जौनपुर में वसूली और लूट के आरोपों पर बड़ा एक्शन, दो निलंबित सिपाहियों समेत 3 गिरफ्तार; 2 ने किया सरेंडर – विस्तार से जरूर पढ़ें

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रिपोर्ट – विवेक कुमार 

जौनपुर: जिले के जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों में जबरन वसूली और लूट के आरोपों से जुड़े दो मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामलों की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने 23 सितंबर को दो निलंबित आरक्षियों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, जलालपुर मामले में नामजद दो सगे भाइयों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़, विष्णु सिंह और मनीष पटेल शामिल हैं। दूसरी ओर, संकीत सिंह और विकास उर्फ आकाश ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है। इस तरह दोनों मामलों में अब तक पांच आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। मामले में तत्कालीन सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह भी आरोपी बनाए गए हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा तलाश की जा रही है।

जलालपुर मामले में पैसे ट्रांसफर कराने का आरोप

पहला मामला जलालपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे बहाने से बुलाकर कुछ लोगों ने वाहन में बैठा लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और रकम उपलब्ध कराने का दबाव बनाया गया।

आरोप है कि पीड़ित का मोबाइल अपने कब्जे में लेकर यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में करीब 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके अलावा एटीएम के माध्यम से भी रकम निकाले जाने की बात सामने आई है। इस मामले में संकीत सिंह और विकास समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े डिजिटल और अन्य साक्ष्यों को खंगाला। इसके बाद नामजद आरोपियों की तलाश तेज की गई। बुधवार को संकीत सिंह और विकास ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

सुरेरी मामले में भी वसूली का आरोप

दूसरा मामला सुरेरी थाना क्षेत्र से संबंधित है। इसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे फोन करके बुलाया गया। इसके बाद सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उसे वाहन में बैठाया।

आरोप के मुताबिक, उसे सुरेरी थाने ले जाया गया और वहां रकम देने का दबाव बनाया गया। मामले में नकद रकम लेने और यूपीआई के जरिए भी पैसे ट्रांसफर कराने का आरोप लगाया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस प्रकरण में करीब 1.65 लाख रुपये की वसूली का आरोप सामने आया है।

मामले की शिकायत के बाद पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर दो आरक्षियों की कथित संलिप्तता सामने आई।

तत्कालीन थानाध्यक्ष किए गए निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद दोनों मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए एसआईटी गठित की गई।

एसआईटी का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता को सौंपा गया। टीम में निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सर्विलांस सेल से जुड़े अधिकारी शामिल किए गए। एसपी कुंवर अनुपम सिंह द्वारा जांच की निगरानी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

एसआईटी ने जांच के बाद तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार एसआईटी ने दोनों मामलों से जुड़े भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया। जांच के दौरान कथित रूप से घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान की गई। इसके बाद 23 सितंबर को सत्येंद्र कुमार गौड़, विष्णु सिंह और मनीष पटेल को गिरफ्तार किया गया।

दोनों आरक्षियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। वहीं मनीष पटेल की भूमिका मामले में कथित तौर पर रकम ट्रांसफर से जुड़े खाते के संबंध में सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

दो नामजद आरोपियों ने अदालत में किया आत्मसमर्पण

पुलिस की कार्रवाई और लगातार दबिश के बीच जलालपुर मामले में नामजद संकीत सिंह और विकास उर्फ आकाश ने बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे भेजा गया।

इस कार्रवाई के बाद दोनों मामलों में अब तक पांच आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई सामने आ चुकी है। हालांकि, जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसी के अनुसार विवेचना के दौरान कुछ और नाम सामने आए हैं। इनमें पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसआईटी संबंधित साक्ष्यों को एकत्र कर रही है और उनकी भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने भी भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के मामलों में कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

जौनपुर के दोनों थाना क्षेत्रों से जुड़े इन मामलों में अब एसआईटी की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों की जांच और अन्य संबंधित तथ्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने दो निलंबित आरक्षियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नामजद आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है। वहीं तत्कालीन सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह की तलाश जारी होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में एसआईटी की आगे की जांच के बाद मामले में और नाम सामने आने या अतिरिक्त कार्रवाई होने की संभावना पर नजर बनी हुई है।

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