एटा में मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश बिरेंद्र ढेर, साथी फरार; पुलिसकर्मी घायल

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रिपोर्ट – नंद कुमार

एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में सर्राफा कारोबारी से लूट के मामले में वांछित एक लाख रुपये के इनामी आरोपी बिरेंद्र की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। मंगलवार शाम हुई इस मुठभेड़ के दौरान आरोपी का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, बिरेंद्र पर 53 मुकदमे दर्ज थे। वह अलीगंज में सर्राफा कारोबारी से हुई बड़ी लूट की घटना में वांछित था। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी।

अलीगंज में सर्राफा कारोबारी से हुई थी लाखों की लूट

मामला एटा जिले के अलीगंज कस्बे के मेवाती मोहल्ले का है। यहां 22 अक्टूबर को मां सरस्वती ज्वेलर्स के संचालक संजय यादव के साथ लूट की वारदात हुई थी। आरोप है कि बदमाश कारोबारी से करीब 10 किलोग्राम चांदी, 250 ग्राम सोना और एक लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए थे।

लूट की इस घटना से स्थानीय कारोबारियों में चिंता का माहौल बन गया था। वहीं, वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए।

लूटे गए आभूषणों और नकदी की बड़ी मात्रा को देखते हुए पुलिस के लिए इस मामले का खुलासा करना प्राथमिकता बन गया था। इसी क्रम में संदिग्धों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं।

बाइक चोरी के मामले से जुड़ा था लूट का तार

पुलिस के मुताबिक, बिरेंद्र ने 21 अक्टूबर को उन्नाव जिले में एक बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोप है कि अगले दिन 22 अक्टूबर को अलीगंज के मेवाती मोहल्ले में सर्राफा कारोबारी के साथ हुई लूट की घटना में इसी बाइक का इस्तेमाल किया गया।

इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच की। इसके बाद बिरेंद्र की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस उसकी गतिविधियों और लूट की वारदात में कथित भूमिका की पड़ताल कर रही थी।

हालांकि, लूट के मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी पुलिस की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

25 अक्टूबर को घोषित हुआ था एक लाख रुपये का इनाम

सर्राफा कारोबारी से लूट की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया था। इसी बीच, एडीजी आगरा जोन एसके भगत ने 25 अक्टूबर को बिरेंद्र पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

इनाम घोषित होने के बाद आरोपी की तलाश और तेज कर दी गई। पुलिस की छह टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही थीं। आखिरकार, मंगलवार शाम पुलिस मुठभेड़ में बिरेंद्र की मौत हो गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान बिरेंद्र का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वहीं, मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी को उपचार के लिए भेजा गया। घायल पुलिसकर्मी की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

मैनपुरी का रहने वाला था बिरेंद्र, 53 मुकदमे थे दर्ज

पुलिस के अनुसार, बिरेंद्र पुत्र गुमान सिंह मूल रूप से मैनपुरी जिले के हरचंदपुर का निवासी था। उसके खिलाफ कुल 53 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। आपराधिक मामलों की संख्या को देखते हुए पुलिस उसे शातिर अपराधी मान रही थी।

अलीगंज की लूट की घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। एक लाख रुपये का इनाम घोषित होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के प्रयास और तेज किए गए थे। मुठभेड़ में उसकी मौत के बाद अब पुलिस का ध्यान फरार साथी को पकड़ने और लूट की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच पर है।

फरार साथी की तलाश में जुटी पुलिस

बिरेंद्र की मौत के बाद भी सर्राफा कारोबारी से लूट के मामले की जांच जारी है। पुलिस फरार आरोपी का पता लगाने के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। साथ ही, घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और लूटे गए सोने-चांदी तथा नकदी की बरामदगी से संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि फरार आरोपी की गिरफ्तारी से लूट की घटना में शामिल अन्य लोगों और वारदात से जुड़े तथ्यों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

एसएसपी इलमारन की ओर से मामले के संबंध में जानकारी दी गई। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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