कानपुर देहात में 30 अक्टूबर तक मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका, प्रशासन ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

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रिपोर्ट –  विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। जनपद में 28 से 30 अक्टूबर 2026 तक मेघगर्जन, वज्रपात और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। साथ ही, लोगों को खुले स्थानों, तालाबों, जलाशयों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, लखनऊ की ओर से जारी मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक जनपद में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए नागरिकों को पहले से सतर्क रहने की आवश्यकता है।

खराब मौसम में सावधानी बरतने की अपील

जिला प्रशासन के अनुसार, बारिश और वज्रपात के दौरान सावधानी तथा समय रहते तैयारी करना ही सुरक्षा का महत्वपूर्ण उपाय है। इसलिए मौसम में बदलाव होने पर लोगों को खुले स्थानों पर रुकने के बजाय सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए। इसके अलावा, मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करना भी जरूरी है।

प्रशासन ने लोगों को अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन में प्ले स्टोर के माध्यम से ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है। इन ऐप के जरिए मौसम संबंधी पूर्व चेतावनियां और आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए जा सकते हैं। समय रहते चेतावनी मिलने से लोग अपनी गतिविधियों में बदलाव कर सकते हैं और संभावित नुकसान को कम करने के लिए उचित कदम उठा सकते हैं।

वज्रपात के दौरान क्या करें?

प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति खुले मैदान या किसी असुरक्षित स्थान पर है और मेघगर्जन शुरू हो जाता है, तो उसे जल्द से जल्द किसी सुरक्षित पक्के भवन में पहुंचना चाहिए। हालांकि, शरण लेते समय खिड़कियों, दरवाजों, बरामदों और छत से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

इसके अलावा, बिजली के तारों, विद्युत उपकरणों और बिजली के सुचालक पदार्थों से दूर रहना चाहिए। तालाब, पोखर और अन्य जलाशयों के आसपास मौजूद लोगों को भी तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए। वज्रपात की स्थिति में एक जगह समूह बनाकर खड़े होने के बजाय लोगों को एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

इसी तरह, बिजली और टेलीफोन के खंभों, तारों की बाड़, मशीनों तथा धातु से बने कृषि उपकरणों से दूरी रखना आवश्यक है। किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। यदि मौसम खराब होने लगे, तो खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर पहुंचना बेहतर होगा।

घर के अंदर भी इन बातों का रखें ध्यान

मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान घर के अंदर रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान बिजली के उपकरणों, पानी के नल और टेलीफोन जैसे उपकरणों को अनावश्यक रूप से न छुएं। बिजली के तारों और उपकरणों से संपर्क से बचें तथा मौसम साफ होने तक घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें।

वहीं, बाहर निकलते समय धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग नहीं करना चाहिए। बच्चों को तालाबों, जलाशयों और खुले मैदानों से दूर रखें। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि खराब मौसम के दौरान उन्हें जोखिम से बचाया जा सके।

प्रशासन ने लोगों को पुराने या जर्जर मकानों में शरण नहीं लेने की चेतावनी भी दी है। इसी प्रकार, बिजली और टेलीफोन के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। ऊंचे पेड़ों और असुरक्षित स्थानों के आसपास रुकने के बजाय सुरक्षित पक्के भवन में जाना चाहिए।

वज्रपात से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत दें सहायता

यदि कोई व्यक्ति आसमानी बिजली की चपेट में आ जाता है, तो उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि ऐसी स्थिति में आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल करें और पीड़ित को यथाशीघ्र नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।

ऐसे मामलों में समय पर मदद मिलने से पीड़ित को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। इसलिए आसपास मौजूद लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से सहायता के लिए आगे आना चाहिए।

मौसम की जानकारी लेते रहें, हेल्पलाइन नंबर सक्रिय

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय रेडियो, आधिकारिक संचार माध्यमों और मौसम संबंधी चेतावनियों के जरिए मौसम की जानकारी लेते रहें। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, किसानों, मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

इसके साथ ही, जनपद में मेघगर्जन और वज्रपात से संबंधित सुरक्षा एवं बचाव संबंधी जानकारी के लिए जिला स्तरीय टोल-फ्री मोबाइल नंबर 9454416429 सक्रिय बताया गया है। नागरिक जरूरत पड़ने पर इस नंबर के माध्यम से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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