आयुष्मान भारत से 48.51 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा, 2.03 लाख करोड़ रुपये के इलाज का कवरेज

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Digital UP News Desk

नई दिल्लीः आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज को मजबूत करने वाली प्रमुख योजनाओं में शामिल है। 23 सितंबर 2018 को शुरू हुई इस योजना ने आठ वर्षों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 21 सितंबर 2026 तक देश में 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो भारत की लगभग 33 प्रतिशत आबादी को कवर करते हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक AB-PMJAY के तहत 13.25 करोड़ से अधिक अस्पताल दाखिलों के लिए करीब 2.03 लाख करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सेवाओं को वित्तपोषित किया गया है। योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल भर्ती कवरेज मिलता है। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारी या सर्जरी की स्थिति में परिवारों पर पड़ने वाले बड़े चिकित्सा खर्च को कम करना है।

38 हजार से अधिक अस्पताल योजना से जुड़े

AB-PMJAY के तहत देशभर में 38,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इन अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से पात्र लाभार्थी द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। योजना में 27 चिकित्सा विशेषज्ञताओं से जुड़ी 1,961 प्रक्रियाएं शामिल हैं।

इसके अलावा, मार्च 2024 में योजना का विस्तार आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के परिवारों तक किया गया। 21 सितंबर 2026 तक इन श्रेणियों से जुड़े लाभार्थियों के लिए 44.81 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

इसी क्रम में 11 सितंबर 2024 को 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना के दायरे में लाया गया। इसके परिणामस्वरूप लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की संभावना बनी। 21 सितंबर 2026 तक 1.36 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं।

ग्रामीण और शहरी गरीबों तक पहुंच

योजना में लाभार्थियों की पहचान मुख्य रूप से सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 के निर्धारित मानकों के आधार पर की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार पात्रता के दायरे में आते हैं, जिनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति कमजोर है। इनमें कच्ची दीवार और छत वाले एक कमरे के घरों में रहने वाले परिवार, वयस्क सदस्य से वंचित परिवार, महिला मुखिया वाले कुछ परिवार, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार तथा भूमिहीन मजदूर परिवार शामिल हैं।

वहीं, शहरी क्षेत्रों में कूड़ा बीनने वालों, घरेलू कामगारों, स्ट्रीट वेंडरों, निर्माण श्रमिकों, प्लंबर, राजमिस्त्री, पेंटर, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मियों, माली, दर्जी, रिक्शा चालक, ड्राइवर, दुकान सहायकों, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, धोबी और चौकीदार जैसी श्रेणियों को पात्रता के तहत शामिल किया गया है।

इसके अतिरिक्त भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, कुछ सड़क दुर्घटना पीड़ितों, ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र लाभार्थियों, PM CARES for Children के पात्र बच्चों, पहचाने गए सफाई कर्मियों तथा PM-JANMAN के तहत आने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए भी अलग-अलग पहलों के माध्यम से स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है।

आयुष्मान भारत के चार प्रमुख स्तंभ

सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज को व्यापक बनाने के लिए सरकार ने आयुष्मान भारत के तहत कई योजनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है। AB-PMJAY के साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घरों के करीब पहुंचाने का काम करते हैं। यहां बीमारी की जांच और प्रबंधन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, ओरल हेल्थ, आंखों और ईएनटी से जुड़ी सेवाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही आवश्यक दवाएं और जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

ई-संजीवनी के माध्यम से इन केंद्रों से मरीज जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों से टेलीमेडिसिन परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। 17 सितंबर 2026 तक आयुष्मान आरोग्य मंदिर समेत अन्य केंद्रों पर 50 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि इन केंद्रों पर 540 करोड़ से अधिक लोगों के आगमन का आंकड़ा दर्ज किया गया है।

डिजिटल स्वास्थ्य को मिला नया आधार

सितंबर 2021 में शुरू किया गया आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत ABHA यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के माध्यम से नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य पहचान उपलब्ध कराई जाती है।

17 सितंबर 2026 तक 97.61 करोड़ से अधिक ABHA आईडी सक्रिय हैं और 119.95 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड इन खातों से जोड़े जा चुके हैं। इसके अलावा 5.78 लाख से अधिक सत्यापित स्वास्थ्य सुविधाएं और करीब 11 लाख स्वास्थ्य पेशेवर डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क से जुड़े हैं।

PM-ABHIM से मजबूत हो रहा स्वास्थ्य ढांचा

स्वास्थ्य व्यवस्था की भौतिक क्षमता बढ़ाने के लिए 25 अक्टूबर 2021 को PM-ABHIM शुरू किया गया था। 2021 से 2026 के लिए 64,180 करोड़ रुपये के बजट वाली इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य अवसंरचना, रोग निगरानी और स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करना है।

इसके तहत उच्च प्राथमिकता वाले राज्यों में ग्रामीण स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों और ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों को समर्थन दिया जा रहा है। साथ ही जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और बड़ी आबादी वाले जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक विकसित करने की योजना है।

स्वास्थ्य खर्च कम करने पर जोर

सरकार के अनुसार, सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं और सरकारी वित्तपोषण में वृद्धि से लोगों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य खर्च को कम करने में मदद मिली है। AB-PMJAY अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा देता है, आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, ABDM डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ता है और PM-ABHIM स्वास्थ्य ढांचे की क्षमता बढ़ाता है।

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