हरदोई में पहली बार होगी ‘आजाद विचार’ युवा संसद, युवाओं को मिलेगा विधानसभा में अपनी बात रखने का मंच
रिपोर्ट – संजीव आनंद
हरदोई: युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ने, सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों पर विचार व्यक्त करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से हरदोई में पहली बार ‘आजाद विचार – युवा संसद’ का आयोजन किया जाएगा। भविष्य-ए-उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को युवा संसद की प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन 1 नवंबर 2026 को जिला पंचायत सभागार, हरदोई में प्रस्तावित है।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल कार्यक्रम का दर्शक बनाकर रखना नहीं, बल्कि उन्हें सदन की कार्यवाही में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों की तरह अनुभव प्रदान करना है। इसके तहत प्रतिभागी विभिन्न संवैधानिक और जनप्रतिनिधि भूमिकाओं में अपनी बात रख सकेंगे। साथ ही, उन्हें सार्वजनिक मुद्दों पर तार्किक ढंग से विचार प्रस्तुत करने, दूसरों के विचार सुनने और लोकतांत्रिक संवाद की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा।
पहली बार हरदोई में आयोजित होगी युवा संसद
भविष्य-ए-उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित ‘आजाद विचार – युवा संसद’ को युवाओं के लिए एक संवादात्मक मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। इसके माध्यम से उन्हें सदन की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा करने की प्रक्रिया का अनुभव कराया जाएगा।
आमतौर पर युवा विभिन्न सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं, लेकिन उन्हें औपचारिक संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप विचार प्रस्तुत करने के अवसर कम मिलते हैं। ऐसे में युवा संसद जैसे आयोजन उनके विचारों को व्यवस्थित ढंग से रखने और चर्चा के दौरान तर्कों का इस्तेमाल करने की समझ विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।
इसके अलावा, कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग विचारों को सुनना, तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखना और संवाद के जरिए समाधान तलाशना क्यों महत्वपूर्ण है।
युवाओं को मिलेगा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को अपनी बात रखने के लिए सार्थक और लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराना है। युवा संसद में भाग लेने से छात्र-छात्राओं को सार्वजनिक विषयों पर तैयारी करने, अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने और चर्चा में भाग लेने का व्यावहारिक अनुभव मिल सकता है।
इसके साथ ही, इस तरह की गतिविधियां युवाओं में आत्मविश्वास, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व के गुण विकसित करने में मदद कर सकती हैं। जब छात्र किसी विषय पर जानकारी जुटाकर अपनी बात प्रस्तुत करते हैं, तो उन्हें उस मुद्दे के विभिन्न पक्षों को समझने का अवसर भी मिलता है।
यही वजह है कि युवा संसद को केवल एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि सीखने और विचारों के आदान-प्रदान के मंच के रूप में भी देखा जा रहा है।
विजेताओं को मिलेगा उत्तर प्रदेश विधानसभा भ्रमण का अवसर
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विजेता प्रतिभागियों के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के भ्रमण का अवसर है। आयोजकों के अनुसार, विजेता प्रतिभागियों को विधानसभा देखने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इससे उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधानसभा की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
विधानसभा भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को विधायी व्यवस्था के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि जनप्रतिनिधि किस प्रकार जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाते हैं और विधायी प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाती है।
हालांकि, भ्रमण की विस्तृत व्यवस्था और समय-सारिणी को लेकर आयोजकों की ओर से दी जाने वाली आधिकारिक जानकारी को ही अंतिम माना जाना चाहिए।
अजयेंद्र सिंह ‘आजाद’ ने बताई पहल की वजह
‘आजाद विचार – युवा संसद’ के संस्थापक एवं आयोजन निदेशक और भविष्य-ए-उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष अजयेंद्र सिंह ‘आजाद’ ने कहा कि इस पहल की शुरुआत हरदोई के युवाओं को अपनी बात रखने के लिए एक सार्थक और लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
उनके अनुसार, युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में भी समाज और देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए युवाओं को अपनी राय रखने, सामाजिक विषयों पर चर्चा करने और नेतृत्व की जिम्मेदारी समझने के अवसर मिलने चाहिए।
इस सोच के तहत आयोजित होने वाला कार्यक्रम युवाओं को विचार व्यक्त करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने का अवसर प्रदान करेगा।
आयोजन में ये लोग निभा रहे हैं भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन में कई लोग अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यश पांडेय और आशुतोष अग्रवाल कार्यक्रम संचालक के रूप में सहयोग कर रहे हैं। वहीं, वरुण मिश्रा सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में तथा शोभित त्रिपाठी कोर टीम सदस्य के रूप में आयोजन से जुड़े हैं।
आयोजकों की टीम कार्यक्रम की तैयारियों और प्रतिभागियों को मंच उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। आयोजन से जुड़े लोगों का उद्देश्य युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर देना है।
80 सीटें निर्धारित, पंजीकरण शुल्क 199 रुपये
‘आजाद विचार – युवा संसद’ में प्रतिभागियों के लिए कुल 80 सीटें निर्धारित की गई हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं 199 रुपये के पंजीकरण शुल्क के साथ अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
पंजीकरण और कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए आयोजकों की ओर से दो संपर्क नंबर जारी किए गए हैं:
- 9454656813
- 8564820956
इच्छुक प्रतिभागी पंजीकरण से पहले आयोजकों से संपर्क करके पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों, कार्यक्रम की प्रक्रिया और अन्य जरूरी निर्देशों की पुष्टि कर सकते हैं। चूंकि सीटों की संख्या सीमित रखी गई है, इसलिए इच्छुक छात्र-छात्राओं को समय रहते पंजीकरण संबंधी जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी जाती है।
युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की पहल
हरदोई में पहली बार आयोजित होने जा रही ‘आजाद विचार – युवा संसद’ युवाओं को सार्वजनिक मुद्दों पर विचार व्यक्त करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने का अवसर देने की दिशा में एक पहल है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राएं सदन जैसी व्यवस्था में अपनी बात रखने, दूसरों के विचार सुनने और तार्किक संवाद का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
अब सभी की नजर 1 नवंबर 2026 को होने वाले इस आयोजन पर रहेगी। कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी और उनकी प्रस्तुतियां यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगी कि वे इस मंच का उपयोग अपने विचारों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ को विकसित करने के लिए किस तरह करते हैं।

