफ की ओर गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। जांच में यह भी सामने आया कि उसे सेफ के बारे में जानकारी थी। आरोपी को पता था कि सेफ पर अक्सर ताला नहीं लगाया जाता और उसमें रेस्टोरेंट की दिनभर की कमाई रखी जाती है। इसी जानकारी के आधार पर उसने चोरी को अंजाम देने की योजना बनाई।
इस प्रकार, जिस व्यक्ति पर परिवार लंबे समय से भरोसा कर रहा था, उसी पर घर से कीमती सामान चोरी करने का आरोप सामने आया। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ महत्वपूर्ण साबित हुए।
चोरी के जेवर और 76 हजार रुपये बरामद
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से चोरी किए गए आभूषण और 76 हजार रुपये नकद बरामद करने की जानकारी दी है। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई के चलते घटना का खुलासा कम समय में हो गया। हालांकि, चोरी की कुल संपत्ति के मूल्य और बरामद सामान के अंतिम आकलन से संबंधित विस्तृत जानकारी जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
एसपी बिजनौर ने दी कार्रवाई की जानकारी
इस मामले में बिजनौर के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने पुलिस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया गया।
यह घटना लोगों के लिए सतर्कता का संदेश भी देती है। घर में काम करने वाले कर्मचारियों पर भरोसा करना सामान्य बात है, लेकिन इसके साथ ही कीमती सामान की सुरक्षा और घर की निगरानी पर ध्यान देना भी जरूरी है। विशेष रूप से नकदी और आभूषण रखने वाली सेफ को सुरक्षित तरीके से बंद रखना चाहिए। इसके अलावा, घर और प्रतिष्ठान में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा उनकी नियमित जांच करने से संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल, अफजलगढ़ में हुई इस चोरी का पुलिस ने खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई से मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। यह प्रकरण बताता है कि सतर्कता, तकनीकी साक्ष्य और समय पर पुलिस को सूचना देना चोरी जैसी घटनाओं की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं।

