कानपुर में 1.05 लाख से अधिक लोगों ने किया सामूहिक वंदे मातरम् गान, सेवा मेले के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित

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रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित

कानपुर, 27 अक्टूबर 2026। हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, कानपुर महानगर के आह्वान पर मंगलवार को शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विद्यालयों में सामूहिक वंदे मातरम् गान का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों, आचार्यों और शिक्षकों ने पूरे उत्साह एवं तन्मयता के साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। आयोजन समिति की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सूचना लिखे जाने तक लगभग 1,05,791 छात्र-छात्राओं, आचार्यों और शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। प्रातःकाल विद्यालय परिसरों में गूंजते वंदे मातरम् के स्वरों ने वातावरण को देशभक्ति के भाव से भर दिया। साथ ही, विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा कार्यों के महत्व से भी परिचित कराया गया।

विशेष प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम के तहत कानपुर महानगर के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। इस दौरान विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, आचार्यों और कार्यक्रम में शामिल पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सामूहिक आयोजनों के माध्यम से आपसी एकता, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

इसके अलावा, विद्यार्थियों को बताया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना ही नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ समाजहित में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

आयोजन के दौरान राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ आगामी हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की जानकारी भी साझा की गई। वक्ताओं ने बताया कि यह मेला विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं तथा सेवा कार्यों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

26 से 30 नवंबर तक बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में लगेगा सेवा मेला

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आगामी हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आयोजन समिति के अनुसार, यह मेला 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बृजेन्द्र स्वरूप पार्क, बेनाझाबर में आयोजित किया जाना निर्धारित है। यह स्थान बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के समीप स्थित है।

वक्ताओं ने बताया कि मेले का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और समाजसेवा से जुड़े विषयों को जनसामान्य तक पहुंचाना है। इसके माध्यम से लोगों को विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने अभिभावकों के साथ मेले में पहुंचें और वहां आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं तथा अन्य गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लें। साथ ही, उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को ऐसे आयोजनों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व, सहयोग और सेवा की भावना मजबूत हो सके।

संस्कृति, पर्यावरण और सेवा कार्यों पर रहेगा जोर

हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला केवल सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण, परिवार व्यवस्था, मानवीय मूल्यों और समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता जैसे विषयों के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है। विशेषकर विद्यार्थियों को बचपन से ही सेवा, सहयोग और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का महत्व समझना चाहिए। इसी क्रम में मेले को विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए सहभागिता का अवसर बताया गया।

इसके साथ ही विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आगामी आयोजन की जानकारी अपने परिचितों तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। आयोजन समिति को उम्मीद है कि विद्यालयों में चलाए गए इस जागरूकता अभियान से मेले के प्रति लोगों की सहभागिता बढ़ेगी।

पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन

सामूहिक वंदे मातरम् गान और सेवा मेले से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों में भवानी भीख तिवारी, नवेंदु शुक्ला, संजीव दीक्षित, बृजमोहन और गुणवंत कोठारी ने सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सेवा के महत्व पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को आगामी मेले में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। वहीं, विद्यालयों के शिक्षकों और आचार्यों ने भी विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों से अवगत कराया।

ऐतिहासिक सफलता के लिए लिया संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने आगामी हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले को सफल बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया। आयोजन समिति के अनुसार, सामूहिक वंदे मातरम् गान के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सहभागिता का संदेश देने का प्रयास किया गया।

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