पढ़िए अंबेडकरनगर से IAS बनने तक का सफर, अब बागपत के DM हैं दिव्यांशु पटेल; जानिए संघर्ष से प्रशासन तक की कहानी

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रिपोर्ट – अनंत कुशवाहा 

बागपत/अंबेडकरनगर: कुछ प्रशासनिक अधिकारियों का सफर केवल पदों और तैनातियों की सूची तक सीमित नहीं रहता। उनकी कहानी में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, लक्ष्य के प्रति निरंतरता और अलग-अलग जिम्मेदारियों के अनुभव भी शामिल होते हैं। IAS दिव्यांशु पटेल का प्रशासनिक सफर भी इसी तरह चर्चा में रहा है। अंबेडकरनगर से जुड़े दिव्यांशु पटेल अब बागपत के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बागपत जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्होंने 22 सितंबर 2026 से जिलाधिकारी का पद संभाला है।

बागपत के जिलाधिकारी के तौर पर यह उनकी पहली जिला स्तरीय डीएम पोस्टिंग है। इससे पहले वह मुरादाबाद नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व भी उन्होंने प्रशासनिक सेवा में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं।

CRPF की नौकरी से IAS तक पहुंचने की कहानी

दिव्यांशु पटेल के करियर की शुरुआत में ही एक महत्वपूर्ण मोड़ आया था। वर्ष 2012 में उनका चयन CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के पद के लिए हुआ था। हालांकि, उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाना था। इसलिए उन्होंने IAS बनने की तैयारी जारी रखी।

लगातार प्रयास और तैयारी के बाद वर्ष 2017 में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 204वीं रैंक हासिल की। इसके साथ ही उनका भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ। उस समय उनके चयन की खबर अंबेडकरनगर समेत उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।

इस उपलब्धि के बाद उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआत हुई और अलग-अलग जिलों तथा विभागों में उन्हें जिम्मेदारियां मिलती गईं।

बाराबंकी और उन्नाव में निभाई जिम्मेदारी

IAS बनने के बाद दिव्यांशु पटेल ने बाराबंकी में सहायक मजिस्ट्रेट/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्तर की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वह उन्नाव में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी रहे। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े काम उनके कार्यक्षेत्र में रहे।

इसके बाद उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। वह विभाग में विशेष सचिव और अपर आयुक्त जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं। बागपत में नियुक्ति से पहले उनका सबसे लंबा चर्चित कार्यकाल मुरादाबाद नगर निगम में नगर आयुक्त के रूप में रहा।

मुरादाबाद में सुबह की सफाई व्यवस्था बनी पहचान

मुरादाबाद में नगर आयुक्त के तौर पर दिव्यांशु पटेल ने शहर की सफाई व्यवस्था और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर विशेष जोर दिया। वर्ष 2026 में नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, सीवर, नालियों की सफाई और पेयजल जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अधिकारियों की सुबह 5 बजे से 9 बजे तक क्षेत्र में मौजूदगी के निर्देश दिए गए थे।

इसी वजह से उनकी कार्यशैली को लेकर ‘सुबह पांच बजे निरीक्षण’ वाली चर्चा भी बनी। हालांकि, यह केवल व्यक्तिगत निरीक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि नगर निगम के अधिकारियों को भी सुबह के समय क्षेत्र में जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

मुरादाबाद में कई परियोजनाएं रहीं चर्चा में

नगर आयुक्त के कार्यकाल के दौरान मुरादाबाद में कई विकास और जनसुविधा से जुड़े प्रोजेक्ट भी सामने आए। इनमें संविधान पार्क, वार मेमोरियल, श्रीराम वाटिका और हनुमान वाटिका जैसे कार्यों का उल्लेख मिलता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शहर में इन परियोजनाओं के अलावा अन्य विकास कार्यों पर भी नगर निगम की ओर से काम किया गया।

इसके साथ ही दिव्यांशु पटेल की कार्यशैली में नियमित निगरानी और अधिकारियों से जवाबदेही को लेकर भी चर्चा रही। नगर निगम में रहते हुए आम लोगों और जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनने के लिए अधिकारियों की व्यवस्था भी लागू की गई थी।

अब बागपत की कमान, पहली जिला पोस्टिंग

सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत दिव्यांशु पटेल को मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त पद से स्थानांतरित कर बागपत का जिलाधिकारी नियुक्त किया। बागपत की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें वर्तमान जिलाधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है।

उन्होंने 23 सितंबर को बागपत पहुंचकर कार्यभार संभाला। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जिले के अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर दिशा स्पष्ट की। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

बागपत में अब उनकी जिम्मेदारी नगर निगम की सीमित प्रशासनिक व्यवस्था से कहीं व्यापक है। जिलाधिकारी के रूप में उनके सामने विकास योजनाओं की निगरानी, राजस्व मामलों, जनशिकायतों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी।

अंबेडकरनगर से बागपत तक जारी है सफर

अंबेडकरनगर से निकलकर UPSC में 204वीं रैंक हासिल करने और फिर प्रशासनिक सेवा में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के बाद दिव्यांशु पटेल अब बागपत के जिलाधिकारी हैं। उनका सफर यह भी दिखाता है कि प्रशासनिक सेवा में एक अधिकारी की भूमिका समय के साथ अलग-अलग स्तरों पर बदलती रहती है।

अब बागपत में उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में जिले में विकास योजनाओं, जनसमस्याओं के समाधान और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर उनके कार्यकाल पर नजर रहेगी। फिलहाल, बागपत जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर दिव्यांशु पटेल को जिलाधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है और उनकी तैनाती 22 सितंबर 2026 से प्रभावी है।

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