लखीमपुर खीरी के मितौली से लापता चार वर्षीय बच्ची 20 घंटे में सकुशल बरामद, पुलिस टीम की हो रही सराहना
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के मितौली थाना क्षेत्र में लापता हुई चार वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने करीब 20 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची की तलाश में पुलिस टीम ने लगातार अभियान चलाया और डॉग स्क्वायड की मदद भी ली। आखिरकार बच्ची को गन्ने के खेत से खोज निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्ची के घर लौटने से परिवार ने राहत की सांस ली और परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तत्परता और लगातार किए गए प्रयासों की क्षेत्र में सराहना हो रही है। बच्ची की तलाश के लिए पुलिस टीम ने उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए खोज अभियान जारी रखा। करीब 20 घंटे की कोशिशों के बाद मासूम के सकुशल मिलने से परिजनों की चिंता दूर हुई।
मितौली थाना क्षेत्र से लापता हुई थी मासूम
जानकारी के अनुसार, मितौली थाना क्षेत्र में चार वर्षीय बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। बच्ची की उम्र कम होने के कारण मामला संवेदनशील था। ऐसे में पुलिस ने उसे जल्द से जल्द खोजने के लिए अभियान चलाया।
बच्ची की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने क्षेत्र में खोजबीन की और संभावित स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड की मदद से भी तलाश की गई। पुलिसकर्मियों ने लगातार प्रयास जारी रखे, ताकि बच्ची को सुरक्षित खोजकर उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
डॉग स्क्वायड की मदद से चलाया गया तलाशी अभियान
बच्ची को खोजने के लिए पुलिस ने डॉग स्क्वायड की सहायता ली। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की। इसी क्रम में बच्ची को गन्ने के खेत से सकुशल बरामद कर लिया गया।
हालांकि, बच्ची के लापता होने की परिस्थितियों और गन्ने के खेत तक पहुंचने के कारणों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस मामले में किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना उचित होगा।
पुलिस के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि बच्ची सुरक्षित मिल गई। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
नीरज कुमार और महिमा पांडेय के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए चलाए गए अभियान का नेतृत्व मितौली थाने के कार्यवाहक थाना अध्यक्ष नीरज कुमार और उपनिरीक्षक महिमा पांडेय ने किया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने तलाश जारी रखी और करीब 20 घंटे के भीतर बच्ची को खोजने में सफलता हासिल की।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस टीम की तत्परता और मेहनत की चर्चा हो रही है। लोगों ने बच्ची की सुरक्षित बरामदगी को लेकर पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना की। हालांकि, अभियान में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के नामों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बच्ची के मिलने से परिवार ने ली राहत की सांस
चार वर्षीय बच्ची के लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में उसकी तलाश के दौरान परिजन लगातार उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे थे। करीब 20 घंटे बाद जब बच्ची के सकुशल बरामद होने की सूचना मिली, तो परिवार ने राहत महसूस की।
बच्ची को परिजनों के सुपुर्द किए जाने के बाद परिवार में खुशी का माहौल बन गया। मासूम के सुरक्षित घर लौटने से माता-पिता की चिंता दूर हुई। किसी भी परिवार के लिए छोटे बच्चे का अचानक लापता होना बेहद परेशान करने वाला अनुभव हो सकता है। ऐसे में बच्ची की सकुशल बरामदगी परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की हो रही सराहना
मितौली क्षेत्र में बच्ची की बरामदगी के बाद पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की जा रही है। इस मामले में डॉग स्क्वायड की मदद और लगातार तलाशी अभियान ने बच्ची को खोजने के प्रयासों में अहम भूमिका निभाई।
इसके साथ ही यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता भी याद दिलाती है। अभिभावकों को चाहिए कि छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उनके आसपास की गतिविधियों के प्रति जागरूक रहें। यदि कोई बच्चा लापता हो जाए, तो बिना देर किए पुलिस को सूचना देना महत्वपूर्ण है, ताकि समय रहते तलाश शुरू की जा सके।
फिलहाल, मितौली थाना क्षेत्र में लापता हुई चार वर्षीय बच्ची को करीब 20 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस टीम की इस कार्रवाई से परिवार को बड़ी राहत मिली है। वहीं, बच्ची के लापता होने की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

