कानपुर में VLTD अपडेट शुल्क पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की आपत्ति, विभाग ने दी सफाई

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रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा 

कानपुर। वाहनों में लगाए जा रहे व्हीकल्स ट्रैकिंग लोकेशन डिवाइस (VLTD) को अपडेट कराने के नाम पर लिए जा रहे शुल्क को लेकर कानपुर के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में नाराजगी सामने आई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उप परिवहन आयुक्त, कानपुर परिक्षेत्र के साथ वार्ता कर अपनी समस्या रखी और आरोप लगाया कि जिन वाहनों में पहले ही VLTD डिवाइस लगवाने के लिए शुल्क लिया जा चुका है, अब उन्हीं डिवाइस को अपडेट करने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस मामले में विभाग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि अपडेट शुल्क की व्यवस्था को स्पष्ट किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि वाहन मालिक पहले ही डिवाइस लगाने के लिए निर्धारित खर्च वहन कर चुके हैं। ऐसे में अब अपडेट के नाम पर दोबारा अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लिया जाना वाहन संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है।

नए और पुराने वाहनों में VLTD अनिवार्य

परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में 1 जनवरी 2026 से नए वाहनों में तथा 1 अप्रैल 2026 से पुराने वाहनों में VLTD लगवाना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों की लोकेशन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने और वाहन ट्रैकिंग व्यवस्था को मजबूत करना है।

हालांकि, अनिवार्यता लागू होने के बाद अब उन वाहन मालिकों के सामने नई समस्या खड़ी होने की बात कही जा रही है, जिनके वाहनों में पहले से VLTD डिवाइस लगी हुई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का आरोप है कि डिवाइस को अपडेट करने के लिए उनसे अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है।

एसोसिएशन का कहना है कि डिवाइस लगाने के समय वाहन मालिकों ने पहले ही शुल्क का भुगतान किया था। इसके बावजूद अब अपडेट के नाम पर दोबारा राशि लिए जाने से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

पहले डिवाइस लगाने का शुल्क, अब अपडेट का चार्ज

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी कवल गांधी ने इस मुद्दे को उप परिवहन आयुक्त और एआरटीओ प्रशासन कहकशा खातून के समक्ष रखा। उन्होंने मांग की कि VLTD डिवाइस लगाने और अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।

कवल गांधी के अनुसार, वाहन मालिक पहले ही VLTD डिवाइस लगवाने की फीस दे चुके हैं। अब उसी डिवाइस को अपडेट कराने के लिए भारी-भरकम शुल्क लिया जा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में वाहन संचालकों को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि अपडेट के लिए शुल्क किस आधार पर निर्धारित किया गया है और इसकी जिम्मेदारी किस एजेंसी की है।

उन्होंने परिवहन विभाग से यह भी मांग की कि VLTD डिवाइस लगाने के लिए अधिकृत एजेंसियों की स्पष्ट सूची उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, वाहन मालिकों को अधिकृत एजेंसी के माध्यम से डिवाइस लगवाने अथवा अपनी पसंद की वैध डिवाइस लगवाने की स्वतंत्रता देने पर भी विचार किया जाए।

अधिकृत एजेंसियों को लेकर विभाग की सफाई

वहीं, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की शिकायत पर परिवहन विभाग की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। उप परिवहन आयुक्त, कानपुर परिक्षेत्र राम रतन सोनी ने कहा कि जिन कंपनियों को MoRTH यानी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से अधिकृत किया गया है, उनमें विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है।

राम रतन सोनी के मुताबिक, कानपुर नगर में जो VLTD डीलर अधिकृत हैं, वही डिवाइस को अपडेट करेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में परिवहन विभाग की कोई भूमिका नहीं है।

इससे साफ है कि एक तरफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अतिरिक्त शुल्क को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर परिवहन विभाग का कहना है कि अधिकृत कंपनियों और उनके डीलरों से जुड़ी प्रक्रिया में विभाग का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं है।

शुल्क को लेकर स्पष्टता की मांग

दरअसल, VLTD व्यवस्था के तहत वाहन की लोकेशन से जुड़ी जानकारी ट्रैकिंग सिस्टम तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है। परिवहन क्षेत्र में इस तरह की तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल वाहनों की निगरानी और ट्रैकिंग को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जाता है।

ऐसे में जिन वाहन मालिकों के वाहनों में पहले से डिवाइस लगी हुई है, उनके लिए अपडेट प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि यदि किसी तकनीकी या नियामकीय कारण से डिवाइस को अपडेट करना जरूरी है तो वाहन मालिकों को इसके शुल्क, प्रक्रिया और अधिकृत एजेंसी के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

इसके अलावा, एसोसिएशन की मांग है कि शुल्क ऐसा हो जिससे छोटे और मध्यम स्तर के वाहन संचालकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न पड़े। उनका कहना है कि परिवहन कारोबार पहले से ही कई तरह के खर्चों से प्रभावित होता है। ऐसे में डिवाइस लगाने के बाद अपडेट के लिए अतिरिक्त राशि देना वाहन मालिकों के लिए चिंता का विषय बन रहा है।

आगे क्या होगा?

VLTD अपडेट शुल्क को लेकर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और परिवहन विभाग के बीच स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग सामने आई है। एसोसिएशन चाहता है कि विभाग अधिकृत एजेंसियों और शुल्क व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे। वहीं विभाग का कहना है कि MoRTH द्वारा अधिकृत कंपनियों के डीलरों के माध्यम से ही VLTD अपडेट का काम किया जाएगा और इस प्रक्रिया में विभाग का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं है।

अब वाहन संचालकों की नजर इस बात पर है कि VLTD अपडेट शुल्क को लेकर आगे क्या व्यवस्था सामने आती है। यदि शुल्क और अधिकृत एजेंसियों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाती है, तो इससे वाहन मालिकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करने में मदद मिल सकती है।

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