परिवहन निगम मुख्यालय से वार्ता में बनी सहमति, श्रमिक समाज कल्याण संघ ने 27 अक्टूबर का धरना किया निरस्त
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह पिंटू
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर श्रमिक समाज कल्याण संघ तथा निगम मुख्यालय के अधिकारियों के बीच 24 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद संगठन ने प्रबंध निदेशक की अपील पर 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन निरस्त करने का निर्णय लिया।
संगठन की ओर से 10 बिंदुओं पर अपनी मांगें रखी गई थीं। इन मांगों में सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान, संविदा कर्मचारियों की सेवा नियमावली लागू करना, रिक्त पदों पर भर्ती, संविदा चालक-परिचालकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और मृतक आश्रितों को नौकरी देने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। वार्ता में निगम के अधिकारियों ने विभिन्न मांगों पर सहमति जताते हुए उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
24 अक्टूबर को हुई महत्वपूर्ण वार्ता
श्रमिक समाज कल्याण संघ ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 27 अक्टूबर को परिवहन निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। हालांकि, प्रस्तावित धरने से पहले ही निगम मुख्यालय की ओर से 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे वार्ता आयोजित की गई। बैठक में निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और संगठन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
वार्ता के दौरान कर्मचारियों की आर्थिक समस्याओं, सेवा संबंधी नियमों, रिक्त पदों पर नियुक्ति और संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, परिवहन निगम के हितों से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। संगठन के अनुसार, कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित करने के बजाय उसे निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
सातवें वेतनमान के एरियर पर बनी सहमति
बैठक में कर्मचारियों के सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संगठन की ओर से बताया गया कि इस संबंध में पहले चरण में मृतक कर्मचारियों के परिवारों को भुगतान किया जाएगा। इसके लिए नवंबर 2026 में 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की बात कही गई।
यह निर्णय मृतक कर्मचारियों के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, भुगतान की वास्तविक स्थिति और समयसीमा निगम की ओर से होने वाली आधिकारिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस सहमति के बाद एरियर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
संविदा कर्मचारियों की सेवा नियमावली जल्द लागू करने का आश्वासन
संविदा कर्मचारियों की सेवा नियमावली का विषय भी वार्ता में शामिल रहा। संगठन की मांग पर सहमति बनी कि गठित समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सेवा नियमावली को जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
इस मांग को संविदा कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सेवा नियमावली से जुड़े स्पष्ट प्रावधान कर्मचारियों की सेवा शर्तों और भविष्य की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। अब समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाले निर्णय पर कर्मचारियों की नजर रहेगी।
विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया 6 नवंबर से शुरू करने की जानकारी
परिवहन निगम में रिक्त पदों को भरने के संबंध में भी वार्ता के दौरान चर्चा हुई। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 से शुरू की जाएगी।
इन पदों का विवरण इस प्रकार है:
- वरिष्ठ केंद्र प्रभारी के 92 पद।
- मैकेनिक के 270 पद।
- सहायक भंडारपाल के 128 पद।
- विद्युत कार्य से संबंधित 58 पद।
इस प्रकार कुल 548 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई। संगठन को उम्मीद है कि इन पदों पर नियुक्तियों से कर्मचारियों की कमी दूर करने और निगम के कामकाज को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। हालांकि, भर्ती से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विवरणों के लिए संबंधित आयोग या परिवहन निगम की आधिकारिक अधिसूचना देखना आवश्यक होगा।
संविदा चालक-परिचालकों को मिलेगी ईएसआईसी चिकित्सा सुविधा
बैठक में संविदा चालक और परिचालकों की चिकित्सा सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन के अनुसार, संविदा कर्मचारियों के लिए ईएसआईसी चिकित्सा सुविधा जल्द लागू करने पर सहमति बनी है।
यह सुविधा लागू होने से पात्र कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार चिकित्सा संबंधी लाभ मिल सकेंगे। इसके साथ ही, संविदा चालक-परिचालकों के वेतन भुगतान की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। संगठन को बताया गया कि पूर्व की भांति प्रत्येक महीने की 10 से 15 तारीख के बीच वेतन वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
वेतन भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें घरेलू खर्चों और अन्य आवश्यकताओं की योजना बनाने में मदद मिलती है।
19 डिपो में तकनीकी मरम्मत व्यवस्था की होगी जांच
परिवहन निगम के 19 डिपो में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराए जा रहे तकनीकी मरम्मत कार्यों से संबंधित कमियों का मुद्दा भी बैठक में रखा गया। संगठन के अनुसार, इन व्यवस्थाओं की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर निगम के हित में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, डग्गामार वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए भी चर्चा हुई। संगठन क्षेत्रीय प्रबंधकों और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ मिलकर अभियान चलाएगा। इस पहल का उद्देश्य निर्धारित नियमों के अनुरूप परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करना है।
मृतक आश्रितों की भर्ती और वरिष्ठता सूची पर भी चर्चा
बैठक में मृतक कर्मचारियों के आश्रितों की नियुक्ति का विषय भी उठाया गया। संगठन की ओर से बताया गया कि 180 मृतक आश्रितों की भर्ती शासन से अनुमति मिलने के बाद तत्काल किए जाने पर सहमति बनी है।
इसके अलावा, कर्मचारियों को प्रभारी पद की जिम्मेदारी सौंपते समय उनकी वरिष्ठता सूची देखने की मांग पर भी चर्चा हुई। संगठन के अनुसार, इस संबंध में सहमति बनी कि किसी भी कर्मचारी को प्रभारी बनाने से पहले उसकी वरिष्ठता सूची का अवलोकन किया जाएगा। इससे पद संबंधी निर्णयों में वरिष्ठता को ध्यान में रखने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों और संगठन के पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवहन निगम की ओर से डॉ. विपिन कुमार मिश्रा, अपर प्रबंध निदेशक; अंकुर विकास, प्रधान प्रबंधक समकल्याण; नीरज सोनकर और विनोद कुमार, प्रधान प्रबंधक प्राविधिक; अमरनाथ सहाय, प्रधान प्रबंधक एमआईएस तथा अवध कुमार यादव, सहायक विधि अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, श्रमिक समाज कल्याण संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एमएल कुरील, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार, प्रदेश संयुक्त मंत्री रामचंद्र शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामराज विश्वकर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष आरके दोहरे, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील कुमार सहित परमाल सिंह, रामदुलारे, गोपाल सिंह, संदीप दुबे, अशोक कुमार, राहुल सिंह, कमलकांत, राम गोपाल यादव, माशूक अली, सुरेंद्र कुमार यादव, चन्द किरण और अशोक यादव समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में दिनेश कुमार की भी मौजूदगी रही।
सहमति के बाद 27 अक्टूबर का धरना निरस्त
वार्ता में विभिन्न मांगों पर बनी सहमति और प्रबंध निदेशक की अपील के बाद श्रमिक समाज कल्याण संघ ने 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन निरस्त करने की घोषणा की। संगठन ने कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी प्रयास जारी रखने की बात कही।
अब कर्मचारियों की निगाहें इन सहमतियों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। विशेष रूप से एरियर भुगतान, भर्ती प्रक्रिया, सेवा नियमावली, ईएसआईसी सुविधा और मृतक आश्रितों की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर आगे होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। यदि तय दिशा में समयबद्ध कदम उठाए जाते हैं, तो इससे परिवहन निगम के कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
श्रमिक समाज कल्याण संघ ने कर्मचारियों के हितों से जुड़ी मांगों के समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद संगठन की ओर से श्रमिक समाज कल्याण संघ जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए।

