बांदा में NHM संविदा कर्मचारियों का ज्ञापन, नियमितीकरण-समान वेतन की मांग, आंदोलन की चेतावनी

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Digital UP News Desk

बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की बांदा शाखा ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन समेत अपनी आठ प्रमुख मांगों को सरकार के सामने रखा है।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से संविदा पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सेवा संबंधी लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।

18 साल से संविदा पर सेवाएं देने का दावा

NHM संविदा कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले करीब 18 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों में संविदा के आधार पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद उनकी सेवा स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

कर्मचारियों के मुताबिक, संविदा व्यवस्था के कारण उन्हें नौकरी की स्थिरता और कई ऐसे लाभ नहीं मिल पाते, जो नियमित कर्मचारियों को उपलब्ध होते हैं। इसलिए संघ की ओर से नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। साथ ही, समान कार्य करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

संघ की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कुल आठ मांगें रखी गई हैं। इनमें कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन के अलावा कैशलेस इलाज, महंगाई भत्ता (DA), भविष्य निधि (PF) और ट्रांसफर नीति को बहाल करने जैसी मांगें प्रमुख हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि इन सुविधाओं से उन्हें सेवा के दौरान आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी। विशेष रूप से कैशलेस इलाज और पीएफ जैसी सुविधाओं को कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित मांग बताया है। वहीं, ट्रांसफर नीति की बहाली से कर्मचारियों को स्थानांतरण से जुड़ी प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

दूसरे राज्यों का दिया उदाहरण

NHM संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने हरियाणा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां संविदा कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संघ का दावा है कि इन राज्यों में कर्मचारियों को सेवा से जुड़े कई लाभ मिल रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में अभी भी उनकी कई मांगें लंबित हैं।

कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि उत्तर प्रदेश में भी संविदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों और सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है।

3 अक्टूबर तक कार्रवाई की मांग

जिला अध्यक्ष डॉ. मिलेंद्र सिंह ने कहा कि संगठन ने सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए समय दिया है। उन्होंने बताया कि यदि 3 अक्टूबर तक कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो संघ आंदोलन का अगला चरण शुरू करेगा।

उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर से कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसके बाद भी यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

हालांकि, संघ ने यह स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना और उनका समाधान कराना है। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगी और आंदोलन की स्थिति पैदा होने से पहले समाधान निकाला जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर

NHM के संविदा कर्मचारी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में विभिन्न स्तरों पर अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में यदि कर्मचारी आंदोलन पर जाते हैं, तो संबंधित स्वास्थ्य कार्यक्रमों और सेवाओं पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल संघ ने सरकार को बातचीत और कार्रवाई के लिए समय दिया है।

बांदा में ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। पदाधिकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को संबंधित अधिकारियों और सरकार के समक्ष रखते रहे हैं। अब संगठन चाहता है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए।

ये पदाधिकारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान मंडल अध्यक्ष मोहम्मद सरीफ, मंडल महामंत्री पंकज, मंडल उपाध्यक्ष गौरव द्विवेदी, जिला अध्यक्ष डॉ. मिलेंद्र सिंह, राधा, महिला संगठन मंत्री रश्मि अवस्थी, अंजू, सरिता, सचिन, नवल अवस्थी समेत अन्य कर्मचारी और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

संघ ने सरकार से अपील की है कि NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों पर जल्द विचार किया जाए। अब सभी की नजरें सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि तय समयसीमा में समाधान नहीं निकलता है, तो संगठन द्वारा घोषित आंदोलन के अगले चरण को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

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