संतकबीरनगर में हत्या के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 9 की गिरफ्तारी

WhatsApp Image 2026-10-25 at 5.19.48 PM

रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर : उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में खलीलाबाद कोतवाली पुलिस ने ब्रह्मनन्द यादव की हत्या के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बृजेश यादव पुत्र सुरेन्द्र यादव, निवासी भगठान (गोसाईपुर), थाना कोतवाली खलीलाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया एक डंडा भी बरामद करने का दावा किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 25 अक्टूबर को भुवरिया रोड स्थित पायलपार गेट के पास की गई। इससे पहले इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला कारागार भेजा जा चुका है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई कार्रवाई

संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जिले में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई।

प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने हत्या के मामले में वांछित आरोपी बृजेश यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर एक डंडा बरामद हुआ है, जिसे मामले में इस्तेमाल किया गया हथियार बताया गया है।

यह मामला थाना कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा अपराध संख्या 890/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 3(5), 191(2), 191(3), 190 और 61(2) में दर्ज है।

22 सितंबर को हुई थी ब्रह्मनन्द यादव की मौत

पुलिस के मुताबिक, घटना की शुरुआत 22 सितंबर 2026 को हुई थी। इस संबंध में मृतक के भाई रमाकान्त यादव पुत्र दयाराम यादव, निवासी भकठान गोसाईपुर ने खलीलाबाद कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, ब्रह्मनन्द यादव उस दिन घर से गिठनी बाजार जाने के लिए निकले थे। रास्ते में जब वह राकेश यादव के घर के सामने पहुंचे, तभी आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी बुलेट मोटरसाइकिल रोक ली। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इसके बाद उनकी आंखों में पिसी हुई लाल मिर्च डाल दी गई, जिससे वह गिर पड़े।

इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से उनके साथ मारपीट की। घटना के दौरान शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो ब्रह्मनन्द यादव गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दी और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

पूछताछ में पुरानी रंजिश की बात सामने आने का दावा

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बृजेश यादव ने पूछताछ में पुरानी रंजिश को घटना की वजह बताया। पुलिस द्वारा साझा की गई पूछताछ की जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि गांव के प्रधान रमाकान्त यादव, उनके भाई ब्रह्मनन्द यादव और श्रीकान्त यादव के साथ उसका विवाद चल रहा था।

आरोपी के कथित बयान के अनुसार, 18 मई 2026 को भी मारपीट की एक घटना हुई थी, जिसके संबंध में खलीलाबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते आरोपी और उसके परिवार के लोगों ने ब्रह्मनन्द यादव को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।

पुलिस की ओर से जारी विवरण में यह भी कहा गया है कि पूछताछ के दौरान आगामी ग्राम प्रधान चुनाव को लेकर रंजिश की बात सामने आई। हालांकि, पूछताछ में सामने आए इन बयानों और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी। आरोपी के कथित बयान को अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

आठ आरोपियों की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में बृजेश यादव की गिरफ्तारी से पहले आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्हें जिला कारागार में निरुद्ध किया गया है। अब एक और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या नौ हो गई है।

पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका, घटनाक्रम और बरामद साक्ष्यों की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की गिरफ्तारी

आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे, उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, हेड कांस्टेबल मोहन कुमार, कांस्टेबल अरुण कुमार, प्रशान्त विक्रम सिंह, भूपेन्द्र प्रताप सिंह, शुभम तिवारी, महिला कांस्टेबल खुशी और महिला कांस्टेबल अंजूलता देवी शामिल रहीं।

You may have missed