जौनपुर में कथित वसूली मामलों में SIT का बड़ा एक्शन, तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत दो पर 25-25 हजार का इनाम
रिपोर्ट – विवेक कुमार
जौनपुर: जिले में पुलिस की वर्दी और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े दो मामलों में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कथित जबरन वसूली और रकम लेने के आरोपों की जांच कर रही पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरेरी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह समेत दो आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
इन दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई थी। SIT अब दोनों मामलों से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन, मोबाइल नंबरों और आरोपितों के बीच संपर्क की कड़ियों की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य केवल नामजद आरोपितों तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित तौर पर ली गई रकम के लेनदेन और संभावित रूप से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सुरेरी मामले में करीब 1.65 लाख रुपये लेने का आरोप
पहला मामला सुरेरी थाना क्षेत्र से संबंधित बताया जा रहा है। इसमें करीब 1.65 लाख रुपये की कथित वसूली किए जाने का आरोप लगाया गया है। आरोप के मुताबिक रकम को यूपीआई के माध्यम से एक खाते में ट्रांसफर कराया गया था। मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका भी सामने आई।
इसके बाद सुरेरी थाने में तैनात रहे निलंबित सिपाही सत्येंद्र कुमार गौड़ और विष्णु सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन गिरफ्तारियों के बाद जांच टीम ने मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की पड़ताल तेज कर दी। इसी क्रम में तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।
SIT अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रूप से ली गई रकम किस खाते में पहुंची, उसका आगे किस तरह इस्तेमाल हुआ और इस पूरे लेनदेन में किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। इसके लिए बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल भुगतान से संबंधित जानकारी को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
जलालपुर मामले में 2.15 लाख रुपये लेने का आरोप
दूसरा मामला जलालपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इसमें आरोप है कि पीड़ित को वाहन में बैठाकर धमकी दी गई और इसके बाद करीब 2.15 लाख रुपये यूपीआई तथा एटीएम के माध्यम से लिए गए। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू की और नामजद आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दी।
पुलिस की कार्रवाई के बीच नामजद आरोपित संकीत सिंह और विकास सिंह ने 23 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उनके न्यायालय में पेश होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं, जांच टीम इस मामले में कथित रकम के लेनदेन और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।
SIT खंगाल रही बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी
दोनों मामलों की जांच में डिजिटल लेनदेन महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इसलिए SIT द्वारा संबंधित बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन, एटीएम से जुड़े रिकॉर्ड और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा आरोपितों के बीच हुई बातचीत और संपर्क की कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
जांच टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर ली गई रकम कहां-कहां पहुंची और क्या इस प्रक्रिया में एक से अधिक लोगों की भूमिका थी। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत दो आरोपितों पर इनाम
जांच में फरार बताए जा रहे आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने अब इनाम घोषित किया है। तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह समेत दो आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। इनाम घोषित होने के बाद पुलिस टीमों को उनकी गिरफ्तारी के लिए और सक्रिय किया गया है।
पुलिस संभावित ठिकानों के साथ-साथ आरोपितों से जुड़े लोगों और संपर्क सूत्रों की जानकारी भी जुटा रही है। साथ ही, उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
विवेचना पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की स्थिति
फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल भुगतान, मोबाइल संपर्क और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी। वहीं, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
इस कार्रवाई के बाद जौनपुर पुलिस की जांच व्यवस्था और कथित वसूली से जुड़े मामलों में जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। हालांकि, पूरे मामले में आरोपित पक्ष का अंतिम पक्ष और न्यायालय का निर्णय सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्य बिंदु:
- SIT ने दो मामलों की जांच तेज की है।
- तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह समेत दो आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
- सुरेरी मामले में करीब 1.65 लाख रुपये की कथित वसूली का आरोप है।
- जलालपुर मामले में करीब 2.15 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।
- SIT बैंक खातों, यूपीआई, एटीएम और मोबाइल संपर्कों की जांच कर रही है।
- आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।

