मेरठ में बच्चों से भरी स्कूल बस खेत में गिरी, 15 से अधिक छात्र घायल; चालक पर नशे में होने का आरोप

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रिपोर्ट – मनीष पाराशर

मेरठ, उत्तर प्रदेश। मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रोहटा ब्लॉक के चिंदौड़ी-अमानुल्लाहपुर मार्ग पर स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की बच्चों से भरी निजी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब छह फीट गहरे खेत में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से बस में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी में 15 से अधिक बच्चों के घायल होने की बात सामने आई है। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने घायलों की संख्या को लेकर अलग दावा किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सुबह करीब 7:30 बजे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की बस बुधवार सुबह आसपास के गांवों से बच्चों को लेकर दूसरे गांव की ओर जा रही थी। सुबह करीब 7:30 बजे जब बस चिंदौड़ी गांव के पास पहुंची, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। इसके बाद बस सड़क से नीचे उतरकर लगभग छह फीट गहरे खेत में जा गिरी।

हादसे के तुरंत बाद बस में सवार बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद कुछ बच्चे बस के अंदर फंस गए थे। ऐसे में ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बस के शीशे तोड़े और बच्चों को बाहर निकालने में मदद की।

ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया

दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। बस में फंसे बच्चों को एक-एक करके बाहर निकाला गया। इसके बाद घायल छात्रों को एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी एसडीएस ग्लोबल अस्पताल तथा मेरठ के अन्य अस्पतालों में पहुंचाया गया।

घायल बच्चों के उपचार की व्यवस्था की गई है। हालांकि, कितने बच्चे घायल हुए और उनमें से कितनों की हालत गंभीर है, इस संबंध में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए घायलों की वास्तविक संख्या और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।

चालक पर नशे में बस चलाने का आरोप

हादसे के बाद बच्चों के परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि बस चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था। उनका कहना है कि चालक की कथित लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई। इसके अलावा, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।

घटना से नाराज परिजन और ग्रामीण स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान बस की सुरक्षा व्यवस्था और चालक की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए गए।

हालांकि, चालक के नशे में होने का आरोप अभी जांच का विषय है। पुलिस की जांच और आवश्यक परीक्षण के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

स्कूल संचालक ने तकनीकी खराबी को बताया कारण

दूसरी ओर, स्कूल संचालक अजय गुप्ता ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि चालक ने शराब नहीं पी रखी थी और बस का स्टेयरिंग फेल होने के कारण दुर्घटना हुई।

स्कूल संचालक ने यह भी दावा किया कि हादसे में केवल दो बच्चों को मामूली चोटें आई हैं और 15 से अधिक बच्चों के घायल होने की बात सही नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घायल बच्चों के इलाज का पूरा खर्च स्कूल प्रशासन उठाएगा।

इस प्रकार, दुर्घटना के कारण और घायलों की संख्या को लेकर ग्रामीणों तथा स्कूल प्रबंधन के बयानों में अंतर सामने आया है। अब पुलिस जांच के जरिए यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसा तकनीकी खराबी, चालक की लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ।

पुलिस ने शुरू की जांच, फरार चालक की तलाश

हादसे और स्कूल में हुए विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालने के साथ ही दुर्घटना से संबंधित जानकारी जुटाई।

क्षेत्राधिकारी सरधना आशुतोष कुमार के अनुसार, चिंदौड़ी गांव के पास स्कूल बस के खेत में गिरने की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची थी। बच्चों को बस से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से लगाए गए चालक के नशे में होने के आरोपों और बस के फिटनेस मानकों की जांच की जा रही है। फरार चालक की तलाश में दबिश देने की बात भी कही गई है। उन्होंने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल बसों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा और तकनीकी फिटनेस को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल बसों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे यात्रा करते हैं। ऐसे में वाहन की नियमित जांच, ब्रेक और स्टेयरिंग की स्थिति, चालक की योग्यता तथा यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी तकनीकी खराबी की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की समय-समय पर जांच कराई जाए और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से स्कूल बसों की फिटनेस की जांच कराने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल, मेरठ के चिंदौड़ी गांव के पास हुई इस दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है। पुलिस की जांच, वाहन की तकनीकी स्थिति और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने बच्चों की सुरक्षित स्कूल यात्रा सुनिश्चित करने की जरूरत को एक बार फिर प्रमुखता से सामने ला दिया है।

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