अमरोहा में महिला से गैंगरेप के आरोप में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दरोगा-सिपाही समेत चार गिरफ्तार
रिपोर्ट – इकबाल अंसारी
अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में 23 वर्षीय महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक दरोगा, एक सिपाही और दो CRPF जवानों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लाखन सिंह यादव ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, महिला ने दरोगा संजय तोमर, सिपाही प्रमोद और CRPF जवान लालाराम तथा मोहित पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
धार्मिक स्थल ले जाने के बहाने बुलाने का आरोप
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसे धार्मिक स्थल ले जाने के बहाने बुलाया गया था। आरोप है कि इसके बाद रास्ते में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस का कहना है कि शिकायत में जिन लोगों के नाम सामने आए, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों CRPF जवान महिला को मुजफ्फरनगर से लेकर आए थे। इसके बाद वह हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में पहुंची। पुलिस का कहना है कि CRPF जवानों की हसनपुर में तैनात दरोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद से पहचान थी। इसी संपर्क को मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण बिंदु के तौर पर देखा जा रहा है।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा
महिला की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर जांच
अमरोहा पुलिस के अनुसार, जांच में पीड़िता के बयान को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मामले में पुलिस की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोपियों में पुलिस विभाग से जुड़े कर्मियों के साथ-साथ CRPF के जवानों के नाम भी सामने आए हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए घटनाक्रम से जुड़े प्रत्येक तथ्य की निष्पक्ष तरीके से जांच करना जरूरी होगा।
पुलिस अधीक्षक ने दी गिरफ्तारी की जानकारी
अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लाखन सिंह यादव ने चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, जांच अभी जारी है। इसलिए घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस पीड़िता के बयान, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है।
आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता की पहचान को सार्वजनिक न करना आवश्यक है।
फिलहाल अमरोहा पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दरोगा संजय तोमर, सिपाही प्रमोद और CRPF जवान लालाराम तथा मोहित को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
यह मामला फिलहाल जांच के चरण में है। इसलिए आरोपों से संबंधित अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

