मेरठ में सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी, 3 युवाओं से लाखों रुपये वसूले; आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – मनीष पराशर
मेरठ। भारतीय सेना में भर्ती कराने और मेडिकल टेस्ट पास कराने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने का मामला सामने आया है। मेरठ में मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर तीन अभ्यर्थियों को सेना में भर्ती कराने का भरोसा दिलाकर उनसे रुपये वसूलने और उनके मूल शैक्षणिक एवं पहचान संबंधी दस्तावेज अपने पास रखने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीनों युवाओं के मूल दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मदपाल के रूप में हुई है, जो अमरोहा जिले के गांव सेहदोली का निवासी बताया गया है। कार्रवाई के बाद आरोपी को मेरठ लाया गया और लालकुर्ती थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी की कुल रकम, संभावित सहयोगियों और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
सेना भर्ती के दौरान युवाओं को बनाया निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने पहले मेरठ में सेना भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इसी दौरान आरोपी मदपाल भर्ती स्थल के आसपास घूम रहा था। आरोप है कि उसने सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं को अपने झांसे में लिया और उन्हें भर्ती प्रक्रिया में सफल कराने का भरोसा दिलाया।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने अमरोहा के दो युवकों समेत कुल तीन अभ्यर्थियों को निशाना बनाया। उसने युवाओं से दावा किया कि वह रुपये लेकर उन्हें सेना की भर्ती प्रक्रिया पार कराने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, उसने मेडिकल टेस्ट पास कराने के नाम पर भी रकम मांगी।
आरोप है कि मदपाल ने सेना में भर्ती कराने के लिए तीन लाख रुपये और मेडिकल टेस्ट पास कराने के लिए एक लाख रुपये तक की मांग की थी। इस तरह उसने अभ्यर्थियों के सामने भर्ती में सफलता दिलाने का लालच देकर विश्वास हासिल करने की कोशिश की।
मूल दस्तावेज लेकर वसूली रकम
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवाओं पर अपना भरोसा कायम करने और उन्हें अपने प्रभाव में रखने के लिए उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र तथा निजी पहचान संबंधी दस्तावेज अपने पास जमा करा लिए थे। इसके बाद रुपये के लेन-देन का सिलसिला शुरू हुआ।
जानकारी के मुताबिक, एक अभ्यर्थी से 2.80 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। इसमें से एक लाख रुपये अग्रिम के रूप में लिए गए। वहीं, दूसरे युवक से 80 हजार रुपये नकद वसूलने का आरोप है। तीसरे अभ्यर्थी ने भी अपने मूल दस्तावेज आरोपी को सौंप दिए थे, लेकिन उसने परिणाम आने के बाद रकम देने की बात कही थी।
हालांकि, जब सेना भर्ती का परिणाम घोषित हुआ और तीनों अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ, तब उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद पीड़ित युवाओं ने मामले की शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
मिलिट्री इंटेलिजेंस और SOG ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने संदिग्ध आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए इनपुट के आधार पर टीम ने एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले से संपर्क किया। इसके बाद एसपी सिटी ने नगर SOG और लालकुर्ती थाना पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने सोमवार को अमरोहा जिले के गांव सेहदोली में आरोपी के घर पर दबिश दी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने की भनक लगने पर आरोपी घर से करीब 50 मीटर की दूरी से भागने में सफल हो गया।
इसके बावजूद संयुक्त टीम ने प्रयास जारी रखे और आरोपी की तलाश में घेराबंदी की। लगातार कार्रवाई के बाद मंगलवार को मदपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे मेरठ लाकर आगे की पूछताछ शुरू की गई।
ठगी के मामले में महिला की भूमिका की भी जांच
इस प्रकरण की शुरुआती जांच में एक महिला की संभावित संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि अभ्यर्थियों से वसूली गई अग्रिम रकम का एक हिस्सा महिला के पास हो सकता है। हालांकि, महिला की भूमिका, उसके ठिकाने और कथित लेन-देन के संबंध में अभी जांच की जा रही है।
पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अकेले ही युवाओं को निशाना बना रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसी तरीके से अन्य अभ्यर्थियों से भी रुपये तो नहीं वसूले गए।
आरोपी से पूछताछ जारी, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के अनुसार, मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली विशिष्ट सूचना के आधार पर सिटी SOG और लालकुर्ती थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मदपाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ठगी के शिकार तीनों युवाओं के मूल शैक्षणिक और निजी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में मामले में एक महिला की संभावित भूमिका की जानकारी मिली है। फिलहाल आरोपी से वित्तीय लेन-देन, ठगी की कुल रकम और इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला उन युवाओं के लिए भी सतर्क रहने का संदेश है, जो सेना में भर्ती होने के लिए मेहनत कर रहे हैं। अभ्यर्थियों को किसी भी व्यक्ति के भर्ती कराने या मेडिकल टेस्ट पास कराने के दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचनी चाहिए। सेना में चयन के लिए केवल आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया और अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति को मूल प्रमाणपत्र या बड़ी रकम सौंपने से बचना जरूरी है।

