कानपुर में तिवारीपुर नहर पुल क्षतिग्रस्त, भारी वाहनों के आवागमन पर रोक की मांग
रिपोर्ट-शुभम साहू
कानपुर नगर: साढ़ थाना क्षेत्र के टौंस रोड पर स्थित तिवारीपुर नहर पुल इन दिनों अपनी क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण चर्चा में है। थाना परिसर से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित इस पुल पर जगह-जगह क्षति के निशान दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पुल से लगातार बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तिवारीपुर नहर पुल टौंस रोड क्षेत्र में आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है। रोजाना इस मार्ग से दोपहिया वाहनों के साथ-साथ कार, ट्रैक्टर, मालवाहक वाहन और अन्य बड़े वाहन भी गुजरते हैं। हालांकि, पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बड़े वाहनों का लगातार आवागमन इसकी संरचना पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए लोगों ने संबंधित विभाग से पुल का जल्द निरीक्षण कराने की मांग की है।
पुल पर दिखाई दे रहे क्षति के निशान
ग्रामीणों का कहना है कि पुल की स्थिति पिछले कुछ समय से खराब दिखाई दे रही है। पुल के विभिन्न हिस्सों में क्षति के निशान नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की तकनीकी जांच नहीं कराई गई और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले समय में आवागमन प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, पुल की वास्तविक संरचनात्मक स्थिति का आकलन तकनीकी निरीक्षण के बाद ही किया जा सकता है। इसलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर पुल की स्थिति की जांच करें और आवश्यक सुरक्षा उपाय तय करें।
भारी वाहनों को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता
पुल की खराब स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने फिलहाल भारी और बड़े वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पुल की क्षमता और मौजूदा स्थिति की पुष्टि होने तक भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई जाती है, तो संभावित जोखिम को कम किया जा सकता है।
इसके अलावा, लोगों ने जरूरत पड़ने पर भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की भी मांग की है। इससे एक ओर पुल पर पड़ने वाला दबाव कम होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय आवागमन भी सुरक्षित तरीके से जारी रखा जा सकेगा।
प्रशासन से तत्काल निरीक्षण की मांग
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, तिवारीपुर नहर पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में पुल की अनदेखी लंबे समय तक नहीं की जानी चाहिए। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है।
दरअसल, किसी भी पुल की सुरक्षा केवल उसकी सतह या दिखाई देने वाली क्षति से तय नहीं होती। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा संरचना, भार क्षमता और अन्य जरूरी पहलुओं की जांच की आवश्यकता होती है। इसलिए स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द सक्षम विभाग की टीम को मौके पर भेजकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की जरूरत
यदि तकनीकी निरीक्षण में पुल की संरचना में गंभीर कमी सामने आती है, तो उसके अनुसार मरम्मत या सुदृढ़ीकरण का काम कराया जाना जरूरी होगा। वहीं, यदि पुल की तत्काल मरम्मत संभव नहीं है, तो प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टौंस रोड क्षेत्र में यह पुल आवागमन के लिहाज से अहम है। आसपास के ग्रामीणों और वाहन चालकों को रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में पुल पर किसी तरह की पाबंदी लगाने से पहले वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।
राहगीरों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
पुल की क्षतिग्रस्त स्थिति के बीच लगातार वाहनों की आवाजाही होने से राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासकर बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान पुल पर अतिरिक्त भार पड़ने की आशंका स्थानीय लोगों ने जताई है।
इसी वजह से ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित करे। साथ ही, यदि पुल पर तत्काल किसी प्रकार का खतरा पाया जाता है तो वहां सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग अथवा अन्य जरूरी इंतजाम किए जा सकते हैं।
समय रहते कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक पुल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय रहते कदम उठाना जरूरी है। तिवारीपुर नहर पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भी लोगों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की अपील की है।
फिलहाल, पुल की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट आकलन तकनीकी निरीक्षण के बाद ही हो सकेगा। हालांकि, स्थानीय लोगों की मांग है कि निरीक्षण में देरी न हो और यदि मरम्मत या सुदृढ़ीकरण की जरूरत सामने आती है तो काम जल्द शुरू कराया जाए।
इससे न केवल टौंस रोड पर आवागमन सुचारु रखने में मदद मिलेगी, बल्कि वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर है।

