बस्ती में जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर प्रशिक्षण बैच का समापन, प्रशिक्षुओं को बांटे प्रमाणपत्र
रिपोर्ट- राकेश गिरि
बस्ती। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), बस्ती में जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर प्रशिक्षण बैच का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस अवसर पर आयोजित समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
समापन समारोह में एसबीआई के सीएम क्रेडिट अवधेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ डेस्क ऑफिसर शिवेन्द्र कुमार भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह नजर आया।
स्वरोजगार की दिशा में प्रशिक्षण महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यावसायिक प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा अपने कौशल का उपयोग रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने में करें।
विशेष रूप से ब्यूटी प्रैक्टिशनर जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम शुरू करने का अवसर प्रदान कर सकते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त कौशल का उपयोग व्यक्तिगत सेवा केंद्र, ब्यूटी पार्लर या अन्य संबंधित स्वरोजगार गतिविधियों में किया जा सकता है। हालांकि, व्यवसाय शुरू करने से पहले बाजार की जरूरत, स्थान, निवेश और ग्राहकों की मांग को समझना भी जरूरी है।
मुख्य अतिथि अवधेश कुमार और डेस्क ऑफिसर शिवेन्द्र कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने अपने कौशल को लगातार विकसित करने और स्वरोजगार के क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने की सलाह दी।
CM Yuva योजना की दी गई जानकारी
समारोह में आरसेटी निदेशक मृत्युञ्जय मिश्रा ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान यानी CM Yuva योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने योजना के तहत उपलब्ध बिना ब्याज ऋण सुविधा के बारे में भी जानकारी दी। इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को योजना की पात्रता, संभावित लाभ और आवेदन प्रक्रिया से अवगत कराया गया। निदेशक ने युवाओं से कहा कि वे अपने प्रशिक्षण और कौशल का उपयोग करते हुए स्वरोजगार की संभावनाओं पर विचार करें तथा पात्रता पूरी होने पर संबंधित सरकारी योजना का लाभ उठाएं।
मृत्युञ्जय मिश्रा ने कहा कि किसी भी व्यवसाय की शुरुआत के लिए केवल प्रशिक्षण ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ व्यवसाय की योजना, वित्तीय प्रबंधन, ग्राहक सेवा और बाजार की समझ भी आवश्यक है। इसलिए प्रशिक्षणार्थियों को अपने कौशल को व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल करने के साथ-साथ उद्यमिता से जुड़ी जानकारी भी हासिल करनी चाहिए।
प्रमाण पत्र मिलने से बढ़ा प्रशिक्षणार्थियों का उत्साह
जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षणार्थियों के लिए प्रमाण पत्र वितरण समारोह महत्वपूर्ण अवसर रहा। प्रमाण पत्र मिलने के बाद प्रशिक्षुओं को अपने सीखे हुए कौशल को रोजगार और स्वरोजगार में बदलने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिला।
आरसेटी जैसे संस्थानों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने के साथ-साथ अपना काम शुरू करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। इसी क्रम में जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर प्रशिक्षण भी युवाओं को सौंदर्य एवं व्यक्तिगत सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यावसायिक कौशल विकसित करने का अवसर देता है।
इसके अलावा, प्रशिक्षण के दौरान हासिल किए गए कौशल को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर अभ्यास और ग्राहक सेवा की बेहतर समझ भी उपयोगी साबित हो सकती है। प्रशिक्षु अपने क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के अनुसार छोटे स्तर से शुरुआत करके धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार कर सकते हैं।
आरसेटी के अधिकारियों और प्रशिक्षणार्थियों की मौजूदगी
समापन समारोह में आरसेटी के संकाय सदस्य अखिलेश स्वरूप मिश्रा, सहायक मंजय सिंह और आशीष त्रिपाठी सहित सभी प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उपलब्ध संभावनाओं और स्वरोजगार से जुड़े विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर संस्थान के अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, प्रशिक्षणार्थियों ने भी प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी और मार्गदर्शन को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया।

