कानपुर में ओवैसी की जनसभा के बाद सियासत गरमाई, सपा नेता जुबेर गाजी ने लगाए गंभीर आरोप

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रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित

कानपुर: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की कानपुर की छावनी विधानसभा क्षेत्र में हुई जनसभा के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल में बयानबाजी तेज हो गई है। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से ओवैसी की सभा और उनके बयानों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के नेता जुबेर गाजी ने सुजातगंज स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर ओवैसी पर निशाना साधा।

प्रेस वार्ता में जुबेर गाजी ने कहा कि कानपुर के लोग और विशेष रूप से विधानसभा क्षेत्र के मतदाता असदुद्दीन ओवैसी को अब तक एक शिक्षित और शालीन राजनीतिक व्यक्तित्व के तौर पर देखते रहे हैं। हालांकि, उनके मुताबिक छावनी विधानसभा क्षेत्र में हुई जनसभा के दौरान ओवैसी की ओर से कही गई कुछ बातों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े हुए हैं।

जुबेर गाजी ने आरोप लगाया कि ओवैसी ने जनसभा के दौरान सीओडी क्रॉसिंग से जुड़े मुद्दे पर ऐसी बातें कहीं, जिन्हें वह तथ्यात्मक रूप से गलत मानते हैं। उन्होंने दावा किया कि सीओडी क्रॉसिंग से संबंधित वास्तविक स्थिति अब विधानसभा क्षेत्र के लोगों के सामने है। हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर नहीं हो सकी है।

ओवैसी की जनसभा के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

गौरतलब है कि असदुद्दीन ओवैसी ने 20 सितंबर को कानपुर की छावनी विधानसभा सीट के अंतर्गत जनसभा को संबोधित किया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस सभा में उन्होंने मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व सहित विभिन्न मुद्दों को उठाया और समाजवादी पार्टी समेत अन्य राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने यह भी कहा था कि AIMIM उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

इसके बाद छावनी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। सपा नेता जुबेर गाजी की प्रेस वार्ता को भी इसी राजनीतिक प्रतिक्रिया की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता के बयान को स्वीकार करने से पहले जनता को उसके तथ्यों और स्थानीय परिस्थितियों को समझना चाहिए।

‘जनसभा के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने का प्रयास’

जुबेर गाजी ने आरोप लगाया कि ओवैसी की कानपुर जनसभा का उद्देश्य मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के लोगों को राजनीतिक बयानों के बजाय क्षेत्र के विकास, सड़क, पुल, रोजगार, शिक्षा और अन्य स्थानीय समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी ने अपनी सभा के माध्यम से मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। सपा नेता ने विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी नेता के बयान पर तुरंत भरोसा न करें, बल्कि मुद्दों और तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएं।

हालांकि, यह जुबेर गाजी का राजनीतिक आरोप है। AIMIM या असदुद्दीन ओवैसी की ओर से इस प्रेस वार्ता में लगाए गए प्रत्येक आरोप पर तत्काल प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को फिलहाल राजनीतिक बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

सीओडी क्रॉसिंग का मुद्दा फिर चर्चा में

कानपुर छावनी विधानसभा क्षेत्र में सीओडी क्रॉसिंग और आसपास की सड़क तथा पुल से जुड़े मुद्दे लंबे समय से स्थानीय राजनीति का हिस्सा रहे हैं। इससे पहले भी इस क्षेत्र में सड़क और रेलवे ओवब्रिज से संबंधित मांगों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां हुई हैं। जून 2026 में छावनी क्षेत्र के सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी ने सीओडी क्रॉसिंग से हरिहरनाथ धाम और श्याम नगर तक सड़क निर्माण तथा सुजातगंज रेलवे पुल मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

ऐसे में ओवैसी की जनसभा के बाद सीओडी क्रॉसिंग का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक ओर AIMIM इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर सपा नेता ओवैसी के दावों पर सवाल उठा रहे हैं।

चुनावी माहौल में बढ़ सकती है राजनीतिक सक्रियता

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। ओवैसी की हालिया सभाओं के बाद AIMIM की ओर से राज्य में संगठन विस्तार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर सक्रियता दिखाई दे रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर भी संकेत दिए हैं और कहा है कि पार्टी इस संबंध में आगे निर्णय लेगी।

ऐसे राजनीतिक माहौल में कानपुर की छावनी विधानसभा सीट पर भी विभिन्न दलों के बीच बयानबाजी बढ़ने की संभावना है। फिलहाल जुबेर गाजी की प्रेस वार्ता के बाद यह मुद्दा स्थानीय राजनीतिक चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में AIMIM और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

 

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