बांदा के छिरहुटा गांव में वृद्ध एवं दिव्यांगजनों के लिए शिविर, 158 लोगों का पंजीयन
रिपोर्ट – शानू वर्मा
बांदा:उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के ग्राम छिरहुटा में वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों को राहत और सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विशेष पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम विकास फाउंडेशन के तत्वावधान में तथा एलिम्को के सहयोग से आयोजित इस शिविर में छिरहुटा, भिण्डौरा और महेदू गांवों के लोगों ने प्रतिभाग किया। शिविर के दौरान कुल 158 लोगों का पंजीयन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिन्हित करना था।
वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को सहायता उपलब्ध कराने की पहल
वृद्धावस्था और दिव्यांगता के कारण अनेक लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सहायक उपकरण उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्राम छिरहुटा में पंजीयन एवं चिन्हांकन शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके माध्यम से ऐसे लाभार्थियों की पहचान करने का प्रयास किया गया, जिन्हें चलने-फिरने, सुनने या दैनिक गतिविधियों को पूरा करने के लिए सहायक उपकरणों की जरूरत है।
इसके अलावा, शिविर के माध्यम से पात्र लोगों को संबंधित योजनाओं और सहायता व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किया गया। इससे जरूरतमंद वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
158 लोगों का किया गया पंजीयन
आयोजकों के अनुसार, शिविर में कुल 158 लोगों का पंजीयन किया गया। पंजीकृत लाभार्थियों में राजकुमारी, गेंदिया गयाप्रसाद, बैद्यनाथ, शिवनारायण, कुंती और रामसजीवन सहित अन्य लोग शामिल रहे।
शिविर में प्राप्त पंजीकरण के आधार पर लाभार्थियों की पात्रता और उनकी जरूरतों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। निर्धारित नियमों एवं पात्रता मानकों को पूरा करने वाले लाभार्थियों को निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
हालांकि, पंजीयन होने मात्र से सभी उपकरणों का तत्काल वितरण सुनिश्चित नहीं होता। इसके लिए संबंधित विभागीय प्रक्रिया, पात्रता की जांच और निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक होगा। इसलिए लाभार्थियों को आगे की प्रक्रिया के संबंध में संबंधित संस्था से जानकारी प्राप्त करते रहने की सलाह दी जाती है।
छड़ी, व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल समेत मिलेंगे सहायक उपकरण
शिविर के माध्यम से चिन्हित किए जाने वाले सहायक उपकरणों में जरूरत के अनुसार कई प्रकार के साधन शामिल हैं। इनमें छड़ी, बैसाखी, कान की मशीन, ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड साइकिल, कमर बेल्ट, घुटना बेल्ट, वॉकर और व्हीलचेयर सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं।
इन उपकरणों का उद्देश्य लाभार्थियों की शारीरिक जरूरतों के अनुसार उन्हें सहायता प्रदान करना है। उदाहरण के लिए, चलने में परेशानी का सामना करने वाले लोगों के लिए छड़ी, बैसाखी या वॉकर उपयोगी हो सकते हैं। वहीं, अधिक गतिशीलता संबंधी कठिनाइयों वाले पात्र व्यक्तियों के लिए व्हीलचेयर अथवा ट्राइसाइकिल सहायक साबित हो सकती है।
इसी तरह, सुनने में कठिनाई का सामना करने वाले पात्र लाभार्थियों को कान की मशीन उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है। कमर और घुटनों से संबंधित जरूरतों के लिए निर्धारित सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
इस प्रकार, जरूरत के अनुरूप उपकरण मिलने से लाभार्थियों को दैनिक गतिविधियां पूरी करने में सहूलियत मिल सकती है। साथ ही, उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने और परिवार के सदस्यों पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
ग्राम विकास फाउंडेशन कर रहा जनसेवा के प्रयास
ग्राम विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में संस्था द्वारा जरूरतमंद लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संस्था का उद्देश्य वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें उपलब्ध सहायता व्यवस्था से जोड़ना है।
इसी क्रम में एलिम्को के सहयोग से आयोजित यह शिविर स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद लोगों की पहचान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों के आयोजन से उन लोगों को सुविधा मिल सकती है, जिन्हें विभिन्न कारणों से सहायता योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने या संबंधित प्रक्रियाओं तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
इसके साथ ही, इस तरह के कार्यक्रम समाज में वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी योगदान दे सकते हैं।
आयोजकों ने सहयोगियों के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में ग्राम विकास फाउंडेशन के सचिव भरत लाल ने शिविर के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले लोगों की भूमिका की सराहना की।
शिविर के सफल आयोजन में अनूप सिंह और बिपेंद्र का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों के सामूहिक प्रयासों से आसपास के गांवों के जरूरतमंद लोगों को पंजीयन शिविर का लाभ मिला।
अंततः ग्राम विकास फाउंडेशन ने जरूरतमंद लोगों की सहायता और समाजसेवा से जुड़े कार्यों को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। शिविर में 158 लोगों का पंजीयन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब पात्रता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया से लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

