कानपुर में 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 26 अक्टूबर से शुरू होंगे प्री-ट्रायल – पढ़िए पूरी जानकारी

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Digital UP News

कानपुर: कानपुर नगर में वादों के आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण के लिए 12 दिसंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर, कानपुर नगर में होगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशन और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से इसकी तैयारियां की जा रही हैं। लोक अदालत से पहले 26 अक्टूबर से प्री-ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके तहत संबंधित मामलों के पक्षकार न्यायालय में उपस्थित होकर आपसी सहमति से विवाद निस्तारण की संभावना पर विचार कर सकेंगे।

पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर अभिनव तिवारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष की अध्यक्षता में किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक ऐसे मामलों का निस्तारण कराना है, जिनमें पक्षकार आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने के लिए तैयार हों।

12 दिसंबर को दीवानी न्यायालय परिसर में लगेगी लोक अदालत

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, राष्ट्रीय लोक अदालत 12 दिसंबर 2026, शनिवार को आयोजित होगी। इस दौरान विभिन्न श्रेणियों के मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने का अवसर मिलता है।

अक्सर किसी विवाद के निस्तारण में दोनों पक्षों के बीच सहमति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में लोक अदालत एक ऐसा मंच उपलब्ध कराती है, जहां संबंधित पक्ष अपने मामले को बातचीत और समझौते के जरिए सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, किसी मामले का निस्तारण संबंधित कानूनों, मामले की प्रकृति और पक्षकारों की सहमति के अनुरूप ही किया जाता है।

इन मामलों का किया जाएगा निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के वादों को शामिल किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित मामले शामिल हैं:

  • मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद: मोटर दुर्घटनाओं से जुड़े प्रतिकर संबंधी मामलों में समझौते के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जाएगा।
  • सिविल वाद: ऐसे दीवानी मामलों को शामिल किया जाएगा, जिनका निस्तारण आपसी सहमति से संभव हो।
  • पारिवारिक वाद: पात्र पारिवारिक विवादों में संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
  • बैंक ऋण वसूली वाद: बैंक ऋण की वसूली से जुड़े मामलों में समझौते की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
  • परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) के मामले: इस अधिनियम के अंतर्गत आने वाले पात्र मामलों को भी निस्तारण के लिए लिया जाएगा।
  • राजस्व संबंधी मामले: राजस्व से जुड़े ऐसे मामलों को शामिल किया जाएगा, जिनका समाधान नियमानुसार लोक अदालत में संभव है।

इसके अतिरिक्त, अन्य उपयुक्त मामलों का भी निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, प्रत्येक मामले की पात्रता और निस्तारण की संभावना संबंधित नियमों तथा मामले की स्थिति पर निर्भर करेगी।

26 अक्टूबर से शुरू होंगे प्री-ट्रायल

राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से पहले मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्री-ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पांच तिथियां निर्धारित की गई हैं। संबंधित वादी और प्रतिवादी इन तिथियों पर अपने मामले की सुनवाई करने वाले न्यायालय में उपस्थित होकर समझौते के संबंध में अपनी सहमति व्यक्त कर सकते हैं।

प्री-ट्रायल की निर्धारित तिथियां इस प्रकार हैं:

क्रम प्री-ट्रायल की तारीख
1 26 अक्टूबर 2026
2 2 नवंबर 2026
3 11 नवंबर 2026
4 18 नवंबर 2026
5 25 नवंबर 2026

इन प्री-ट्रायल का उद्देश्य राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले संबंधित मामलों में सुलह-समझौते की संभावनाओं पर विचार करना है। इससे पक्षकारों को अपने विवाद के समाधान के लिए सहमति बनाने का अवसर मिल सकेगा।

संबंधित न्यायालय में ही होगी प्री-ट्रायल की प्रक्रिया

पूर्णकालिक सचिव अभिनव तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्री-ट्रायल संबंधित वाद की सुनवाई करने वाले न्यायालय में ही आयोजित होगा। इसलिए जिन वादी और प्रतिवादी का मामला न्यायालय में लंबित है और वे उसे आपसी सहमति से निस्तारित कराना चाहते हैं, वे निर्धारित तिथियों पर संबंधित न्यायालय में उपस्थित हो सकते हैं।

पक्षकारों को अपने मामले की स्थिति के अनुसार आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने की तैयारी करनी चाहिए। यदि दोनों पक्ष समझौते के लिए सहमत होते हैं, तो मामले को नियमानुसार निस्तारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। वहीं, जिन मामलों में सहमति नहीं बन पाती, उनका निस्तारण संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।

इसलिए संबंधित पक्षकारों के लिए यह उपयोगी होगा कि वे प्री-ट्रायल की निर्धारित तिथियों को ध्यान में रखते हुए समय से तैयारी करें। इससे मामले से जुड़े तथ्यों और समझौते की शर्तों पर विचार करने में सुविधा हो सकती है।

पक्षकारों से सहयोग की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर ने संबंधित वादी और प्रतिवादियों से अपील की है कि वे प्री-ट्रायल में भाग लेकर आपसी सहमति से अपने मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया में सहयोग करें। प्राधिकरण का प्रयास है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक उपयुक्त मामलों का समाधान कराया जा सके।

कुल मिलाकर, कानपुर नगर में 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत उन पक्षकारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो अपने पात्र मामलों का समाधान सुलह-समझौते के आधार पर चाहते हैं। इसके लिए 26 अक्टूबर, 2 नवंबर, 11 नवंबर, 18 नवंबर और 25 नवंबर को प्री-ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। संबंधित पक्षकार निर्धारित तिथियों पर अपने मामले की सुनवाई करने वाले न्यायालय में उपस्थित होकर समझौते की संभावना पर विचार कर सकते हैं।

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