लखीमपुर खीरी में आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान अभी भी है लंबित, करवा चौथ और दीपावली पर बढ़ी निराशा

4ba89dd4-b58c-431f-a2fe-d299cea322b4

रिपोर्ट – शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आशा कार्यकर्ताओं के सितंबर और अक्टूबर माह के भुगतान में देरी का मामला सामने आया है। करवा चौथ और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के अवसर पर भी भुगतान नहीं मिलने से आशा कार्यकर्ताओं में निराशा है। उनका कहना है कि निर्धारित टीकाकरण सत्रों में ड्यूटी करने और मासिक रिपोर्ट समय से जमा करने के बावजूद उन्हें अब तक मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाई है। ऐसे में उनके सामने त्योहारों के खर्चों को पूरा करने और घरेलू जरूरतों का प्रबंधन करने की चुनौती बनी हुई है।

आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टीकाकरण अभियान से लेकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों तक, उनकी जिम्मेदारियां स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। इसलिए उनके भुगतान में देरी का मुद्दा उनके लिए आर्थिक चिंता के साथ-साथ कार्य व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी बन गया है।

सितंबर और अक्टूबर का भुगतान अब तक लंबित

जानकारी के अनुसार, जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने सितंबर और अक्टूबर माह से संबंधित अपनी मासिक रिपोर्ट निर्धारित समय पर जमा कर दी है। इसके साथ ही वे अपने निर्धारित टीकाकरण सत्रों में भी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। इसके बावजूद संबंधित अवधि का मानदेय और प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिलने की बात कही जा रही है।

आशा कार्यकर्ताओं के लिए विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भागीदारी और उनसे संबंधित रिपोर्ट तैयार करना नियमित कार्य का हिस्सा है। इन गतिविधियों के आधार पर मिलने वाला भुगतान उनकी आर्थिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में समय पर काम पूरा करने के बाद भी भुगतान लंबित रहने से उनकी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

हालांकि, भुगतान में देरी के वास्तविक कारणों, लंबित राशि की कुल मात्रा और भुगतान की संभावित तारीख को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इन बिंदुओं पर संबंधित विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

त्योहारों पर भुगतान नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

करवा चौथ और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान परिवारों के खर्च बढ़ जाते हैं। घर की जरूरतों, त्योहार की तैयारियों और दैनिक खर्चों के बीच नियमित आय का समय पर मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान लंबित रहने से उनकी आर्थिक योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

आशा कार्यकर्ताओं की शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपनी ड्यूटी और रिपोर्ट संबंधी जिम्मेदारियों को समय से पूरा किया है। इसके बावजूद भुगतान नहीं मिलने से उनमें असंतोष और निराशा का माहौल है।

त्योहारों के दौरान भुगतान की अपेक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि कई परिवार अपने खर्चों की योजना मिलने वाली राशि के आधार पर बनाते हैं। यदि भुगतान निर्धारित समय पर नहीं पहुंचता, तो उन्हें अन्य जरूरतों के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रबंधन करना पड़ सकता है।

हालांकि, प्रत्येक कार्यकर्ता की आर्थिक स्थिति अलग-अलग हो सकती है, लेकिन समय पर भुगतान सुनिश्चित करना उनकी नियमित कार्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाती हैं आशा कार्यकर्ता

आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं और आम लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती हैं। वे टीकाकरण सत्रों में सहयोग करने, पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं और बच्चों से जुड़ी गतिविधियों में सहायता करने तथा समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने जैसे कार्यों में योगदान देती हैं।

इसके अलावा, विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों के दौरान लोगों को निर्धारित सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है। इन कार्यों के साथ उन्हें संबंधित रिकॉर्ड और रिपोर्ट तैयार करने की जरूरत भी होती है।

ऐसे में समय पर भुगतान केवल आर्थिक विषय नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की कार्य व्यवस्था और उनकी जिम्मेदारियों के प्रबंधन से भी जुड़ा है। इसलिए भुगतान में किसी भी तरह की देरी होने पर उसकी वजह स्पष्ट करना और समस्या का समाधान करना जरूरी माना जाता है।

समय से रिपोर्ट जमा करने के बाद भी भुगतान में देरी क्यों?

आशा कार्यकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सितंबर और अक्टूबर माह की रिपोर्ट समय पर जमा कर दी गई है, तो भुगतान अब तक लंबित क्यों है। क्या भुगतान की प्रक्रिया में प्रशासनिक देरी हो रही है, या फिर किसी अन्य स्तर पर औपचारिकताएं पूरी होना बाकी हैं? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की ओर से ही दिया जा सकता है।

भुगतान की प्रक्रिया में रिपोर्ट का सत्यापन, कार्यों का रिकॉर्ड और विभागीय स्वीकृति जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि, लखीमपुर खीरी में भुगतान लंबित रहने का वास्तविक कारण उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराने से पहले विभागीय स्थिति की पुष्टि आवश्यक है।

वहीं, यदि भुगतान संबंधी कोई औपचारिकता अधूरी है, तो संबंधित कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी कर सकें।

संबंधित अधिकारियों से जल्द भुगतान कराने की मांग

आशा कार्यकर्ताओं की मांग है कि सितंबर और अक्टूबर माह का लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि जल्द जारी की जाए। उनका कहना है कि निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा करने के बाद भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना परेशानी बढ़ाता है।

ऐसे में संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे लंबित भुगतान की स्थिति की समीक्षा करें और यह स्पष्ट करें कि राशि कब तक जारी की जा सकेगी। साथ ही, यदि किसी स्तर पर दस्तावेज या रिपोर्ट से जुड़ी समस्या है, तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

समय पर भुगतान से आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

अब भुगतान की तारीख का इंतजार

फिलहाल, लखीमपुर खीरी की आशा कार्यकर्ताओं को सितंबर और अक्टूबर माह के लंबित भुगतान का इंतजार है। करवा चौथ और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान भुगतान नहीं मिलने की शिकायत ने इस मुद्दे को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कब तक स्थिति स्पष्ट करता है और लंबित राशि के भुगतान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। आशा कार्यकर्ताओं की मांग है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें अपने काम के भुगतान के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार न करना पड़े।

You may have missed