रॉबर्ट्सगंज इंडेन गैस एजेंसी के संचालन पर भाजपा नेता की शिकायत, जांच और कार्रवाई की मांग

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रिपोर्टर- ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज स्थित इंडेन गैस एजेंसी के संचालन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल द्विवेदी ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बुधवार को लखनऊ स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के कार्यालय पहुंचकर प्रदेश प्रमुख भोद्रो लकरा से मुलाकात की और गैस एजेंसी के संचालन से जुड़े विभिन्न मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

भाजपा नेता ने अपनी शिकायत में एजेंसी के आवंटन, संचालन, गोदाम के स्वामित्व और उपभोक्ताओं से कथित अतिरिक्त वसूली सहित कई बिंदुओं को उठाया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, अब इस शिकायत के बाद IOCL की ओर से होने वाली जांच और कार्रवाई पर लोगों की नजर है।

विशेष आरक्षित कोटे से एजेंसी आवंटित होने का दावा

अनिल द्विवेदी के मुताबिक, रॉबर्ट्सगंज की संबंधित इंडेन गैस एजेंसी विशेष आरक्षित कोटे के तहत आवंटित की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी के संचालन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने विभूति खंड, गोमती नगर स्थित IOCL कार्यालय में दिए गए शिकायत पत्र में एजेंसी के संचालन से संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि एजेंसी किस आधार पर और किन शर्तों के तहत संचालित की जा रही है, इसकी जांच आवश्यक है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में मामले में सामने आने वाले दस्तावेज और संबंधित विभाग की जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

संचालक पर लगाए गए कई आरोप

भाजपा नेता ने अपनी शिकायत में विनय अग्रवाल पर एजेंसी का कथित रूप से नियमों के विपरीत संचालन करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा उन्होंने उपभोक्ताओं से KYC के नाम पर अतिरिक्त राशि लिए जाने और होम डिलीवरी के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूले जाने का भी आरोप लगाया है।

शिकायत में इन आरोपों की भी जांच कराने की मांग की गई है कि क्या उपभोक्ताओं से निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त कोई राशि ली जा रही है। यदि जांच में ऐसी अनियमितता सामने आती है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग भी शिकायतकर्ता ने की है।

इसके साथ ही, गैस एजेंसी से जुड़े रिकॉर्ड, उपभोक्ता दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच कराने की बात कही गई है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि एजेंसी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं।

गोदाम की रजिस्ट्री को लेकर भी सवाल

अनिल द्विवेदी ने एजेंसी के गोदाम से संबंधित बैनामा और रजिस्ट्री को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गोदाम के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

उन्होंने शिकायत में सवाल उठाया कि यदि गोदाम के स्वामित्व का हस्तांतरण हुआ है, तो ऐसी स्थिति में गैस एजेंसी का संचालन किस आधार पर जारी है। इसी बिंदु को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने गोदाम से संबंधित दस्तावेजों, स्वामित्व और एजेंसी संचालन की वैधता की जांच की मांग की है।

दरअसल, गैस एजेंसी के संचालन के लिए गोदाम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी होता है। इसलिए शिकायतकर्ता ने संबंधित दस्तावेजों की जांच को भी पूरे मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।

अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

भाजपा नेता ने केवल एजेंसी के संचालन तक ही शिकायत को सीमित नहीं रखा है। उन्होंने मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

शिकायत में एजेंसी के आवंटन से लेकर उसके वर्तमान संचालन तक की प्रक्रिया की समीक्षा करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा गोदाम से जुड़े दस्तावेज, एजेंसी संचालक की भूमिका और उपभोक्ताओं से संबंधित कथित वसूली के मामलों की भी जांच कराने की मांग की गई है।

तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन

अनिल द्विवेदी के अनुसार, उन्होंने IOCL के प्रदेश प्रमुख भोद्रो लकरा के समक्ष पूरे मामले को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि प्रदेश प्रमुख ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन दिन के भीतर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि IOCL की ओर से मामले की जांच किस स्तर पर की जाती है और जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाह

रॉबर्ट्सगंज इंडेन गैस एजेंसी को लेकर सामने आई इस शिकायत के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा है। फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। संबंधित गैस एजेंसी या आरोपों में नामित पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर वह भी मामले की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकती है।

इस पूरे प्रकरण में अब मुख्य रूप से एजेंसी के आवंटन की प्रक्रिया, संचालन की वैधता, गोदाम के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज और उपभोक्ताओं से कथित अतिरिक्त वसूली के आरोपों की जांच महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो IOCL की ओर से की जाने वाली कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।

फिलहाल भाजपा नेता की शिकायत के बाद गेंद IOCL के पाले में है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।