बस्ती में शराब में पानी मिलाकर बेचने का खुलासा, मुंडेरवा समेत 3 दुकानें निलंबित
बस्ती, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में शराब की दुकानों पर मिलावट का गंभीर मामला सामने आया है। यहां विदेशी मदिरा की सीलबंद बोतलों में पानी मिलाकर शराब बेचने का खेल चल रहा था। शिकायतों के बाद आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान शराब में डाइल्यूशन यानी पानी मिलाने की पुष्टि होने पर विभाग ने तीन विदेशी मदिरा की दुकानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित अनुज्ञापियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है और मामले में संलिप्त सेल्समैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
तीन इलाकों की शराब दुकानों पर चल रहा था मिलावट का खेल
जानकारी के अनुसार, बस्ती जिले के मुंडेरवा, सिविल लाइन और कुसौरा बाजार स्थित विदेशी मदिरा की दुकानों पर शराब में पानी मिलाकर बिक्री किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। आरोप है कि इन दुकानों पर सीलबंद शराब की बोतलों में भी मिलावट की जा रही थी। इस तरह उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमत चुकाने के बावजूद शुद्ध शराब के स्थान पर मिलावटी मदिरा बेची जा रही थी।
स्थानीय स्तर पर शराब खरीदने वाले कई लोगों ने इस संबंध में शिकायतें की थीं। हालांकि, शुरुआत में इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि शिकायत करने वाले लोग अक्सर नशे की हालत में होते थे। ऐसे में उनकी बातों को उतनी गंभीरता से नहीं सुना गया, जितनी आवश्यकता थी।
आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी
लगातार मिल रही शिकायतों के बीच जब विभागीय स्तर पर जांच की गई और शराब में डाइल्यूशन की पुष्टि हुई, तब मामले की गंभीरता सामने आई। इसके बाद आबकारी विभाग और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई।
इसी क्रम में मुंडेरवा, सिविल लाइन और कुसौरा बाजार स्थित विदेशी मदिरा की दुकानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान शराब में पानी मिलाए जाने की अनियमितता पाई गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की।
विभागीय जांच में सामने आई गड़बड़ी के आधार पर तीनों दुकानों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही संबंधित अनुज्ञापियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अनुज्ञापियों के खिलाफ मुकदमा, सेल्समैन को भेजा गया जेल
इस मामले में आबकारी विभाग ने केवल दुकानों को निलंबित करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कदम भी उठाए हैं। संबंधित अनुज्ञापियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, मामले में संलिप्त पाए गए सेल्समैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
इसके अलावा विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शराब की दुकानों पर निर्धारित नियमों के अनुसार ही मदिरा की बिक्री हो और किसी भी उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी न की जा सके।
सरकारी राजस्व और उपभोक्ताओं के भरोसे से जुड़ा मामला
शराब में मिलावट का यह मामला केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकार की आबकारी व्यवस्था और राजस्व व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। शराब की प्रत्येक बोतल की बिक्री निर्धारित नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार होनी चाहिए। ऐसे में यदि सीलबंद बोतलों में पानी मिलाकर बिक्री की जाती है, तो यह विभागीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
इसके अलावा, शराब में अनधिकृत तरीके से पानी या अन्य पदार्थ मिलाना उपभोक्ताओं की सेहत के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए ऐसी शिकायतों पर समय रहते जांच और कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।
आगे भी जारी रह सकती है जांच
बस्ती जिले में तीन विदेशी मदिरा की दुकानों के निलंबन की कार्रवाई के बाद अन्य दुकानों की कार्यप्रणाली पर भी निगरानी बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। वहीं, इस मामले में विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल मुंडेरवा, सिविल लाइन और कुसौरा बाजार की दुकानों पर हुई कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हलचल है। इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं को भी उम्मीद है कि जिले में शराब की बिक्री में पारदर्शिता आएगी और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

