घाटमपुर में गाटा संख्या 16 के भूमि विवाद पर एसडीएम ने मांगी रिपोर्ट, 5 नवंबर से पहले देनी होगी आख्या

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रिपोर्ट- शुभम साहू

घाटमपुर, कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले की घाटमपुर तहसील क्षेत्र के पड़री गंगादीन गांव में गाटा संख्या 16 से जुड़े भूमि विवाद के मामले में उपजिलाधिकारी न्यायालय ने राजस्व विभाग से वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। न्यायालय ने संबंधित तहसीलदार को निर्देश दिया है कि विवादित भूमि की मौजूदा स्थिति का पता लगाकर अपनी आख्या आगामी सुनवाई की तारीख 5 नवंबर 2026 से पहले प्रस्तुत करें। इस निर्देश के बाद अब राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर मामले की आगे की कार्यवाही के दौरान ध्यान रहेगा।

पड़री गंगादीन गांव की जमीन से जुड़ा है मामला

प्राप्त न्यायालयीय पत्र के अनुसार, घाटमपुर के उपजिलाधिकारी न्यायालय में विजय कुमार आदि बनाम पवन पाण्डेय आदि के नाम से एक राजस्व वाद विचाराधीन है। यह वाद संख्या 00010/2026 है, जो उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 134 के अंतर्गत दर्ज है। प्रकरण जनपद कानपुर नगर की घाटमपुर तहसील के मौजा पड़री गंगादीन स्थित गाटा संख्या 16 से संबंधित है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संबंधित भूमि को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, अभी तक सामने आए न्यायालयीय पत्र में विवाद की शुरुआत कैसे हुई, दोनों पक्षों के बीच किस प्रकार का मतभेद है और भूमि पर किसका वास्तविक कब्जा है, इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए मामले में किसी भी पक्ष के दावे को सही या गलत ठहराना उचित नहीं होगा।

एसडीएम न्यायालय ने वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के दिए निर्देश

राजस्व वाद की सुनवाई के दौरान विवादित भूमि की वर्तमान स्थिति से संबंधित जानकारी आवश्यक मानी गई। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी घाटमपुर के न्यायालय की ओर से तहसीलदार घाटमपुर से रिपोर्ट मांगी गई है। संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वह गाटा संख्या 16 की मौजूदा स्थिति के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।

दरअसल, भूमि से जुड़े राजस्व मामलों में संबंधित स्थल की वास्तविक स्थिति की जानकारी सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण हो सकती है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के माध्यम से न्यायालय को मामले से जुड़े तथ्यों को समझने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, रिपोर्ट में उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर न्यायालय आगे की सुनवाई में आवश्यक तथ्यों पर विचार कर सकता है।

हालांकि, रिपोर्ट मांगे जाने का अर्थ यह नहीं है कि न्यायालय ने किसी एक पक्ष के पक्ष में फैसला सुना दिया है। यह निर्देश वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के लिए दिया गया है। मामले का अंतिम निस्तारण न्यायालय की सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही होगा।

5 नवंबर 2026 से पहले दाखिल करनी होगी रिपोर्ट

न्यायालयीय निर्देश में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समयसीमा निर्धारित की गई है। तहसीलदार घाटमपुर को आगामी पेशी की तारीख 5 नवंबर 2026 से पहले अपनी आख्या न्यायालय में दाखिल करनी होगी। इससे सुनवाई के दौरान विवादित भूमि की वर्तमान स्थिति से संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करना इस मामले की अगली कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों से न्यायालय को भूमि की मौजूदा स्थिति के संबंध में जानकारी मिल सकती है। इसके बाद न्यायालय उपलब्ध रिकॉर्ड, संबंधित पक्षों के दावों और अन्य आवश्यक तथ्यों पर विचार करते हुए आगे की प्रक्रिया तय कर सकता है।

फिलहाल, उपलब्ध दस्तावेज में रिपोर्ट के निष्कर्षों का कोई उल्लेख नहीं है। साथ ही, यह भी स्पष्ट नहीं है कि राजस्व विभाग की ओर से स्थल का निरीक्षण किया गया है या नहीं। ऐसे में रिपोर्ट दाखिल होने से पहले भूमि की वास्तविक स्थिति के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

राजस्व रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही पर नजर

पड़री गंगादीन गांव के गाटा संख्या 16 से संबंधित यह मामला फिलहाल उपजिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में प्रकरण की अगली सुनवाई और राजस्व विभाग की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अब संबंधित तहसीलदार को निर्धारित समयसीमा के भीतर वर्तमान स्थिति की आख्या प्रस्तुत करनी है। इसके बाद न्यायालय रिपोर्ट और मामले से जुड़े उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि भूमि विवादों में तथ्यों की पुष्टि और राजस्व अभिलेखों का परीक्षण महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस मामले में भी आधिकारिक रिपोर्ट तथा न्यायालय की आगामी कार्यवाही के बाद ही स्थिति को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

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