अमेठी में अमूल डेयरी की वार्षिक बैठक संपन्न, उत्कृष्ट किसानों को ऊनी वस्त्र देकर किया सम्मानित
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमूल डेयरी की वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया। संग्रामपुर विकासखंड की करनाईपुर ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, बेहतर दुग्ध उत्पादन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, डेयरी व्यवसाय में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को ऊनी वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेत्री, पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं पूर्व प्रत्याशी रश्मि सिंह शामिल हुईं। इस अवसर पर डेयरी सचिव शशि भूषण तिवारी ने मुख्य अतिथि सहित अन्य आगंतुकों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। बैठक में किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने और दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से बढ़ सकती है किसानों की आमदनी: रश्मि सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेत्री रश्मि सिंह ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में किसानों और पशुपालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए खेती के साथ पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को अपनाकर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय कृषि से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन किसानों के लिए आय के बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए पशुओं की उचित देखभाल, संतुलित आहार, स्वच्छता और दूध की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
रश्मि सिंह ने किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किसानों तथा पशुपालकों के आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती हैं। यदि किसान इन योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त करें और उनका प्रभावी उपयोग करें, तो उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
आधुनिक तकनीकों से डेयरी व्यवसाय को बनाया जा सकता है लाभकारी
बैठक के दौरान दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को अधिक व्यवस्थित बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, पशुओं के स्वास्थ्य, उनके खानपान, साफ-सफाई और समय पर देखभाल का दूध उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक पशुपालन पद्धतियों के प्रति जागरूक करना महत्वपूर्ण है।
रश्मि सिंह ने कहा कि दूध की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए पशुओं को पौष्टिक आहार देना, उनके रहने की जगह को स्वच्छ रखना और आवश्यकतानुसार पशु चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। इसके अलावा, दुग्ध उत्पादन से जुड़े कार्यों में बेहतर प्रबंधन अपनाने से किसानों को अपने व्यवसाय की लागत और आमदनी के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली ऐसी बैठकें किसानों को नई जानकारियों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके जरिए किसान अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं और डेयरी व्यवसाय से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे पशुपालन को अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।
अमूल डेयरी प्रतिनिधि ने किसानों को दी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में अमूल डेयरी के प्रतिनिधि ब्रजपाल सिंह ने किसानों को डेयरी से जुड़ी योजनाओं, उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और बेहतर दुग्ध उत्पादन के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को डेयरी व्यवसाय से संबंधित व्यवस्थाओं को समझने और उत्पादन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादन की प्रक्रिया में स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष महत्व है। इसलिए किसानों को दूध निकालने से लेकर उसके संग्रह और आपूर्ति तक साफ-सफाई के निर्धारित मानकों का ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही, पशुओं की नियमित देखभाल और उचित पोषण पर ध्यान देना भी जरूरी है।
बैठक में किसानों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करने, डेयरी से जुड़े कार्यों को बेहतर बनाने और आधुनिक पशुपालन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों की समस्याओं और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उत्कृष्ट किसानों को ऊनी वस्त्र भेंटकर किया सम्मानित
अमूल डेयरी की वार्षिक बैठक के दौरान डेयरी व्यवसाय में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि रश्मि सिंह और डेयरी प्रतिनिधियों ने चयनित किसानों को ऊनी वस्त्र भेंटकर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस सम्मान का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले किसानों का मनोबल बढ़ाना और अन्य पशुपालकों को भी गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करना रहा। किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके प्रयासों से स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने डेयरी व्यवसाय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही, पशुपालन की चुनौतियों, दूध की गुणवत्ता में सुधार और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण
अमेठी के तिवारीपुर गांव में आयोजित अमूल डेयरी की यह वार्षिक बैठक किसानों को पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही। इस तरह के कार्यक्रमों से किसानों को नई तकनीकों, उपलब्ध सुविधाओं और बेहतर उत्पादन पद्धतियों की जानकारी मिलती है।
वर्तमान समय में ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन जैसे सहायक व्यवसायों को प्रोत्साहित करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, डेयरी व्यवसाय में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादन की गुणवत्ता, बाजार की मांग और खर्चों का उचित प्रबंधन भी जरूरी है।
कुल मिलाकर, बैठक में किसानों को आधुनिक पशुपालन अपनाने, सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने का संदेश दिया गया। उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया। ऐसे प्रयास किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की संभावनाओं को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।

