अमरोहा के रजाकपुर में हो रहा अवैध मिट्टी खनन, रात में लोडर से खुदाई का वीडियो हुआ वायरल – अब जानिए क्या है जनता की मांग?

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रिपोर्ट – इकबाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के नौगांवा सादात क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। थाना क्षेत्र के रजाकपुर गांव में रात के समय लोडर मशीन से जमीन की खुदाई किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने मामले की जांच कराकर अवैध खनन की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात का अंधेरा होते ही मिट्टी की खुदाई की गतिविधियां शुरू हो जाती हैं और देर रात तक काम चलता रहता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से फोन के माध्यम से शिकायत करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कथित तौर पर संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। हालांकि, अधिकारियों को फोन किए जाने और उनकी प्रतिक्रिया के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

रजाकपुर गांव में रात के समय खुदाई का मामला

जानकारी के अनुसार, नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के रजाकपुर गांव में बीती रात लोडर मशीन की मदद से जमीन की खुदाई कर मिट्टी निकाले जाने का मामला सामने आया है। इसी दौरान एक किसान ने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इसके बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ गया।

वायरल बताए जा रहे वीडियो में लोडर मशीन से जमीन की खुदाई होती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। इसकी तारीख, सटीक स्थान, खुदाई के उद्देश्य और संबंधित गतिविधि के लिए आवश्यक अनुमति की स्थिति की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्थिति की जांच करे। यदि खुदाई के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई है या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

किसानों को जमीन की गुणवत्ता प्रभावित होने की चिंता

रजाकपुर गांव में कथित मिट्टी खनन को लेकर किसानों की चिंता भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कृषि भूमि से लगातार मिट्टी निकाले जाने पर जमीन की ऊपरी उपजाऊ परत प्रभावित हो सकती है। इससे खेती की गुणवत्ता और भूमि के उपयोग पर असर पड़ने की आशंका रहती है।

किसानों के लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का प्रमुख आधार भी होती है। ऐसे में यदि कृषि भूमि पर बिना अनुमति खुदाई की जा रही हो, तो उसकी जांच और समय पर रोकथाम महत्वपूर्ण हो जाती है।

हालांकि, इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जिस स्थान पर खुदाई किए जाने का दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह कृषि भूमि है या किसी अन्य श्रेणी की जमीन। साथ ही, जमीन को कितना नुकसान हुआ है, इसकी भी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन पहलुओं पर राजस्व विभाग और संबंधित खनन अधिकारियों की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

रात में खनन की निगरानी को लेकर उठे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय होने वाली कथित खुदाई पर प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों की समय रहते जांच की जाए, तो नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित स्थान की जांच कराई जाए। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि मिट्टी निकालने के लिए किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं और खुदाई किस उद्देश्य से की जा रही थी।

मिट्टी खनन से जुड़े मामलों में अनुमति, भूमि की श्रेणी, खुदाई की सीमा और लागू नियमों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इसलिए केवल वीडियो सामने आने के आधार पर किसी व्यक्ति या समूह को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। संबंधित विभाग को तथ्यों की पुष्टि करके ही आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।

अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि वे इस तरह की गतिविधियों को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास करते हैं। उनके मुताबिक, फोन पर शिकायत करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पाने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यदि शिकायतों पर समय से सुनवाई नहीं हो रही है, तो इससे स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करना और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि रजाकपुर गांव के इस विशेष मामले में कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है या संबंधित विभाग ने औपचारिक जांच शुरू की है। अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद इस संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

वायरल वीडियो के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर

रजाकपुर गांव में लोडर मशीन से कथित मिट्टी खनन का वीडियो सामने आने के बाद अब ग्रामीणों और किसानों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि मौके की जांच कराई जाए और यदि अवैध खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के अनुसार कदम उठाए जाएं।

इसके अलावा, जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी होगा कि जमीन किस श्रेणी की है, खुदाई के लिए अनुमति आवश्यक थी या नहीं और यदि अनुमति दी गई थी, तो क्या निर्धारित शर्तों का पालन किया जा रहा था।

फिलहाल, नौगांवा सादात के रजाकपुर गांव में कथित मिट्टी खनन से जुड़ा मामला जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में है। वायरल वीडियो की पुष्टि तथा संबंधित विभागों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गतिविधि नियमों के अनुरूप थी या नहीं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगा।

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