बरेली में मौलाना तौकीर रजा के घर पहुंचे अजय राय, अचानक मुलाकात से सियासी चर्चा तेज
Digital UP News Desk
बरेली: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की बरेली में हुई एक अचानक मुलाकात ने स्थानीय राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है। बुधवार देर रात दिल्ली से लखनऊ जाते समय अजय राय बरेली में रुके और सीधे इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के घर पहुंचे। मौलाना तौकीर रजा फिलहाल जेल में हैं। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का उनके परिवार से देर रात मिलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इस मुलाकात को पारिवारिक और सामाजिक संवाद बताया है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया कि मुलाकात के दौरान किसी चुनावी गठजोड़, सीट बंटवारे या समर्थन को लेकर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई। इसके बावजूद आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर बरेली के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
स्थानीय कांग्रेस नेताओं को भी नहीं थी जानकारी
जानकारी के मुताबिक अजय राय का बरेली में रुकने का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था। यही वजह रही कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी उनके कार्यक्रम की पहले से जानकारी नहीं थी। बुधवार देर रात जब अजय राय बरेली पहुंचे तो कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह मोहल्ला सौदागरान स्थित मौलाना तौकीर रजा के आवास पर पहुंचे।
यहां उन्होंने मौलाना तौकीर रजा के बेटे फरमान रजा और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। बताया गया कि अजय राय ने परिवार का हालचाल जाना और मौजूदा परिस्थितियों के बारे में बातचीत की। करीब 45 मिनट तक परिवार के लोगों के साथ रहने के बाद वह रात में ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष ने मुश्किल समय में परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पार्टी ने इसे मुख्य रूप से पारिवारिक मुलाकात बताया है।
2027 के चुनाव से पहले मुलाकात के सियासी मायने
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस भी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी करने और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की बात कह चुकी है। ऐसे समय में बरेली जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में अजय राय की यह अचानक मुलाकात स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गई है।
बरेली में मौलाना तौकीर रजा का लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। उनकी अगुवाई वाली आईएमसी भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आईएमसी की ओर से कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा किए जाने का भी उल्लेख सामने आता रहा है। इसलिए मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह के संवाद को लेकर राजनीतिक विश्लेषण शुरू होना स्वाभाविक है।
हालांकि, इस मुलाकात के बाद कांग्रेस की ओर से चुनावी गठजोड़ या समर्थन को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे औपचारिक राजनीतिक समझौते के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।
तौकीर रजा की कानूनी स्थिति भी चर्चा में
मौलाना तौकीर रजा सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा से जुड़े मामलों में जेल में हैं। पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर 2025 को ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान में लोगों को जुटाने के आह्वान के बाद शहर में उपद्रव की स्थिति बनी थी। इसके बाद पुलिस पर पथराव और हमले सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमे दर्ज किए गए।
तौकीर रजा को 27 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किए जाने के बाद फतेहगढ़ जेल भेजा गया था। मामले में अलग-अलग मुकदमों में कानूनी प्रक्रिया चलती रही। कुछ मामलों में राहत मिलने के बावजूद सभी मामलों में राहत नहीं मिलने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सके।
इसी बीच उनकी जमानत याचिका भी अदालत में चर्चा का विषय रही है। ऐसे में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का उनके परिवार से मिलना उस समय हुआ है, जब तौकीर रजा स्वयं कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस ने मुलाकात को परिवार के साथ संवाद और सहयोग के संदर्भ में बताया है।
कांग्रेस की संगठन मजबूत करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपने संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की ओर से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी की बात कही गई है। इसके साथ ही बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बरेली पहुंचना और आईएमसी प्रमुख के परिवार से मुलाकात करना स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा का कारण बना है। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुलाकात का उद्देश्य चुनावी समझौता करना नहीं था।
फिलहाल कोई औपचारिक राजनीतिक घोषणा नहीं
अजय राय और तौकीर रजा के परिवार के बीच हुई इस मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें जरूर तेज हुई हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी गठबंधन, समर्थन या सीट को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और तौकीर रजा के परिवार के बीच हुई मुलाकात तथा सामाजिक-राजनीतिक संवाद के रूप में ही देखा जा रहा है।
आने वाले समय में यदि कांग्रेस और आईएमसी के बीच किसी तरह का औपचारिक राजनीतिक संवाद सामने आता है, तो उसकी तस्वीर अलग हो सकती है। फिलहाल इस मुलाकात ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बरेली की स्थानीय राजनीति में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

