कानपुर देहात: राजपुर ब्लॉक में बाल संरक्षण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को लेकर त्रैमासिक बैठक आयोजित
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद के राजपुर ब्लॉक सभागार में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की ब्लॉक टास्कफोर्स की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी के निर्देश और मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला प्रोबेशन अधिकारी के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण, बाल संरक्षण, बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही, संबंधित विभागों के अधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता प्रभारी खंड विकास अधिकारी राजपुर ने की। इस दौरान बाल विकास परियोजना विभाग, महिला कल्याण विभाग, हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन से जुड़े प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों, कार्यकर्ताओं और समूह की महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
बाल संरक्षण के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने पर जोर
बैठक में श्रीमती शारदा साहू ने मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना, उनका उचित पालन-पोषण सुनिश्चित करना और उन्हें हिंसा, दुर्व्यवहार तथा शोषण से बचाना बाल संरक्षण व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा और सुरक्षा जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ग्राम, वार्ड और ब्लॉक स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों का गठन किया गया है, ताकि बच्चों से संबंधित समस्याओं की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा, परिवारों और समुदायों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा बच्चों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने में इन समितियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
ग्राम स्तर पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
बैठक के दौरान प्रभारी खंड विकास अधिकारी राजपुर ने विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया जाए और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाए।
साथ ही, ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि बैठकों की तस्वीरें और कार्यवृत्त निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में जमा कराए जाएं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाना, विभागीय समन्वय बढ़ाना और बच्चों तथा महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को मजबूत करना है।
बाल शोषण की रोकथाम और बच्चों की सुरक्षा पर जागरूकता
बैठक में बच्चों को यौन उत्पीड़न और शोषण से बचाने के लिए पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों को बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार की पहचान करने के महत्व के बारे में बताया गया।
विशेष रूप से बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में उम्र के अनुरूप जानकारी देने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि वे सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच अंतर समझ सकें। इसके साथ ही, बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित घटना सामने आने पर उचित सहायता और संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने के महत्व को रेखांकित किया गया।
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा संबंधित नियमावली के अंतर्गत बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका की जानकारी भी साझा की गई। बैठक में मानव तस्करी की रोकथाम, बाल अपराधों पर नियंत्रण और संकटग्रस्त बच्चों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा हुई।
मिशन वात्सल्य और फॉस्टर केयर योजना की जानकारी
बैठक में प्रवर्तनता कार्यक्रम तथा फॉस्टर केयर योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को उचित देखभाल और संरक्षण उपलब्ध कराने में सहायता करना है।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसे परिवारों की पहचान करना आवश्यक है, जिन्हें बच्चों की देखभाल और पालन-पोषण के लिए सहायता की जरूरत है। इसके लिए ग्राम स्तर पर गठित समितियों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। साथ ही, संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करके बच्चों के हित में समयबद्ध कदम उठाने पर जोर दिया गया।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत बालिकाओं की शिक्षा पर जोर
बैठक में हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन योजना के अंतर्गत जिला मिशन समन्वयक श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की जानकारी दी। उन्होंने परिवारों से बेटा और बेटी के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। इसके साथ ही, बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा और भेदभाव को समाप्त करने के लिए सामाजिक जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
उन्होंने उपस्थित महिलाओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह की रोकथाम, महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज के सहयोग से ही बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण तथा बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
महिला कल्याण योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
बैठक में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना प्रमुख रहीं।
उपस्थित लोगों को बताया गया कि पात्र महिलाओं, बच्चों और परिवारों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाना आवश्यक है, जिससे जरूरतमंद लोग निर्धारित पात्रता के अनुसार लाभ प्राप्त कर सकें।
इसके अलावा, महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी जागरूक किया गया। इनमें चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181 और महिला पावर लाइन 1090 शामिल हैं। बैठक के दौरान संबंधित योजनाओं की जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए गए।
विभागीय समन्वय से प्रभावी होगा बाल संरक्षण
राजपुर ब्लॉक में आयोजित इस त्रैमासिक बैठक के माध्यम से बाल संरक्षण, बालिकाओं की शिक्षा, महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने ग्राम स्तर पर समितियों को सक्रिय रखने और योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में प्रभारी खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, सामाजिक कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।

