अयोध्या बुलडोजर कार्रवाई पर अखिलेश यादव का बयान, पीड़ितों से मुलाकात के बाद मुआवजे की मांग
रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़
लखनऊ: रामनगरी अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कार्रवाई से प्रभावित परिवारों ने लखनऊ पहुंचकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने अपने घर और दुकानों से जुड़े नुकसान तथा कार्रवाई के दौरान सामने आई परेशानियों के बारे में उन्हें जानकारी दी।
अखिलेश यादव ने प्रभावित परिवारों की बातें सुनीं और सरकार से नुकसान की भरपाई तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास की मांग की। रिपोर्टों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई। एक रिपोर्ट में नौ प्रभावित लोगों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
‘अयोध्या के विकास में हम रोड़ा नहीं बन सकते’
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अयोध्या के विकास और भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक महत्व का सम्मान करती है। उनका कहना है कि विकास कार्यों का विरोध करना पार्टी का उद्देश्य नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर प्रभावित परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास में लोगों की भागीदारी और उनके हितों का ध्यान रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, जिन लोगों के घर और दुकानें विकास परियोजना की जद में आई हैं, उनके नुकसान की उचित भरपाई की जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया कार्रवाई और ध्वस्तीकरण पर केंद्रित है। हालांकि, प्रशासन की ओर से कहा गया है कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई की जद में आने वाले अतिक्रमण को हटाने के लिए पहले सर्वे कराया गया था और कमेटी की संस्तुति के बाद कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि प्रभावित लोगों को मुआवजे से संबंधित बातचीत के लिए बुलाया गया है।
पीड़ित परिवारों ने बताई अपनी समस्याएं
लखनऊ में हुई मुलाकात के दौरान अयोध्या से पहुंचे परिवारों ने कार्रवाई के तरीके और उसके बाद पैदा हुई परेशानियों की जानकारी दी। कुछ प्रभावित लोगों ने दावा किया कि उन्हें घर या दुकान से सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका। इन दावों की अलग-अलग रिपोर्टों में जानकारी सामने आई है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि मकान और दुकानों के हटाए जाने से उनके सामने रहने और रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में वे सरकार से मुआवजे के साथ पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों की समस्याओं को सुना जा रहा है और मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस तरह मामले में राजनीतिक आरोपों के साथ प्रशासनिक पक्ष भी सामने आया है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद भी प्रभावित परिवारों के बीच
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद भी प्रभावित परिवारों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने अयोध्या में प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर धरना दिया और प्रशासन से मुआवजे की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान और दुकानें चौड़ीकरण की जद में आई हैं, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
अवधेश प्रसाद ने प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और पुनर्वास से जुड़े सवाल उठाए। वहीं प्रशासन ने कार्रवाई को अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बताते हुए हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया है।
हाईकोर्ट के निर्देशों का भी प्रशासन ने दिया हवाला
अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग और आसपास की नजूल भूमि से जुड़े अतिक्रमण का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में भी विचाराधीन है। प्रशासन के अनुसार, कार्रवाई कमेटी की रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों के क्रम में की गई। मामले की अगली सुनवाई सात अक्टूबर को निर्धारित होने की जानकारी सामने आई है।
इसलिए फिलहाल पूरे विवाद में एक तरफ प्रभावित परिवारों की ओर से मुआवजे और पुनर्वास की मांग है, जबकि दूसरी तरफ प्रशासन कार्रवाई को निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया अतिक्रमण हटाने का कदम बता रहा है।
‘सरकार भरपाई करे, नहीं तो सपा सरकार में करेंगे’
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उनकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौजूदा सरकार प्रभावित लोगों के नुकसान की भरपाई नहीं करती है तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा और आवास से जुड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने अयोध्या के विकास का विरोध करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में प्रभावित लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इस बयान के बाद अयोध्या में चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गई है।
चुनाव आयोग को लेकर भी अखिलेश ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने इस दौरान चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता अपने मताधिकार के माध्यम से सरकार के बारे में फैसला करेगी। उनका बयान आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि में आया है।
हालांकि, अयोध्या के ध्वस्तीकरण विवाद का तत्काल मुद्दा प्रभावित परिवारों का मुआवजा, पुनर्वास और कार्रवाई की प्रक्रिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन और प्रभावित लोगों के बीच होने वाली बातचीत तथा अदालत में मामले की सुनवाई से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर हुई कार्रवाई ने विकास, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े सवालों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर प्रशासन परियोजना और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया का पक्ष रख रहा है, वहीं प्रभावित परिवार अपने नुकसान की भरपाई और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इसी बीच अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने प्रभावित परिवारों के मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक मंच पर उठाया है।

