कानपुर में टेसू-झांझिया कार्यक्रम के दौरान जमकर की गई हर्ष फायरिंग, फिर एक बुजुर्ग की हो गई मौत – जानिए कहां?

a9ef5b28-e6df-4b82-b319-c85a81e22235

रिपोर्ट: शुभम साहू

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के सजेती थाना क्षेत्र के कोटरा मकरनपुर गांव में टेसू-झांझिया कार्यक्रम के दौरान कथित हर्ष फायरिंग में गोली लगने से 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। वहीं, बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपों की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

टेसू-झांझिया कार्यक्रम के दौरान हुई घटना

मिली जानकारी के अनुसार, कोटरा मकरनपुर गांव में टेसू-झांझिया कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में गांव के लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान गांव निवासी सुवालाल उर्फ रामखेलावन निषाद (60), पुत्र स्वर्गीय तेजा प्रसाद निषाद, भी वहां मौजूद थे।

परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, गांव निवासी अन्नू सिंह ठाकुर (28), पुत्र मकसूदन सिंह, कथित तौर पर नशे की हालत में दुनाली बंदूक से फायरिंग कर रहा था। इसी दौरान चली एक गोली सुवालाल के सीने में लग गई। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।

अचानक हुई इस घटना से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। लोग घायल बुजुर्ग की मदद के लिए आगे आए और परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

घटना के बाद परिजन घायल सुवालाल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घाटमपुर ले गए। हालांकि, वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में शोक का माहौल छा गया।

बुजुर्ग की मौत की सूचना गांव में फैलते ही लोग घटना को लेकर चर्चा करने लगे। एक पारंपरिक कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने ग्रामीणों को दुखी कर दिया। वहीं, मृतक के परिवार के सामने अचानक आई इस परिस्थिति से गांव में शोक का माहौल बना रहा।

घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की।

परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज

पुलिस के सामने अब घटना की परिस्थितियों, फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार और गोली चलने के कारणों की जांच करना महत्वपूर्ण है। परिजनों ने अपनी तहरीर में घटना को लेकर आरोप लगाए हैं। इसी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध तथ्यों और संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही, घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और फायरिंग की परिस्थितियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी। इसलिए पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हर्ष फायरिंग को लेकर फिर उठे सवाल

कोटरा मकरनपुर की इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक और पारंपरिक आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों और अन्य समारोहों में खुशी जाहिर करने के लिए की जाने वाली हर्ष फायरिंग कई बार गंभीर हादसों का कारण बन सकती है।

दरअसल, हवा में चलाई गई गोली भी वापस नीचे आते समय लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। वहीं, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हथियार से फायरिंग करने से किसी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने का जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए उत्सव के दौरान हथियारों का प्रदर्शन या फायरिंग करना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।

ऐसे आयोजनों में कानून का पालन करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। किसी भी तरह की लापरवाही न केवल आयोजन की खुशियों को प्रभावित कर सकती है, बल्कि परिवारों के लिए गंभीर परिणाम भी ला सकती है।

पुलिस जांच पर टिकी नजरें

कानपुर नगर के सजेती थाना क्षेत्र में टेसू-झांझिया कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना में 60 वर्षीय सुवालाल उर्फ रामखेलावन निषाद की मौत हो गई। परिजनों के आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

फिलहाल, घटना से जुड़े आरोपों, फायरिंग की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि उत्सव और परंपराओं के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है।

You may have missed